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फर्जीवाड़ा करने वाले एनजीओ को अभयदान

Wed, 19 Dec 2018 11:16 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 19 Dec 2018 11:16 PM IST
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फर्जीवाड़ा करने वाले एनजीओ को अभयदान
फर्जीवाड़ा करने वाले एनजीओ को अभयदान
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तीन महीने प्रशिक्षण देने के बहाने में विभाग में बनाई थी पैठ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के कस्तूरबा और मिडिल स्कूलों में मानदेय पर शिक्षिका और निरीक्षिका के नाम पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर लाखों की वसूली करने के मामले में शिक्षा विभाग के अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। विभागीय अफसर माम ले की जांच कराना भी उचित नहीं समझ रहे हैं। दरअसल, बीएसए ने ही नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण की अनुमति दी थी। मगर जब एनजीओ के खेल का खुलासा हुआ तो उन्होंने सभी को पूर्व में ही हटाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में शिक्षिका और निरीक्षिका के पद पर फर्जी ढंग से तैनाती करने वाले एनजीओ संचालक को विभागीय अफसरों ने अभयदान दे दिया है। उसने स्कूलों में कौशल विकास का नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए बीएसए से अनुमति ली थी, लेकिन बाद में फर्जीवाड़ा करने लगा। उसने यह अनुमति सिर्फ तीन माह के लिए ली थी। मगर शिक्षिका और निरीक्षिका की जो फर्जी नियुक्ति की, उसमें ठगी गईं महिलाओं से एक साल कार्य करने को कहा था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर बीएसए के संज्ञान में मामला आते ही स्कूलों में तैनात शिक्षिका और निरीक्षिका को बाहर करके पूर्व में ऐसा करने की जानकारी दी गई। एनजीओ संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विभागीय अधिकारी तैयार नहीं हो रहे हैं। विभागीय जानकारों की मानें तो विभाग के एक जिला समन्वयक के माध्यम से एनजीओ संचालक ने अपनी पैठ बनाई और अफसरों को रबड़ी, मलाई खिलाकर पहले विश्वास जमाया और फिर अपना खेल शुरू किया। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मैने किसी को मानदेय दिया नहीं है, इसलिए कार्रवाई करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है।
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बीईओ पर गिरी गाज, चित्रकूट हुआ तबादला
टीईटी में एबीआरसी के नकल कराने का मामला, बीईओ के साथ केंद्र में घुसा था
प्रतापगढ़। टीईटी में नकल कराने वाले एबीआरसी के कारनामे की सजा खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश जायसवाल को भुगतनी पड़ी है। बीएसए की रिपोर्ट पर अपर शिक्षा निदेशक ने उनका चित्रकूट जिले के लिए तबादला कर दिया है।
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जिले के पट्टी स्थित रामराज इंटरमीडिएट कालेज में 18 नवंबर को हुई टीईटी परीक्षा में पर्यवेक्षक बनाए गए बीईओ सत्यप्रकाश जायसवाल के साथ शिवगढ़ विकास खंड में तैनात एबीआरसी विनय कुमार सिंह ने अवैध रूप से घुसकर परीक्षार्थी रीमा सिंह को सॉल्व कापी थमा दी थी। पट्टी कोतवाली में विनय कुमार सिंह और रीमा सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद डीआईओएस ने बीएसए को पत्र लिखकर बीईओ के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने 29 नवंबर को पत्र लिखकर बीईओ के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की थी। अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) विनय कुमार पांडेय ने खंड शिक्षा अधिकारी सत्यप्रकाश जायसवाल को इसी पद पर चित्रकूट जिले के लिए स्थानांतरित कर दिया है।
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