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होली पर नगदी के लिए नहीं परेशान होंगे ग्राहक

Tue, 19 Mar 2019 07:50 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2019 07:50 PM IST
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होली पर नगदी के लिए नहीं परेशान होंगे ग्राहक
होली पर नगदी के लिए नहीं होंगे परेशान
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22 मार्च को बैंकों में होगा कामकाज, 23 और 24 को अवकाश
शनिवार को खुले रहेंगे सरकारी कार्यालय
प्रतापगढ़। होली के त्योहार के ठीक दूसरे दिन जिले के राष्ट्रीयकृत बैंक और वित्तीय संस्थान खुले रहेंगे। 20 और 21 मार्च को होली का अवकाश रहेगा और 22 मार्च को बैंकों में ग्राहक लेन-देन कर सकेंगे। इससे ग्राहकों को नगदी के लिए नहीं भटकना होगा।
होली के त्योहार के बाद प्राय: चार से पांच दिन तक बैंकों में अवकाश रहता था, मगर इस वर्ष ऐसा नहीं होगा। जिले के सरकारी कार्यालयों में 20, 21, 22 मार्च को अवकाश घोषित किया गया है, जबकि 23 मार्च को कार्यालय खुलेंगे। राष्ट्रीयकृत बैंकों में होली के त्योहार पर इस वर्ष दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है। 20 और 21 मार्च को अवकाश रहेगा। 22 मार्च को बैंकों में लेन-देन होगा। हालांकि 23 मार्च को चतुर्थ शनिवार और 24 को रविवार होने के कारण अवकाश रहेगा। 22 मार्च को बैंकों के खुलने से कर्मचारी भी लेन-देन कर सकेंगे, जिनके पास एटीएम नहीं हैं। इन पांच दिनों के अंदर भले ही एक दिन के लिए बैंक खुल रहे हैं, मगर उससे आम ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी। बुधवार को जिन कर्मचारियों के खाते में वेतन की राशि भेजी जा रही है, वह शुक्रवार को निकाल सकेंगे। एसबीआई के चीफ मैनेजर जीपी निगम ने बताया कि अवकाश दिनों में एटीएम में रुपये उपलब्ध रहेंगे।
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16 माह से मजदूरों को नहीं मिला बकाया मानदेय
प्रतापगढ़। जिले के बीएसएनएल दूरभाष केंद्रों पर तैनात मजदूरों को 16 माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इससे होली का त्योहार मनाना भारी पड़ रहा है। ठेकेदारों की मिलीभगत से होने वाले इस खेल से मजदूर परेशान हो रहे हैं।
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टेलीकाम कैजुवल एंड कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के परिमंडल सचिव जीतलाल मौर्य ने बीएसएनएल के टीडीएम से मिलकर मजदूरों का बकाया मानदेय भुगतान नहीं होने पर नाराजगी प्रकट की है। प्रतिमाह मात्र दो हजार रुपये मानदेय के तौर पर दिए जाते हैं। समय से भुगतान नहीं करने पर मजदूरों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते मजदूरों का भुगतान चेक से न करके नगद किया जाता है। मजदूरों ने अफसरों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए श्रम मंत्रालय को पत्र लिखा है।
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