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चाय-पान की दुकानों पर जीत हार की चर्चा
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चाय-पान की दुकानों पर जीत हार की चर्चा
आंकड़ा पेश कर बता रहे अपनी जीत पक्की
प्रत्याशियों को बूथों पर हुए मतदान की देते रहे जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा चुनाव के बाद हार-जीत को लेकर चाय-पान की दुकानों पर समर्थक चर्चा में मशगूल रहे। अपने प्रत्याशी को बूथ पर पड़े मतदान का आंकड़ा बताते हुए जीत पक्की की गारंटी भी देते दिखे।
प्रतापगढ़ संसदीय सीट का चुनाव रविवार को संपन्न हुआ। इस लोकसभा क्षेत्र में रामपुर खास, पट्टी, विश्वनाथगंज, सदर, रानीगंज विधानसभा शामिल हैं। गत लोकसभा चुनाव में भाजपा-अद गठबंधन के प्रत्याशी हरिवंश सिंह की जीत हुई थी। शोर शराबा न करने के कारण प्रशासन की नजरों में संवेदनशील इलाकों में भी कहीं बवाल नहीं हुआ। मतदान के बाद सोमवार को ग्रामीण अंचलों की बाजारों में चुनाव के बाद परिणाम को लेकर बहस तेज हो गई। अपने प्रत्याशियों को जीता मान दूसरे दलों के लोगों से हार जीत की बाजी भी लगाते रहे। हर कोई अपने गांव के बूथ पर पड़े वोटों की चर्चा में मशगूल रहा। वहीं से बैठकर अपने प्रत्याशियों को भरोसा दिलाते दिखे कि उन लोगों की मेहनत कामयाब है। 23 मई को आने वाला परिणाम उनकी हक में है। समर्थकों की बात सुन प्रत्याशी भी फोन पर ही उनके प्रति आभार जता रहे थे। शहर के अंबेडकर चौराहा, कोषागार चौराहा, स्टेशन रोड, रानीगंज, पट्टी, चिलबिला, लालगंज, मानधाता, कोहड़ौर समेत प्रमुख स्थानों से लेकर छोटी बाजारों में भीं चुनाव परिणाम को लेकर समर्थकों के बीच जुबानी वार जारी रहा।
हार-जीत के गुणा-गणित में उलझे मठाधीश
कोई जातीय आंकड़ा तो कोई मूल वोटर की कर रहा है गणना
समर्थकों का दावा जीतेगा हमारा प्रत्याशी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। चुनाव समाप्त होते ही हार-जीत को लेकर मठाधीश गुणा-गणित करने में जुट गए हैं। कोई जातीय आंकड़े को आधार मानकर अपने प्रत्याशी की जीत बता रहा है, तो कोई पार्टी के वोट बैंक पर विश्वास जमाए हुए है। समर्थकों का आलम यह है कि वह अपने-अपने प्रत्याशी की जीत के जीत का दावा कर रहे हैं। बूथों पर मतों का ग्राफ भले ही उनके पक्ष में न रहा हो, मगर वह हार मानने को तैयार नहीं हैं।
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रविवार को लोकसभा का चुनाव सम्पन्न हो गया। प्रतापगढ़ संसदीय सीट के लिए हुआ मतदान कुल मिलाकर शांत रहा। अब लोगों की निगाहें 23 मई पर टिकी हुई हैं। प्रत्याशियों को जिताने का ठेका लेने वाले मठाधीश अपने-अपने पार्टी के नेताओं की जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं। कोई जातीय आंकड़ों के आधार पर जीत सुनिश्चित मानकर चल रहा है, तो कोई पार्टी की लहर की दुहाई दे रहा है। अधिकांश पार्टी के समर्थक मुसलिम वोट को निर्णायक मानकर चल रहे हैं तो कुछ लोग पिछड़ी जाति के मतदाताओं के ध्रुवीकरण होने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति यह है कि समर्थक अपने प्रत्याशी की हार सुनने को तैयार नहीं है। शहर के अंबेडकर चौराहे पर सोमवार को सियासी चर्चा के दौरान मीराभवन का एक व्यक्ति उस समय आक्रामक हो गया जब उनके पास बैठे युवक ने उनके पसंदीदा प्रत्याशी की जीत पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। फिलहाल कौन प्रत्याशी जीत रहा है, इस बात का फैसला 23 मई को होगा।
