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जन जन कै बनी बाटै पहचान आज हिंदी........
Updated Tue, 18 Sep 2018 11:56 PM IST
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हिंदी पखवाड़ा के तहत नगर के दीवानी रोड स्थित गर्ग निलयम परिसर में कवि सम्मेलन एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अभ्युदय फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ परवाना प्रतापगढ़ी की सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात कवि नागेंद्र अनुज सुंदर सुखद संसार हिंदी का, आइए मिल कर करें सत्कार हिंदी का सुनाया तो लोग भावविभोर हो गए। अनीस देहाती ने जन जन कै बनी बाटै आज पहचान हिंदी, पावति अहै जगत में आज सम्मान हिंदी, रायबरेली के गीतकार निर्मल प्रकाश श्रीवास्तव ने कौन पूजा घरों में करे अर्चना, सब पुजारी यहां माफिया हो गए, हास्य कवि आशुतोष आशु ने रोटी रोटी मत चिल्लाओ, बहरी ये सरकार बहुत है के माध्यम से मंहगाई पर तंज कसा।
कानपुर के प्रभाकर मिश्र ने मैं मुसाफिर रात बस कुछ है यहां पर काटना, गम भरे इस शहर में चाहूं मैं खुशियां बांटना, कार्यक्रम के संयोजक अंजनी अमोघ ने असीमित अपरिमित गुणगान है हिंदी, राष्ट्रभाषा बनने की हकदार है हिंदी सुनाया तो लोग तालियां पीटने को मजबूर हुए। रायबरेली के बृजेश श्रीवास्तव तनहा ने कौन बड़ा है कौन है छोटा, हम भेद समझ न पाए, सुनील प्रभाकर ने हम अपनी राहे चलते हैं, जो जलते हैं वो जलते हैं, अनूूप अनुपम ने हिंदी है भारत की बिंदी, हिंदी हिंदुस्तान है सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसी क्रम में संतोष विद्रोही, अजीत शुक्ल, रामचंद्र सरस, रामलगन आशीष, नियाज प्रतापगढ़ी, लवलेश यदुवंशी, प्रमोद प्रियदर्शी, डा. सुधांशु, ओम प्रकाश पंक्षी, कमलेश कमल, ने भी काव्य पाठ कर हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार राजमूर्ति सौरभ व संचालन कवि संतोष संगम ने किया।
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कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति द्वारा हिंदी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए साहित्यकार निर्मल प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमोद प्रियदर्शी, चिकित्सक प्रमोद यादव, डा. प्रमोद जायसवाल, आचार्य रामअवधेश मिश्र, प्रो. शक्तिकुमार पांडेय, पत्रकार चंद्रशेखर तिवारी, सुरेंद्र तिवारी सागर को अवध रत्न सम्मान प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी वीके शुक्ल ने अपने संबोधन में हिंदी भाषा के संवर्धन पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि रूलर बार एसोशिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्ुाक्ल ने कहा कि हिंदी तभी राष्ट्र भाषा का संवैधानिक दर्जा मिल सकेगा। आभार प्रदर्शन टाउन एरिया की चेयरपर्सन के प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी ने किया। इस मौके पर राजेश मिश्र, प्रदीप मिश्र, ओम नारायण तिवारी, भूपेश तिवारी, सुधांशु ओझा, नवीन शुक्ल, अम्ब्रीश मिश्र, सौरभ त्रिपाठी, मनोज तिवारी आदि रहे।
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कानपुर के प्रभाकर मिश्र ने मैं मुसाफिर रात बस कुछ है यहां पर काटना, गम भरे इस शहर में चाहूं मैं खुशियां बांटना, कार्यक्रम के संयोजक अंजनी अमोघ ने असीमित अपरिमित गुणगान है हिंदी, राष्ट्रभाषा बनने की हकदार है हिंदी सुनाया तो लोग तालियां पीटने को मजबूर हुए। रायबरेली के बृजेश श्रीवास्तव तनहा ने कौन बड़ा है कौन है छोटा, हम भेद समझ न पाए, सुनील प्रभाकर ने हम अपनी राहे चलते हैं, जो जलते हैं वो जलते हैं, अनूूप अनुपम ने हिंदी है भारत की बिंदी, हिंदी हिंदुस्तान है सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
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इसी क्रम में संतोष विद्रोही, अजीत शुक्ल, रामचंद्र सरस, रामलगन आशीष, नियाज प्रतापगढ़ी, लवलेश यदुवंशी, प्रमोद प्रियदर्शी, डा. सुधांशु, ओम प्रकाश पंक्षी, कमलेश कमल, ने भी काव्य पाठ कर हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार राजमूर्ति सौरभ व संचालन कवि संतोष संगम ने किया।
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कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति द्वारा हिंदी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए साहित्यकार निर्मल प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमोद प्रियदर्शी, चिकित्सक प्रमोद यादव, डा. प्रमोद जायसवाल, आचार्य रामअवधेश मिश्र, प्रो. शक्तिकुमार पांडेय, पत्रकार चंद्रशेखर तिवारी, सुरेंद्र तिवारी सागर को अवध रत्न सम्मान प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी वीके शुक्ल ने अपने संबोधन में हिंदी भाषा के संवर्धन पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि रूलर बार एसोशिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्ुाक्ल ने कहा कि हिंदी तभी राष्ट्र भाषा का संवैधानिक दर्जा मिल सकेगा। आभार प्रदर्शन टाउन एरिया की चेयरपर्सन के प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी ने किया। इस मौके पर राजेश मिश्र, प्रदीप मिश्र, ओम नारायण तिवारी, भूपेश तिवारी, सुधांशु ओझा, नवीन शुक्ल, अम्ब्रीश मिश्र, सौरभ त्रिपाठी, मनोज तिवारी आदि रहे।