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जिले में कार्डियोलॉजिस्ट के 84 पद स्वीकृत, तैनाती एक की नहीं

Sun, 24 Mar 2019 12:34 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 24 Mar 2019 12:34 AM IST
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84 posts of cardiologist approved in the district, no one deployed
हृदय रोग
 जिले के सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। सीएचसी, पीएचसी तो दूर जिला अस्पताल में भी कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में हृदय के मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ दे रहे हैं। हार्टअटैक आने पर उन्हें तुरंत इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में मरीजों की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। प्रयागराज पहुंचते-पहुंचते मरीज दम तोड़ देते हैं। 
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जनपद में 27  सीएचसी,  55 पीएचसी, पांच ब्लाक स्तर के अस्पतालों के साथ ही जिला व जिला महिला अस्पताल का संचालन हो रहा है। इन अस्पतालों में मरीजों की देखरेख के साथ इलाज करने के लिए शासन ने कार्डियोलॉजिस्ट के 84 पद स्वीकृत किए हैं। पीएचसी और सीएचसी तो दूर जिला अस्पताल में भी एक भी कॉर्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के ही आंकड़े बताते हैं कि जिले में 40 प्रतिशत के करीब लोग हृदय रोग की समस्या से जूझ रहे हैं।
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समय पर जांच और इलाज न हो पाने के कारण अक्सर लोगों की मौत हो जाती है। हार्टअटैक आने पर मरीज को तुरंत इलाज नहीं मिल पाता है। प्रयागराज और लखनऊ पहुंचते-पहुंचते मरीज की जान चली जाती है। सरकारी अस्पतालों में जांच के नाम पर महज ईसीजी मशीन की व्यवस्था की गई है। 55 रुपये लेकर मरीजों की जांच तो नर्स कर देती है, मगर इलाज के लिए डॉक्टर नहीं मिलते हैं। ऐसे में मरीजों को लखनऊ और प्रयागराज का चक्कर काटना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के मुखिया इससे अनजान बने हैं। 
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फिजिशियन देखते हैं रिपोर्ट और करते हैं इलाज
जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन ही हृदय रोगियों का भी इलाज करते हैं। ईसीजी के बाद वही रिपोर्ट भी देखते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मरीजों को उनके इलाज से कितनी राहत मिलती होगी। 

इकलौते कॉर्डियोलॉजिस्ट का चार साल पहले गैर जनपद हो गया था तबादला
जनपद के सरकारी अस्पतालों में इकलौते कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर पीएस मिश्र की तैनाती थी। चार साल पहले शासन ने उन्हें सीएमओ बनाकर गैर जनपद भेज दिया। डॉक्टर पीएस मिश्र के जाने के बाद से एक भी नए कॉर्डियोलॉजिस्ट की तैनाती शासन ने नहीं की।  


कॉर्डियोलॉजिस्ट के अभाव में मरीजों को परेशान जरूर होना पड़ रहा है। हर माह शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट के माध्यम से अवगत कराया जाता है कि एक भी ह्दयरोग के चिकित्सक की तैनाती जनपद में नहीं है। मरीज परेशान हो रहे हैं। डेढ़ माह पहले शासन ने आश्वासन दिया था कि चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। हो सकता है कि चुनाव के बाद किसी न किसी चिकित्सक की तैनाती शासन कर दे। एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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