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आंकड़ा पेश कर बता रहे अपनी जीत पक्की
प्रत्याशियों को बूथों पर हुए मतदान की देते रहे जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा चुनाव के बाद हार-जीत को लेकर चाय-पान की दुकानों पर समर्थक चर्चा में मशगूल रहे। अपने प्रत्याशी को बूथ पर पड़े मतदान का आंकड़ा बताते हुए जीत पक्की की गारंटी भी देते दिखे।
प्रतापगढ़ संसदीय सीट का चुनाव रविवार को संपन्न हुआ। इस लोकसभा क्षेत्र में रामपुर खास, पट्टी, विश्वनाथगंज, सदर, रानीगंज विधानसभा शामिल हैं। गत लोकसभा चुनाव में भाजपा-अद गठबंधन के प्रत्याशी हरिवंश सिंह की जीत हुई थी। शोर शराबा न करने के कारण प्रशासन की नजरों में संवेदनशील इलाकों में भी कहीं बवाल नहीं हुआ। मतदान के बाद सोमवार को ग्रामीण अंचलों की बाजारों में चुनाव के बाद परिणाम को लेकर बहस तेज हो गई। अपने प्रत्याशियों को जीता मान दूसरे दलों के लोगों से हार जीत की बाजी भी लगाते रहे। हर कोई अपने गांव के बूथ पर पड़े वोटों की चर्चा में मशगूल रहा। वहीं से बैठकर अपने प्रत्याशियों को भरोसा दिलाते दिखे कि उन लोगों की मेहनत कामयाब है। 23 मई को आने वाला परिणाम उनकी हक में है। समर्थकों की बात सुन प्रत्याशी भी फोन पर ही उनके प्रति आभार जता रहे थे। शहर के अंबेडकर चौराहा, कोषागार चौराहा, स्टेशन रोड, रानीगंज, पट्टी, चिलबिला, लालगंज, मानधाता, कोहड़ौर समेत प्रमुख स्थानों से लेकर छोटी बाजारों में भीं चुनाव परिणाम को लेकर समर्थकों के बीच जुबानी वार जारी रहा।
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हार-जीत के गुणा-गणित में उलझे मठाधीश
कोई जातीय आंकड़ा तो कोई मूल वोटर की कर रहा है गणना
समर्थकों का दावा जीतेगा हमारा प्रत्याशी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। चुनाव समाप्त होते ही हार-जीत को लेकर मठाधीश गुणा-गणित करने में जुट गए हैं। कोई जातीय आंकड़े को आधार मानकर अपने प्रत्याशी की जीत बता रहा है, तो कोई पार्टी के वोट बैंक पर विश्वास जमाए हुए है। समर्थकों का आलम यह है कि वह अपने-अपने प्रत्याशी की जीत के जीत का दावा कर रहे हैं। बूथों पर मतों का ग्राफ भले ही उनके पक्ष में न रहा हो, मगर वह हार मानने को तैयार नहीं हैं।
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रविवार को लोकसभा का चुनाव सम्पन्न हो गया। प्रतापगढ़ संसदीय सीट के लिए हुआ मतदान कुल मिलाकर शांत रहा। अब लोगों की निगाहें 23 मई पर टिकी हुई हैं। प्रत्याशियों को जिताने का ठेका लेने वाले मठाधीश अपने-अपने पार्टी के नेताओं की जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं। कोई जातीय आंकड़ों के आधार पर जीत सुनिश्चित मानकर चल रहा है, तो कोई पार्टी की लहर की दुहाई दे रहा है। अधिकांश पार्टी के समर्थक मुसलिम वोट को निर्णायक मानकर चल रहे हैं तो कुछ लोग पिछड़ी जाति के मतदाताओं के ध्रुवीकरण होने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति यह है कि समर्थक अपने प्रत्याशी की हार सुनने को तैयार नहीं है। शहर के अंबेडकर चौराहे पर सोमवार को सियासी चर्चा के दौरान मीराभवन का एक व्यक्ति उस समय आक्रामक हो गया जब उनके पास बैठे युवक ने उनके पसंदीदा प्रत्याशी की जीत पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। फिलहाल कौन प्रत्याशी जीत रहा है, इस बात का फैसला 23 मई को होगा।