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अभी तक एक भी अपात्र से नहीं हुई रिकवरी
Updated Sat, 20 Jan 2018 06:28 PM IST
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प्रतापगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में अपात्रों से रिकवरी करने में अनदेखी की जा रही है। सांगीपुर, बाबागंज और मंगरौरा ब्लाकों में अभी तक करीब 81 लोगों को अपात्र घोषित करते हुए रिकवरी के लिए नोटिस दिया गया है, लेकिन अभी तक एक भी अपात्र से रिकवरी नहीं हो पाई है।
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में खंड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों की अनदेखी से ऐसे लोगों को आवास के लिए चयन किया जा रहा है, जो अपात्र हैं। अफसरों की जांच में इस बात का खुलासा होने पर खंड विकास अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पलट गए हैं, जबकि ग्राम विकास अधिकारी यह कहकर अपने को अलग कर ले रहे हैं कि प्रधान के दबाव के चलते अपात्रों का चयन किया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि मोटी कमाई के चक्कर में अपात्रों का चयन कर लिया गया है। बाबागंज में करीब 24, सांगीपुर में तकरीबन 39 और मंगरौरा ब्लाक में लगभग 18 अपात्र अभी तक मिले हैं। इन अपात्रों को पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये खाते में भेज दिए गए हैं। आवास बनाने के लिए जब लाभार्थियों के खाते में धनराशि पहुंच गई तो गांवों से शिकायतें आने लगीं। सीडीओ के निर्देश पर अफसरों की टीम ने जो खुलासा किया है। 81 लोग ऐसे थे, जो मानक पर खरे नहीं उतरे।
अपात्रों का चयन करने वाले दस ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा लिखाने के लिए संबंधित लोगों ने बीडीओ को पत्र लिखा, लेकिन अभी तक किसी भी कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा नहीं हुआ है। हालांकि इन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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वहीं परियोजना अधिकारी का कहना है कि जो लोग अपात्र हैं, उनसे रिकवरी की कार्रवाई चल रही है। बीडीओ को पत्र लिखकर रुपये वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अपात्रों के स्थान पर पात्रों का चयन कर उनके खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
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जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में खंड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों की अनदेखी से ऐसे लोगों को आवास के लिए चयन किया जा रहा है, जो अपात्र हैं। अफसरों की जांच में इस बात का खुलासा होने पर खंड विकास अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पलट गए हैं, जबकि ग्राम विकास अधिकारी यह कहकर अपने को अलग कर ले रहे हैं कि प्रधान के दबाव के चलते अपात्रों का चयन किया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि मोटी कमाई के चक्कर में अपात्रों का चयन कर लिया गया है। बाबागंज में करीब 24, सांगीपुर में तकरीबन 39 और मंगरौरा ब्लाक में लगभग 18 अपात्र अभी तक मिले हैं। इन अपात्रों को पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये खाते में भेज दिए गए हैं। आवास बनाने के लिए जब लाभार्थियों के खाते में धनराशि पहुंच गई तो गांवों से शिकायतें आने लगीं। सीडीओ के निर्देश पर अफसरों की टीम ने जो खुलासा किया है। 81 लोग ऐसे थे, जो मानक पर खरे नहीं उतरे।
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अपात्रों का चयन करने वाले दस ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा लिखाने के लिए संबंधित लोगों ने बीडीओ को पत्र लिखा, लेकिन अभी तक किसी भी कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा नहीं हुआ है। हालांकि इन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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वहीं परियोजना अधिकारी का कहना है कि जो लोग अपात्र हैं, उनसे रिकवरी की कार्रवाई चल रही है। बीडीओ को पत्र लिखकर रुपये वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अपात्रों के स्थान पर पात्रों का चयन कर उनके खाते में धनराशि भेजी जाएगी।