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डेयरी संचालकों के आगे बेदम नगर पालिका

Fri, 08 Feb 2019 07:26 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2019 07:26 PM IST
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डेयरी संचालकों के आगे बेदम नगर पालिका
डेयरी संचालकों के आगे बेदम नगर पालिका
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नोटिस देना भी समझा बेहतर, शासन ने दिया है शहर से हटाने का निर्देश
मोहल्लों में गंदगी का अंबार, सफाई व्यवस्था की खुल रही पोल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शहर में डेयरी संचालकों के आगे नगर पालिका बेदम नजर आ रही है। शहर का अतिक्रमण हटाने व दूध डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए शासन का आदेश रद्दी की टोकरी में डाला जा चुका है। दुग्ध डेयरी संचालकों के आगे घुटने टेक दिए हैं तभी तो नोटिस देना भी गंवारा नहीं समझ रहे। शहर के हर मोहल्लों की सफाई व्यवस्था की पोल खुलती नजर आती है।
वैसे तो शहर के हर मोहल्ले में छोटी बड़ी दुग्ध डेयरी संचालित है। खुद लोगों ने भी गाय व भैंस पाल रखी है। शासन ने स्वच्छता मिशन को कामयाब बनाने के लिए शहरी क्षेत्र में डेयरी के संचालन पर प्रतिबंध लगा रखा है। सभी ईओ को निर्देश दिया गया है कि शहरी क्षेत्र में डेयरी का संचालन कदापि न किया जाए। इसके लिए डेयरी संचालकों को नोटिस थमाते हुए जुर्माना लगाया जाए। सफाई के लिए अतिरिक्त धनराशि की वसूली होनी चाहिए। शासन के आदेश को नगर पालिका प्रशासन ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। तभी तो एक भी डेयरी संचालकों को नोटिस थमाने का साहस नगर पालिका के अफसर नहीं कर सके। ऐसे डेयरी संचालकों को शासन की स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत सफाई अभियान जागरूकता की जानकारी भी नहीं दे सके। शहर के दहिलामऊ उत्तरी, मीराभवन, बलीपुर, विवेकनगर, टक्करगंज, तहसील वार्ड, पश्चिमी सहोदरपुर वार्ड, पूर्वी सहोदरपुर, सदर बाजार, घोसियाना वार्ड, अस्पताल वार्ड, महुली, चिलबिला व बेगमवार्ड में डेयरी का संचालन खुलेआम हो रहा है। उनकी गंदगी से मोहल्ले के लोगों का सांस लेना दूभर रहता है। सबसे अधिक दिक्कत बरसात में लोगों को उठाना पड़ता है। मोहल्ले के भीतर संचालित डेयरी से लोग बीमारी की गिरफ्त में भी आते हैं। प्रभारी ईओ सुभाष सिंह ने बताया कि डेयरी का संचालन बाहर करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। अभी उन्हें ज्यादा इस मामले की जानकारी नही है।
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विरोध करने पर हो जाते हैं मारपीट पर अमादा
सडक़ व नालियों में गंदगी करने वाले डेयरी संचालक के कार्यों का यदि मोहल्ले के लोग विरोध करते हैं तो वे मारपीट पर अमादा हो जाते हैं। पश्चिमी सहोदरपुर वार्ड में स्टेशन रोड सीताराम गली में संचालित डेयरी के फेर में लोगों को अपनी नाक बंद कर रास्ते से गुजरना पड़ता है। यदि कोई विरोध करता है तो वे लोग मारपीट करने पर अमादा हो जाते हैं।
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नालों में जमा होता है सिल्ट, सडक़ों पर फैला रहता है गोबर
नगर पालिका के 25 वार्डों में कमोबेश डेयरी संचालकों की बदौलत स्वच्छता अभियान की हवा निकलती नजर आती है। डेयरी संचालक सफाई करने के बाद गोबर नालियों व नालों में गिरा देते हैं। जिससे नाला व नालियों में सिल्ट जमा हो जाता है। सडक़ों पर हर ओर गोबर फैला रहता है। सुबह शाम शहर की सफाई व्यवस्था में लगे पालिकाकर्मी डेयरी के करीब जाना भी पसंद नहीं करते। सफाई तो दूर की बात है।
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खुलेआम सड़कों पर लेकर हैं घूमते
शहर की सड़कों पर डेयरी संचालक अपने मवेशी खुलेआम लेकर घूमते हैं। किसी की कोई मजाल जो उन लोगों को टोक भी दे। जिस रूट से डेयरी संचालक के मवेशी गुजरते हैं। उस रास्ते की तस्वीर कुछ ही देर में बदल जाया करती है।

फोटो-
नगर पालिका कर्मचारियों व पशुपालकों से हाथापाई
कर्मचारियों से छुड़ा ले गए 9 अवारा मवेशी
अवारा मवेशी पकड़ने के दौरान जीआईसी में होता रहा हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अवारा पशुओं पहुंचे नगर पालिका कर्मचारियों व पशुपालकों के बीच मवेशियों को लेकर हाथापाई हो गई। पशुपालक जबरन कर्मचारियों ने 9 मवेशी छुड़ा ले गए। जिसे लेकर काफी देर तक जीआईसी में हंगामा होता रहा।
अवारा पशुओं को पकड़ने के लिए शुक्रवार को फिर नगर पालिका की टीम जीआईसी व कांशीराम कालोनी पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने 9 मवेशी पकड़े गए। तभी घोसियाना वार्ड व आसपास के रहने वाले लोग पहुंचकर हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि उनके पशु अवारा नहीं है बल्कि वे लोग जीआईसी परिसर में खुद लेकर आते हैं। पशुपालक जबरन कर्मचारियों से मवेशी छुड़ाकर ले जाने लगे। जिसे लेकर कर्मचारियों व पशुपालकों के बीच हाथापाई हो गई। हालांकि कुछ लोगों के बीच-बचाव पर मामला शांत हो गया। मौके पर पहुंचे नगर पालिका के आरआई लाल बहादुर ने सभी पशुपालकों को हिदायत दी कि अब दुबारा पशु घूमते मिले तो उनके ऊपर जुर्माना लगेगा।

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मुसीबत बने पशुओं से मुंह मोड़ लेते हैं कर्मचारी
शहर के हर कोने में अवारा पशु झुुंड में घूमते नजर आते हैं। वे राहगीरों व दुकानदारों के लिए मुसीबत बने रहते हैं। मुसीबत बनने वाले अवारा पशुओं को पकडने से कर्मचारी किनारा कसने लगते हैं। ऐसे में अवारा पशु झुंड में शहर के इस मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में घूमते नजर आते हैं। जिन्हे पकडने का साहस नगर पालिका और पशुपालन विभाग के कर्मचारी नहीं जुटा पाते। ऐसे में अवारा पशुओं की धरपकड़ का अभियान हवा-हवाई साबित हो रहा है।
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