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18,784 बच्चे अभी भी हैं कुपोषण के शिकार
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 13 May 2018 12:46 AM IST
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दूध, फल, घी और पौष्टिक आहार देने के बाद भी जिले के 18,784 नौनिहालों की सेहत नहीं सुधरी है। अब इनकी सेहत सुधारने के लिए विभाग कोई प्रयास भी नहीं कर रहा है। सभी योनजाएं इस समय बंद हैं। हां इतना जरूर है कि बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिर्फ टीका लगाया जा रहा है।
जिले के कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। जिले के 17 विकास खंडों में 18,784 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनकी सेहत अभी तक नहीं सुधरी है। इन बच्चों की सेहत सुधारने के लिए दूध, फल, घी के साथ ही पौष्टिक आहार दिए जाते थे।
अधिकांश जगहों पर बच्चों को मिलने वाले आहार की बंदरबाट की जाती थी। इससे बच्चों की सेहत नहीं सुधरी, मगर कर्मचारियों की स्वास्थ्य में सुधार जरूर आ गया। हालांकि वर्तमान में विभाग की सभी योजनाएं ठप हो गई हैं, ऐसे में बच्चों को सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी टीका लगा रहे हैं। अब सिर्फ कागज पर ही काम हो रहा है।
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हालांकि विभाग बच्चों की सेहत सुधारने की फर्जी रिपोर्ट प्रतिमाह भेज रहा हैं। सीएमओ डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुपोषित बच्चों के लिए जल्द ही नई योजना प्रारंभ होने वाली है। योजना के प्रभावी ढंग से लागू होते ही अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
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जिले के कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। जिले के 17 विकास खंडों में 18,784 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनकी सेहत अभी तक नहीं सुधरी है। इन बच्चों की सेहत सुधारने के लिए दूध, फल, घी के साथ ही पौष्टिक आहार दिए जाते थे।
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अधिकांश जगहों पर बच्चों को मिलने वाले आहार की बंदरबाट की जाती थी। इससे बच्चों की सेहत नहीं सुधरी, मगर कर्मचारियों की स्वास्थ्य में सुधार जरूर आ गया। हालांकि वर्तमान में विभाग की सभी योजनाएं ठप हो गई हैं, ऐसे में बच्चों को सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी टीका लगा रहे हैं। अब सिर्फ कागज पर ही काम हो रहा है।
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हालांकि विभाग बच्चों की सेहत सुधारने की फर्जी रिपोर्ट प्रतिमाह भेज रहा हैं। सीएमओ डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुपोषित बच्चों के लिए जल्द ही नई योजना प्रारंभ होने वाली है। योजना के प्रभावी ढंग से लागू होते ही अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।