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नाराज किसानों ने कैबिनेट मंत्री का रोका काफिला
Updated Fri, 30 Nov 2018 08:31 PM IST
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नाराज किसानों ने कैबिनेट मंत्री का रोका काफिला
12 साल से नहर में पानी नहीं आने से नाराज हैं किसान
विश्वनाथगंज (ब्यूरो)। 12 वर्षों से नहर में पानी नहीं आने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह का काफिला रोककर विरोध प्रदर्शन किया। कैबिनेट मंत्री के 15 दिसंबर तक पानी आने का आश्वासन देने के बाद मंत्री का काफिला आगे बढ़ा। हालांकि किसानों को विश्वास दिलाने में मंत्री के करीबियों को पसीना बहाना पड़ा।
क्षेत्र के खुशहालगंज में गायत्री महायज्ञ के कार्यक्रम से लौट रहे ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह के काफिले को किसानों ने उस समय रोक लिया, जब वह मांधाता इलाके के गाल्हनपुर गांव स्थित नहर की पुलिया पर पहुंचा। वहां पहले से मौजूद सैकड़ों किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उनके साथ चल रहे स्कॉट टीम ने किसानों को सड़क से हटाने का प्रयास किया, लेकिन कैबिनेट मंत्री से मिले बगैर ग्रामीण हटने को तैयार नहीं थे। इससे पहले कि मामला बिगड़ता कैबिनेट मंत्री मोती सिंह अपनी कार से नीचे उतरे और आक्रोशित किसानों के बीच पहुंच कर 15 दिसंबर तक नहर में पानी आने का दावा किया। विश्वनाथगंज माइनर में पानी नहीं आने से किसानों की सैकड़ों एकड़ खेतों की बुआई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि विश्वनाथगंज-मानधाता को जोड़ने वाली सड़क कई वर्षों से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। इस दौरान अजय सिंह, शिव शंकर सिंह, आलोक सिंह, राम सिंह, सुमन सिंह, उदयराज, रामचंद्र, विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।
86.6 शौचालयों की जियोटैगिंग और शत-प्रतिशत ओडीएफ का दावा
शौचालय निर्मित होने की डीपीआरओ के पास नहीं है संख्या
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में शौचालय बनाने का लक्ष्य पूरा होने के पहले ही बेल्हा को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। डीपीआरओ के दावे से ही यह खुलासा होता है कि अभी शत-प्रतिशत शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है। फिलहाल शुक्रवार को जब उनसे पूछा गया कि 3.72 लाख शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक कितने शौचालय का निर्माण किया गया है, तो बताया कि यह रिपोर्ट ब्लाकों से मांगी गई है। हालांकि उन्होंने दावा किया है कि अभी तक 86.6 प्रतिशत शौचालयों का जियोटैगिंग किया गया है।
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) शुक्रवार को विकास भवन में हुई बैठक में शत- प्रतिशत बेस लाइन शौचालयों का निर्माण होने का दावा करते हुए जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। डीएम शंभु कुमार ने बताया कि वर्तमान में शौचालय निर्माण की जियो टैगिंग 83.06 प्रतिशत है। डीएम ने निर्माणाधीन शौचालयों को आगामी 31 दिसंबर तक अभियान के तौर पर पूर्ण कराने की बात कही है। जनपद स्तर पर एक कार्यशाला का आयोजन छह दिसंबर को आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ओडीएफ घोषित किये गये ग्रामों को 90 दिनों के अंदर पायी कमियों को ठीक करना है। उन्होंने जनपद के ग्रामीणों से अपील की है कि वह अब खुले में शौच न जाये बल्कि स्वयं के बनाये गये शौचालयों का ही प्रयोग करें। जिससे वातावरण साफ एवं सुंदर बना रहे। बैठक में सीडीओ राजकमल यादव, सीएमओ डा एके श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक दयाराम यादव, डीपीआरओ उमाकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।
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नाराज किसानों ने कैबिनेट मंत्री का रोका काफिला
12 साल से नहर में पानी नहीं आने से नाराज हैं किसान
विश्वनाथगंज (ब्यूरो)। 12 वर्षों से नहर में पानी नहीं आने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह का काफिला रोककर विरोध प्रदर्शन किया। कैबिनेट मंत्री के 15 दिसंबर तक पानी आने का आश्वासन देने के बाद मंत्री का काफिला आगे बढ़ा। हालांकि किसानों को विश्वास दिलाने में मंत्री के करीबियों को पसीना बहाना पड़ा।
क्षेत्र के खुशहालगंज में गायत्री महायज्ञ के कार्यक्रम से लौट रहे ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह के काफिले को किसानों ने उस समय रोक लिया, जब वह मांधाता इलाके के गाल्हनपुर गांव स्थित नहर की पुलिया पर पहुंचा। वहां पहले से मौजूद सैकड़ों किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उनके साथ चल रहे स्कॉट टीम ने किसानों को सड़क से हटाने का प्रयास किया, लेकिन कैबिनेट मंत्री से मिले बगैर ग्रामीण हटने को तैयार नहीं थे। इससे पहले कि मामला बिगड़ता कैबिनेट मंत्री मोती सिंह अपनी कार से नीचे उतरे और आक्रोशित किसानों के बीच पहुंच कर 15 दिसंबर तक नहर में पानी आने का दावा किया। विश्वनाथगंज माइनर में पानी नहीं आने से किसानों की सैकड़ों एकड़ खेतों की बुआई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि विश्वनाथगंज-मानधाता को जोड़ने वाली सड़क कई वर्षों से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। इस दौरान अजय सिंह, शिव शंकर सिंह, आलोक सिंह, राम सिंह, सुमन सिंह, उदयराज, रामचंद्र, विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।
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86.6 शौचालयों की जियोटैगिंग और शत-प्रतिशत ओडीएफ का दावा
शौचालय निर्मित होने की डीपीआरओ के पास नहीं है संख्या
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में शौचालय बनाने का लक्ष्य पूरा होने के पहले ही बेल्हा को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। डीपीआरओ के दावे से ही यह खुलासा होता है कि अभी शत-प्रतिशत शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है। फिलहाल शुक्रवार को जब उनसे पूछा गया कि 3.72 लाख शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक कितने शौचालय का निर्माण किया गया है, तो बताया कि यह रिपोर्ट ब्लाकों से मांगी गई है। हालांकि उन्होंने दावा किया है कि अभी तक 86.6 प्रतिशत शौचालयों का जियोटैगिंग किया गया है।
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) शुक्रवार को विकास भवन में हुई बैठक में शत- प्रतिशत बेस लाइन शौचालयों का निर्माण होने का दावा करते हुए जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। डीएम शंभु कुमार ने बताया कि वर्तमान में शौचालय निर्माण की जियो टैगिंग 83.06 प्रतिशत है। डीएम ने निर्माणाधीन शौचालयों को आगामी 31 दिसंबर तक अभियान के तौर पर पूर्ण कराने की बात कही है। जनपद स्तर पर एक कार्यशाला का आयोजन छह दिसंबर को आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ओडीएफ घोषित किये गये ग्रामों को 90 दिनों के अंदर पायी कमियों को ठीक करना है। उन्होंने जनपद के ग्रामीणों से अपील की है कि वह अब खुले में शौच न जाये बल्कि स्वयं के बनाये गये शौचालयों का ही प्रयोग करें। जिससे वातावरण साफ एवं सुंदर बना रहे। बैठक में सीडीओ राजकमल यादव, सीएमओ डा एके श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक दयाराम यादव, डीपीआरओ उमाकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।