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पुरानी पेंशन के लिए भरी हुंकार, सभी विभागों और प्राइमरी स्कूलों में लटकता रहा ताला
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प्रतापगढ़। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों और शिक्षकों के कहा है कि वेतन कटौती, निलंबन के साथ ही वह सभी कार्रवाई स्वीकार्य है, जो हमारी आवाज दबाने के लिए शासन कर रहा है। मौसम खराब होने के बावजूद कर्मचारी नेताओं ने जुलूस निकालकर कार्यालयों में तालाबंदी कराने के साथ ही साथियों में उत्साह भरा। विकास भवन, पीडब्ल्यूडी, एआरटीओ, आईटीआई, बीएसए, सीएमओ, वन विभाग और ट्रेजरी कार्यालयों में तालाबंदी कर बाहर धरना-प्रदर्शन करते रहे।
प्रतिबंध के बावजूद दूसरे दिन जिले के कर्मचारियों और शिक्षकों ने कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया। विकास भवन के बाहर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सहसंयोजक रमाशंकर तिवारी ने कहा कि अपनी मांगों के लिए उन्हें सभी कार्रवाई स्वीकार्य है। जिला संयोजक राजेश मोहन मिश्र के नेतृत्व में कर्मचारियों और शिक्षकों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। इधर, जिले के अधिकांश प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में ताला लटकता रहा। बीआरसी पर एकत्रित शिक्षक नारेबाजी करके पुरानी पेंशन बहाली की मांग करते रहे। मंगरौरा बीआरसी, सदर बीआरसी, संडवा चंद्रिका बीआरसी में एकत्रित शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार कर पुरानी पेंशन मांगी है। लोक निर्माण विभाग में हुए प्रदर्शन में मनोकानिका उपाध्याय, अतुल यादव, अशोक शुक्ला, विनय सिंह, सुरेशचंद्र पांडेय, इंद्रसेन सिंह, प्रभाकर सिंह, फतेह बहादुर सिंह, प्रभाशंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।
आंदोलन शुरू हुआ तो अफसरों को याद आई नई पेंशन
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलन तेज होने पर अफसरों को नई पेंशन योजना से वंचित लोगों से फार्म भराने की याद आई। गुरुवार को अधिकांश विभागों ने पत्र जारी कर नई पेंशन ठुकराने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों को अविलंब फार्म भरकर जमा करने को कहा है। हालांकि अफसरों की इस पहल का कर्मचारियों और शिक्षकों पर कोई असर नहीं है।
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अनिश्चितकालीन जारी रहेगी हड़ताल
लखनऊ में प्रमुख सचिव और कर्मचारी नेताओं के साथ हुई बैठक बेनतीजा रहने पर आक्रोश और तेज हो गया है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की धमकी दी है। हालांकि पूर्व में 12 फरवरी तक की घोषणा की गई थी।
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प्रतिबंध के बावजूद दूसरे दिन जिले के कर्मचारियों और शिक्षकों ने कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया। विकास भवन के बाहर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सहसंयोजक रमाशंकर तिवारी ने कहा कि अपनी मांगों के लिए उन्हें सभी कार्रवाई स्वीकार्य है। जिला संयोजक राजेश मोहन मिश्र के नेतृत्व में कर्मचारियों और शिक्षकों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। इधर, जिले के अधिकांश प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में ताला लटकता रहा। बीआरसी पर एकत्रित शिक्षक नारेबाजी करके पुरानी पेंशन बहाली की मांग करते रहे। मंगरौरा बीआरसी, सदर बीआरसी, संडवा चंद्रिका बीआरसी में एकत्रित शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार कर पुरानी पेंशन मांगी है। लोक निर्माण विभाग में हुए प्रदर्शन में मनोकानिका उपाध्याय, अतुल यादव, अशोक शुक्ला, विनय सिंह, सुरेशचंद्र पांडेय, इंद्रसेन सिंह, प्रभाकर सिंह, फतेह बहादुर सिंह, प्रभाशंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।
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आंदोलन शुरू हुआ तो अफसरों को याद आई नई पेंशन
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलन तेज होने पर अफसरों को नई पेंशन योजना से वंचित लोगों से फार्म भराने की याद आई। गुरुवार को अधिकांश विभागों ने पत्र जारी कर नई पेंशन ठुकराने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों को अविलंब फार्म भरकर जमा करने को कहा है। हालांकि अफसरों की इस पहल का कर्मचारियों और शिक्षकों पर कोई असर नहीं है।
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अनिश्चितकालीन जारी रहेगी हड़ताल
लखनऊ में प्रमुख सचिव और कर्मचारी नेताओं के साथ हुई बैठक बेनतीजा रहने पर आक्रोश और तेज हो गया है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की धमकी दी है। हालांकि पूर्व में 12 फरवरी तक की घोषणा की गई थी।