{"_id":"5c829dd5bdec2214435fa930","slug":"51552063957-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एरियर के साढ़े दस करोड़ दबाकर बैठे हैं बाबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एरियर के साढ़े दस करोड़ दबाकर बैठे हैं बाबू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एरियर के साढ़े दस करोड़ दबाकर बैठे हैं बाबू
सातवें वेतन आयोग की 50 प्रतिशत धनराशि का करना है भुगतान
31 मार्च तक भुगतान नहीं करने पर स्वत: वापस हो जाएगी धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के विभिन्न विभागों में वर्षों से जमे बाबुओं की तूती बोल रही है। सात माह पहले कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान करने के लिए मिले 10.68 करोड़ रुपये वह अभी दबाकर बैठे हुए हैं। अगर, बाबुओं ने इस एरियर को कर्मचारियों के खाते में भुगतान नहीं किया तो यह धनराशि 31 मार्च को स्वत: वापस हो जाएगी।
जिले के 21,459 हजार कर्मचारियों को वर्ष 2017 में सातवें वेतन आयोग का तोहफा मिलने के बाद शासन ने एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक के वेतन को एरियर के रूप में भुगतान करने को कहा था। शासन ने वित्तीय बोझ को कम करने के लिए पचास प्रतिशत धनराशि वर्ष 2018 और पचास प्रतिशत धनराशि 2019 में देने का निर्णय लिया था। चालू वित्तीय वर्ष में पचास प्रतिशत एरियर का भुगतान करने के लिए जिले को 10.68 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। आलम यह है कि अधिकांश विभागों के बाबुओं ने अभी तक एरियर का भुगतान नहीं किया है। इससे यह धनराशि विभागों में डंप है। कुछ विभागों के बाबू की आड़ में अफसर भी जेब भरने में लगे हुए हैं। इससे कर्मचारियों के हक पर डाका डाला जा रहा है। जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडेड इंटर कॉलेजों के लिए 2.0 करोड़, संस्कृत शिक्षकों के लिए 3.93 करोड़, सीएमओ कार्यालय के लिए 1.31 करोड़, कृषि विभाग के लिए 1.50 करोड़, डीडीओ के लिए 1.94 करोड़ रुपये अभी भी डंप हैं। अगर विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो 31 मार्च को यह धनराशि वापस हो जाएगी।
इनसेट--------
जीपीएफ और पीपीएफ में जाएगी अधिकांश धनराशि
कर्मचारियों को एरियर के रूप में मिलने वाली अधिकांश राशि कर्मचारियों और शिक्षकों के जीपीएफ और पीपीएफ खाते में जाएगी। जो धनराशि मिलनी है, उसमें बीस प्रतिशत ही नकद धनराशि मिलेगी। मगर कर्मचारियों को यह धनराशि लाख में मिलने से एक बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
इनसेट-------
आयकर में मिलेगी राहत
सातवें वेतन आयोग के एरियर की राशि भले ही जीपीएफ और पीपीएफ खाते में जमा होगी, मगर इससे सबसे बड़ा फायदा आयकर से राहत में मिलेगी। दरअसल, जो धनराशि खाते में जाएगी, उसकी गणना 1.50 लाख की बचत में शामिल होगी। ऐसा इसलिए होगा कि एरियर की राशि से आयकर काटकर भेजा जा रहा है। इसलिए कर्मचारी परेशान हैं कि उन्हें जल्दी से एरियर की रकम मिल जाए।
वर्जन-----
जिले के सभी विभागों को पत्र जारी करके एरियर की धनराशि सभी कर्मचारियों के खाते में भेजने को कहा गया है। अगर किसी विभाग में धनराशि वापस होती है तो उसके विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे।
शत्रुघ्न वैश्य, अपर जिला अधिकारी
विज्ञापन
सातवें वेतन आयोग की 50 प्रतिशत धनराशि का करना है भुगतान
31 मार्च तक भुगतान नहीं करने पर स्वत: वापस हो जाएगी धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के विभिन्न विभागों में वर्षों से जमे बाबुओं की तूती बोल रही है। सात माह पहले कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान करने के लिए मिले 10.68 करोड़ रुपये वह अभी दबाकर बैठे हुए हैं। अगर, बाबुओं ने इस एरियर को कर्मचारियों के खाते में भुगतान नहीं किया तो यह धनराशि 31 मार्च को स्वत: वापस हो जाएगी।
जिले के 21,459 हजार कर्मचारियों को वर्ष 2017 में सातवें वेतन आयोग का तोहफा मिलने के बाद शासन ने एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक के वेतन को एरियर के रूप में भुगतान करने को कहा था। शासन ने वित्तीय बोझ को कम करने के लिए पचास प्रतिशत धनराशि वर्ष 2018 और पचास प्रतिशत धनराशि 2019 में देने का निर्णय लिया था। चालू वित्तीय वर्ष में पचास प्रतिशत एरियर का भुगतान करने के लिए जिले को 10.68 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। आलम यह है कि अधिकांश विभागों के बाबुओं ने अभी तक एरियर का भुगतान नहीं किया है। इससे यह धनराशि विभागों में डंप है। कुछ विभागों के बाबू की आड़ में अफसर भी जेब भरने में लगे हुए हैं। इससे कर्मचारियों के हक पर डाका डाला जा रहा है। जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडेड इंटर कॉलेजों के लिए 2.0 करोड़, संस्कृत शिक्षकों के लिए 3.93 करोड़, सीएमओ कार्यालय के लिए 1.31 करोड़, कृषि विभाग के लिए 1.50 करोड़, डीडीओ के लिए 1.94 करोड़ रुपये अभी भी डंप हैं। अगर विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो 31 मार्च को यह धनराशि वापस हो जाएगी।
विज्ञापन
इनसेट--------
जीपीएफ और पीपीएफ में जाएगी अधिकांश धनराशि
कर्मचारियों को एरियर के रूप में मिलने वाली अधिकांश राशि कर्मचारियों और शिक्षकों के जीपीएफ और पीपीएफ खाते में जाएगी। जो धनराशि मिलनी है, उसमें बीस प्रतिशत ही नकद धनराशि मिलेगी। मगर कर्मचारियों को यह धनराशि लाख में मिलने से एक बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
इनसेट-------
आयकर में मिलेगी राहत
सातवें वेतन आयोग के एरियर की राशि भले ही जीपीएफ और पीपीएफ खाते में जमा होगी, मगर इससे सबसे बड़ा फायदा आयकर से राहत में मिलेगी। दरअसल, जो धनराशि खाते में जाएगी, उसकी गणना 1.50 लाख की बचत में शामिल होगी। ऐसा इसलिए होगा कि एरियर की राशि से आयकर काटकर भेजा जा रहा है। इसलिए कर्मचारी परेशान हैं कि उन्हें जल्दी से एरियर की रकम मिल जाए।
वर्जन-----
जिले के सभी विभागों को पत्र जारी करके एरियर की धनराशि सभी कर्मचारियों के खाते में भेजने को कहा गया है। अगर किसी विभाग में धनराशि वापस होती है तो उसके विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे।
शत्रुघ्न वैश्य, अपर जिला अधिकारी