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पटल में हो सकता है उलटफेर
Updated Fri, 08 Sep 2017 07:11 PM IST
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प्रतापगढ़। जिले में स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारी और लिपिक ऐसे हैं जो आधी से ज्यादा नौकरी एक ही कुर्सी पर बैठकर कर चुके हैं। इनका पटल तक नहीं बदला गया, लेकिन अब ऐसे अफसरों और कर्मचारियों को इधर से उधर किया जा सकता है। सीएमओ से ऐसे कर्मचारियों और अफसरों का ब्योरा मांगा गया है। इनका गैरजनपद भी तबादला हो सकता है।
स्वास्थ्य निदेशक ने सीएमओ से ऐसे स्वास्थ्य कर्मचारियों और अफसरों की सूची मांगी है जो करीब 10 वर्ष से जनपद में तैनात हैं। पांच वर्ष से एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में तबादला नहीं हुआ या फिर वे दूसरे अस्पताल में ज्वाइन करने के लिए नहीं गए। इतना ही नहीं तीन वर्ष से एक ही पटल पर तैनात लिपिकों की भी सूची मांगी गई है। इससे विभाग में हड़कंप मचा है। दरअसल यहां ज्यादातर लोग आधे से ज्यादा नौकरी जनपद में रहकर काट चुके हैं। ट्रांसफर हुआ भी तो मंत्री-विधायकों से कहकर रुकवा लिया। बताते हैं कि सीएमओ कार्यालय में 13 चालक हैं। इनमें से दो को छोड़ दिया जाए तो बाकी लोगों की ज्वाइनिंग इसी जनपद में हुई थी।
अब तक उनका तबादला किसी दूसरे जनपद में नहीं किया गया। कुछ लोग रिटायर होने के करीब पहुंच गए तो कुछ लोगों का सेवाकाल पांच से सात वर्ष बचा है। इतना ही नहीं कई अफसर और कर्मचारी ऐसे भी हैं जो नौकरी एक ही जनपद और एक ही पटल पर अभी तक कर रहे हैं। जिला और महिला अस्पताल की दर्जन भर से अधिक नर्स और फार्मासिस्ट 10-10 वर्ष से एक ही जनपद में पड़े हैं। प्रमोशन पाने के बाद उनका पटल बदल दिया गया। वहीं जिला और महिला अस्पताल के साथ सीएचसी व पीएचसी में कुछ लिपिक और अफसर ऐसे हैं जो पांच से सात वर्ष से एक ही पटल पर बैठे हैं। इनका तबादला किसी दूसरे जनपद में नहीं हो रहा है।
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शासन की ओर से जनपद व एक ही अस्पताल में लंबे समय से जमे स्वास्थ्य कर्मियों और अफसरों की सूची मंागने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो दूसरी बार शासन की ओर से पत्र आया है और दो दिन के अंदर स्वास्थ्य विभाग में तैनात लोगों की सूची के साथ पूरा ब्यौरा तलब किया गया है। वहीं सीएमओ का कहना है कि पूर्व सीएमओ के समय में पत्र आया था, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। दूसरी बार पत्र आया है। लंबे समय से एक ही जनपद और एक ही पटल के साथ अस्पताल में जमे स्वास्थ्य कर्मचारियों की सूची भेजी जा रही है।
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स्वास्थ्य निदेशक ने सीएमओ से ऐसे स्वास्थ्य कर्मचारियों और अफसरों की सूची मांगी है जो करीब 10 वर्ष से जनपद में तैनात हैं। पांच वर्ष से एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में तबादला नहीं हुआ या फिर वे दूसरे अस्पताल में ज्वाइन करने के लिए नहीं गए। इतना ही नहीं तीन वर्ष से एक ही पटल पर तैनात लिपिकों की भी सूची मांगी गई है। इससे विभाग में हड़कंप मचा है। दरअसल यहां ज्यादातर लोग आधे से ज्यादा नौकरी जनपद में रहकर काट चुके हैं। ट्रांसफर हुआ भी तो मंत्री-विधायकों से कहकर रुकवा लिया। बताते हैं कि सीएमओ कार्यालय में 13 चालक हैं। इनमें से दो को छोड़ दिया जाए तो बाकी लोगों की ज्वाइनिंग इसी जनपद में हुई थी।
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अब तक उनका तबादला किसी दूसरे जनपद में नहीं किया गया। कुछ लोग रिटायर होने के करीब पहुंच गए तो कुछ लोगों का सेवाकाल पांच से सात वर्ष बचा है। इतना ही नहीं कई अफसर और कर्मचारी ऐसे भी हैं जो नौकरी एक ही जनपद और एक ही पटल पर अभी तक कर रहे हैं। जिला और महिला अस्पताल की दर्जन भर से अधिक नर्स और फार्मासिस्ट 10-10 वर्ष से एक ही जनपद में पड़े हैं। प्रमोशन पाने के बाद उनका पटल बदल दिया गया। वहीं जिला और महिला अस्पताल के साथ सीएचसी व पीएचसी में कुछ लिपिक और अफसर ऐसे हैं जो पांच से सात वर्ष से एक ही पटल पर बैठे हैं। इनका तबादला किसी दूसरे जनपद में नहीं हो रहा है।
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शासन की ओर से जनपद व एक ही अस्पताल में लंबे समय से जमे स्वास्थ्य कर्मियों और अफसरों की सूची मंागने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो दूसरी बार शासन की ओर से पत्र आया है और दो दिन के अंदर स्वास्थ्य विभाग में तैनात लोगों की सूची के साथ पूरा ब्यौरा तलब किया गया है। वहीं सीएमओ का कहना है कि पूर्व सीएमओ के समय में पत्र आया था, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। दूसरी बार पत्र आया है। लंबे समय से एक ही जनपद और एक ही पटल के साथ अस्पताल में जमे स्वास्थ्य कर्मचारियों की सूची भेजी जा रही है।