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बुखार और खांसी से पीड़ित हैं जिले में 973 लोग

Fri, 17 Jul 2020 01:16 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2020 01:16 AM IST
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973 people are suffering from fever, cold in city
हाटस्पाट क्षेत्र राजापाल चौराहे पर बेरोकटोक बैरियर पार कर बाहर निकलते लोग। - फोटो : PRATAPGARH
सर्वे के बाद सैंपल लेकर जांच कराना भूल गया स्वास्थ्य विभाग
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प्रतापगढ़। कोरोना वायरस की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना हुआ है। संचारी रोग पखवाड़ा अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जिले के 973 लोग ऐसे मिले जो सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित हैं। अभी तक एक भी मरीज की सैंपलिंग नहीं हो सकी। अब स्वास्थ्य विभाग के अभियान पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
महामारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रदेश सरकार के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने आठ दिनों तक जिले में टीमें भेजकर सर्वे कराया। सर्वे में खांसी और बुखार से 973 लोग पीड़ित पाए गए। शासन ने ऐसे लोगों का तत्काल सैंपल लेकर जांच कराने के लिए सीएमओ को आदेश दिया था, मगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया। शासन ने आदेश दिया है कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को चिह्नित किया जाए। लगातार उनकी देखरेख की जाए। बुखार और खांसी के साथ गुर्दा रोगियों का सैंपल लेकर जांच कराई जाए।
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ऐसे मरीजों को संभव हो तो अस्पताल में रखा जाए। यदि वे घर पर स्वस्थ्य हैं तो समय-समय पर उनके पास दवाएं भेजी जाएं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिले में सर्वे अभियान भी पूरा हो गया। इसमें 973 लोग खांसी और बुखार से पीड़ित मिले हैं। वहीं 8692 मधुमेह तो 4258 लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित पाए गए हैं। इन मरीजों के दरवाजे पर दूसरी बार न तो टीम गई और न ही ऐसे मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।
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कागज पर किया गया सर्वे, घट गए मरीज
शासन के आदेश पर सिर्फ खानापूर्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीमों का गठन कर सर्वे कराया। टीमें कुछ घरों में गईं तो कई जगहों पर बैठे-बैठे रिपोर्ट लगा दी गई। दरअसल, गांव की आशा को सर्वे करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग ने दी थी। ऐसे में उन्होंने मनमानी रिपोर्ट तैयार कर ली।

सर्वे में एक-एक सुपरवाइजर लगाए गए थे। सर्वे के साथ घर-घर टीमों को भेजकर एक स्टीकर लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसे में किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। डर के कारण लोग खुद अपनी बीमारी छिपा रहे हैं। -डॉक्टर एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ।
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