विज्ञापन

आर्थिक गणना में लापरवाही की सजा भुगत रहे लाखों ग्रामीण 17-04-00

Allahabad Bureau Updated Mon, 05 Jun 2017 06:27 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विज्ञापन
प्रतापगढ़। वर्ष 2011 में सामाजिक आर्थिक गणना में बरती गई लापरवाही की सजा लाखों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सामाजिक आर्थिक गणना में शामिल पात्रों को ही योजना का लाभ दिया जा रहा है, पात्रता सूची से बाहर रहने वाले परिवारों के लाख फरियाद के बाद भी कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। इससे वास्तविक गरीबों को योजना से वंचित होना पड़ रहा है।
वर्ष 2011 में पूरे जिले में सामाजिक आर्थिक गणना में जिले के 2,14,916 परिवार गरीब मिले थे। उज्ज्वला गैस योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास जैसे सभी योजनाओं का लाभ इन्हीं लोगों को दिया जाना है। शासन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब सामाजिक आर्थिक गणना में चिह्नित परिवारों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा। शासन के इस फैसले से सर्वे रिपोर्ट से छूटे हुए गरीबों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले में लगभग सवा दो लाख परिवार ऐसे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने कारण योजना के पात्र हैं। मगर शीर्ष अधिकारियों की ओर से इस दिशा में कड़ा पत्र जारी किया गया है, कि वर्ष 2011 की सूची में जो लाभार्थी हैं, उन्हीं को योजनाओं में शामिल किया जाय।
दरअसल में सामाजिक आर्थिक गणना में व्यापक लापरवाही की गई है। सर्वे में लगाए गए कर्मचारियों की उदासीनता का यह परिणाम रहा कि जो बड़ा गांव था, उसके कई मजरों में सर्वे ही नहीं हुआ था। जब सर्वे नहीं हुआ, तो गरीबों का नाम सूची में आने की बात ही नहीं उठती है। संडवा चंद्रिका विकास खंड के पूरबगांव में बेड़ियान बस्ती का सर्वे ही नहीं किया गया, इससे दलित परिवार वाला गांव सभी योजनाओं से वंचित रह जा रहा है।


अधिकारी भी कर चुके हैं वकालत
वर्ष 2011 में तैयार हुई सूची में लापरवाही बरतने की शिकायत और वास्तविक पात्रों का नाम छूटने की वकालत विभागाध्यक्षों ने शीर्ष अधिकारियों तक कर चुके हैं। मगर अभी तक छूटे हुए लोगों को शामिल करने के लिए कोई योजना नहीं बनी है। इससे गरीब कभी विकास भवन, तो कभी ब्लाक का चक्कर लगा रहे हैं।


सामाजिक आर्थिक गणना में हुई चूक की जानकारी शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। जिस परिवार का नाम सूची में नहीं है। सभी ब्लाकों में अलग से रजिस्टर बनाकर विवरण अंकित किया जा रहा है। शासन से गाइड लाइन आते ही योजना में शामिल किया जाएगा।
अरविंद सिंह, प्रभारी सीडीओ/ पीडी

आर्थिक गणना में लापरवाही की सजा भुगत रहे लाखों ग्रामीण
अफसरों के सुझाव के बाद भी नहीं आई कोई गाइडलाइन
आवास, गैस जैसी योजनाओं से हुए बाहर, नहीं सुन रहा है कोई अधिकारी

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Pratapgarh

टीईटी : पर्यवेक्षक बने बीईओ पर गिर सकती है गाज

टीईटी परीक्षा के दौरान कक्ष में छात्रा को नकल सामग्री उपलब्ध कराने के मामले में पर्यवेक्षक बने खंड शिक्षा अधिकारी पर भी गाज गिर सकती है। डीआईओएस ने शासन को रिपोर्ट भेजी है।

19 नवंबर 2018

विज्ञापन
Pratapgarh

टीईटी: जाम

18 नवंबर 2018

Related Videos

VIDEO: ग्रामीणों की शिकायत पर CM योगी ने मंच पर ही लगाई अफसरों को फटकार

लोगों की समस्याएं और सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ पहुंचे। यहां सीएम ने लोगों की शिकायत पर अफसरों को जमकर फटकार लगाई।

24 अप्रैल 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree