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फिर लौटा तेंदुआ, दिखे पैरों के निशान
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फिर लौटा तेंदुआ, दिखे पैरों के निशान
जानकारी पर वन विभाग के लोगों ने बदली कैमरे की जगह
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। एक बार फिर से तेंदुए के पैरों के निशान मिलने से शहावपुर गांव में हड़कंप मच गया है। शनिवार को भी पैरों के निशान दिखे थे, लेकिन वाहनों के आने-जाने के बाद निशान मिट गए थे। रविवार को निशान देाबारा दिखा तो उसकी फोटो ली गई। रविवार को कैमरे भी उधर ही लगा दिए गए।
विकास खंड के शहावपुर गांव में एक बार फिर से तेंदुए के पैरों के निशान दिखे हैं। इससे हड़कंप मच गया है। शनिवार को गांव के दक्षिणी किनारे की तरफ एक चकरोड पर उसके पैरों के निशान देखे गए थे, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। वाहन आने-जाने के दौरान निशान मिट गए। रविवार को निशान फिर दिखे तो प्रधान राजेश प्रभाकर सिंह ने इसकी फोटो खींचकर वन विभाग के अधिकारियों को भेजी। इस पर उसके तेंदुआ होने की पुष्टि हुई। देर शाम कैमरे का स्थान फिर से बदला गया। हालांकि रविवार को कालाकांकर रेंज के लोगों की ड्यूटी लगी थी। बावजूद इसके वहां से एक ही आदमी ड्यूटी पर आया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश रहा। ग्रामीणों का मानना है कि दक्षिण की तरफ मौजूद जंगल में वह जाकर रह रहा है।
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जानकारी पर वन विभाग के लोगों ने बदली कैमरे की जगह
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। एक बार फिर से तेंदुए के पैरों के निशान मिलने से शहावपुर गांव में हड़कंप मच गया है। शनिवार को भी पैरों के निशान दिखे थे, लेकिन वाहनों के आने-जाने के बाद निशान मिट गए थे। रविवार को निशान देाबारा दिखा तो उसकी फोटो ली गई। रविवार को कैमरे भी उधर ही लगा दिए गए।
विकास खंड के शहावपुर गांव में एक बार फिर से तेंदुए के पैरों के निशान दिखे हैं। इससे हड़कंप मच गया है। शनिवार को गांव के दक्षिणी किनारे की तरफ एक चकरोड पर उसके पैरों के निशान देखे गए थे, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। वाहन आने-जाने के दौरान निशान मिट गए। रविवार को निशान फिर दिखे तो प्रधान राजेश प्रभाकर सिंह ने इसकी फोटो खींचकर वन विभाग के अधिकारियों को भेजी। इस पर उसके तेंदुआ होने की पुष्टि हुई। देर शाम कैमरे का स्थान फिर से बदला गया। हालांकि रविवार को कालाकांकर रेंज के लोगों की ड्यूटी लगी थी। बावजूद इसके वहां से एक ही आदमी ड्यूटी पर आया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश रहा। ग्रामीणों का मानना है कि दक्षिण की तरफ मौजूद जंगल में वह जाकर रह रहा है।
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