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आपतियां दरकिनार, मनमाने ढंग से तय हो गए परीक्षा केंद्र
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:33 PM IST
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आपत्तियां दरकिनार, मनमाने ढंग से तय हो गए परीक्षा केंद्र
केंद्रों के पुन: सत्यापन के लिए तहसीलवार गठित की गई थी टीम
सत्यापन के नाम अफसरों ने की खानापूर्ति, कागजी कोरम पूरा कर भेज दी रिपोर्ट
सत्यापन रिपोर्ट के सवाल चुप्पी साधे बैठे हैं अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा के लिए 203 केंद्रों की पहली सूची जारी की गई है। सूची जारी होने के बाद 196 आपत्तियां आईं। केंद्र निर्धारण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए। कहीं बच्चों की संख्या के अनुरूप कमरे नहीं थे, तो कहीं केंद्र बदहाल थे। डीएम ने पुन: तहसीलवार सत्यापन कराने का निर्देश दिया। टीमें गठित की गईं, मगर सत्यापन के नाम पर महज खानापूर्ति की गई, सत्यापन रिपोर्ट भी गुपचुप भेज दी गई। सत्यापन में कितने केंद्र मानक पर विपरीत हैं, कहां अव्यवस्था है, इन सवालों पर अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।
जिले में यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। छह फरवरी से बोर्ड परीक्षा की शुरुआत होगी। हाईस्कूल व इंटर मिलाकर इस बार डेढ़ लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में जिले में 203 परीक्षा केंद्रों की संख्या रही। सूची जारी होने के बाद आपत्तियों की भरमार लग गई। अधिकांश ऐसे केंद्र बनाए गए थे जिनकी दूरी मानक से इतर है। मानक के हिसाब से छात्राओं के विद्यालय से निर्धारित परीक्षा केंद्र 10 से 15 किमी की दूरी पर होना चाहिए, लेकिन यहां कई परीक्षा केंद्रों को दूर बना दिया गया है। कई ऐसे केंद्र हैं जहां परीक्षार्थियों की संख्या के अनुरूप कमरे नहीं हैं। कहीं चहारदीवारी तो कहीं कंप्यूटर कक्ष, सीसीटीवी कैमरे व जनरेटर की भी व्यवस्था नहीं थी।
जिले के रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर तहसील क्षेत्र मिलाकर करीब 200 आपत्तियां आई हैं। इसके बाद केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे। जिलाधिकारी ने बैठक करके केंद्रों के पुन: सत्यापन का निर्देश दिया था, मगर सत्यापन के नाम पर विभागीय अफसरों ने महज खानापूर्ति की। केंद्रों में खामियां होने के बाद भी उन्हें नजरंदाज किया गया और निर्धारित समय पर विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई। कितने केंद्रों का स्थलीय सत्यापन किया, किन केंद्रों पर खामियां मिलीं, कितने की रिपोर्ट भेजी गई। इन सारे सवालों पर विभागीय अफसरों ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि अब यह देखने वाली बात होगी कि दूसरी सूची मेें कितने केंद्र बढ़ेंगे या फिर घटेंगे।
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केंद्रों के पुन: सत्यापन के लिए तहसीलवार गठित की गई थी टीम
सत्यापन के नाम अफसरों ने की खानापूर्ति, कागजी कोरम पूरा कर भेज दी रिपोर्ट
सत्यापन रिपोर्ट के सवाल चुप्पी साधे बैठे हैं अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा के लिए 203 केंद्रों की पहली सूची जारी की गई है। सूची जारी होने के बाद 196 आपत्तियां आईं। केंद्र निर्धारण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए। कहीं बच्चों की संख्या के अनुरूप कमरे नहीं थे, तो कहीं केंद्र बदहाल थे। डीएम ने पुन: तहसीलवार सत्यापन कराने का निर्देश दिया। टीमें गठित की गईं, मगर सत्यापन के नाम पर महज खानापूर्ति की गई, सत्यापन रिपोर्ट भी गुपचुप भेज दी गई। सत्यापन में कितने केंद्र मानक पर विपरीत हैं, कहां अव्यवस्था है, इन सवालों पर अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।
जिले में यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। छह फरवरी से बोर्ड परीक्षा की शुरुआत होगी। हाईस्कूल व इंटर मिलाकर इस बार डेढ़ लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में जिले में 203 परीक्षा केंद्रों की संख्या रही। सूची जारी होने के बाद आपत्तियों की भरमार लग गई। अधिकांश ऐसे केंद्र बनाए गए थे जिनकी दूरी मानक से इतर है। मानक के हिसाब से छात्राओं के विद्यालय से निर्धारित परीक्षा केंद्र 10 से 15 किमी की दूरी पर होना चाहिए, लेकिन यहां कई परीक्षा केंद्रों को दूर बना दिया गया है। कई ऐसे केंद्र हैं जहां परीक्षार्थियों की संख्या के अनुरूप कमरे नहीं हैं। कहीं चहारदीवारी तो कहीं कंप्यूटर कक्ष, सीसीटीवी कैमरे व जनरेटर की भी व्यवस्था नहीं थी।
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जिले के रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर तहसील क्षेत्र मिलाकर करीब 200 आपत्तियां आई हैं। इसके बाद केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे। जिलाधिकारी ने बैठक करके केंद्रों के पुन: सत्यापन का निर्देश दिया था, मगर सत्यापन के नाम पर विभागीय अफसरों ने महज खानापूर्ति की। केंद्रों में खामियां होने के बाद भी उन्हें नजरंदाज किया गया और निर्धारित समय पर विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई। कितने केंद्रों का स्थलीय सत्यापन किया, किन केंद्रों पर खामियां मिलीं, कितने की रिपोर्ट भेजी गई। इन सारे सवालों पर विभागीय अफसरों ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि अब यह देखने वाली बात होगी कि दूसरी सूची मेें कितने केंद्र बढ़ेंगे या फिर घटेंगे।
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