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घोषणा तक ही सीमित रह गया बोनस
Pratapgarh
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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प्रतापगढ़। राज्य कर्मियों को प्रसन्न करने के लिए शासन ने दीपावली पर बोनस देने की घोषणा की थी। मगर बजट आने की बात तो दूर अभी तक जिले में शासनादेश भी नहीं पहुंचा है। इससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है।
सूबे की सरकार ने कर्मचारियों को दीपावली पर तीस दिन का बोनस देने की घोषणा की थी। सरकार ने 17 अक्तूबर को घोषणा कर अधिकतम 4800 रुपये वेतनग्रेड वाले कर्मचारियों को 3454 रुपये बोनस देने का फैसला किया था। बोनस की घोषणा से कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। कर्मचारियों की खुशी इसलिए भी दोगुनी थी कि दीपावली पर वेतन तो नहीं मिल सकेगा, लेकिन बोनस की रकम से त्योहार अच्छे ढंग से बीत जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो माह के अंतिम सप्ताह में दीपावली, दशहरा और होली के पर्व पर वेतन सप्ताह भर पहले दिया जा सकता है। मगर दूसरे सप्ताह में कोई त्योहार पड़ने पर अग्रिम वेतन भुगतान का प्राविधान नहीं है। इस वर्ष किसी भी विभाग के कर्मचारी को दीपावली के पहले वेतन और बोनस नहीं मिला है।
जिले के लगभग साढे़ अठारह हजार कर्मचारियों में बोनस नहीं मिलने से मायूसी है। कर्मचारी अवकाश के दो दिन पूर्व से विभाग के कैशियर और अधिकारी से बोनस की बाबत जानकारी करते रहे। मगर एक ही उत्तर मिला कि अभी तक आदेश नहीं आया है। वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि अक्तूबर का वेतन भुगतान कर दिया गया है। बोनस बिल आते ही भुगतान किया जाएगा।
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राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष केपी सिंह ने कहा है कि बोनस की घोषणा मात्र औपचारिकता बनकर रह गई है।सरकार वास्तव में कर्मचारियों को त्योहार पर बोनस नहीं देना चाहती। इसलिए घोषणा के बाद बजट जारी करने में तेजी नहीं दिखाई। अगर सरकार वास्तव में त्योहार के पहले बोनस देना चाहती तो इसके क्रियान्वयन में तेजी का आदेश भी दे सकती है। मगर अभी तक आदेश की प्रति ही मुख्यालय नहीं पहुंची है।
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सूबे की सरकार ने कर्मचारियों को दीपावली पर तीस दिन का बोनस देने की घोषणा की थी। सरकार ने 17 अक्तूबर को घोषणा कर अधिकतम 4800 रुपये वेतनग्रेड वाले कर्मचारियों को 3454 रुपये बोनस देने का फैसला किया था। बोनस की घोषणा से कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। कर्मचारियों की खुशी इसलिए भी दोगुनी थी कि दीपावली पर वेतन तो नहीं मिल सकेगा, लेकिन बोनस की रकम से त्योहार अच्छे ढंग से बीत जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो माह के अंतिम सप्ताह में दीपावली, दशहरा और होली के पर्व पर वेतन सप्ताह भर पहले दिया जा सकता है। मगर दूसरे सप्ताह में कोई त्योहार पड़ने पर अग्रिम वेतन भुगतान का प्राविधान नहीं है। इस वर्ष किसी भी विभाग के कर्मचारी को दीपावली के पहले वेतन और बोनस नहीं मिला है।
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जिले के लगभग साढे़ अठारह हजार कर्मचारियों में बोनस नहीं मिलने से मायूसी है। कर्मचारी अवकाश के दो दिन पूर्व से विभाग के कैशियर और अधिकारी से बोनस की बाबत जानकारी करते रहे। मगर एक ही उत्तर मिला कि अभी तक आदेश नहीं आया है। वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि अक्तूबर का वेतन भुगतान कर दिया गया है। बोनस बिल आते ही भुगतान किया जाएगा।
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राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष केपी सिंह ने कहा है कि बोनस की घोषणा मात्र औपचारिकता बनकर रह गई है।सरकार वास्तव में कर्मचारियों को त्योहार पर बोनस नहीं देना चाहती। इसलिए घोषणा के बाद बजट जारी करने में तेजी नहीं दिखाई। अगर सरकार वास्तव में त्योहार के पहले बोनस देना चाहती तो इसके क्रियान्वयन में तेजी का आदेश भी दे सकती है। मगर अभी तक आदेश की प्रति ही मुख्यालय नहीं पहुंची है।