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कुशीनगर से भी जुड़े हैं चिटफंड कंपनी फ्राड गैंग के सदस्यों के तार
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crime
नगर कोतवाली के करनपुर में खुली चिटफंड कंपनी के 40 दिन के भीतर चार सौ से अधिक लोगों के करीब 40 लाख रुपये लेकर भागने के मामले में संचालक से पूछताछ के बाद इससे जुड़े कई अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। फ्राड कंपनी के तार कुशीनगर, महाराजगंज समेत दूसरे जनपदों से भी जुड़े हैं। पुलिस ने देर रात कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। 113 लोगों ने पुलिस को तहरीर दी है।
नगर कोतवाली के करनपुर में सालिकराम जायसवाल के मकान में अगस्त माह में मनी स्पॉट म्यूचुअल निधि लिमिटेड नाम से कंपनी खोली गई। जिसमें हरदोई का रहने वाला विपिन सिंह एमडी के पद पर काम करता था। मनी स्पॉट के कर्मचारी ग्रामीण अंचलों में अपना जाल बिछाया और 40 दिन के भीतर करीब चार सौ लोगों को अपने साथ जोड़ा। कंपनी ने लोगों को 50 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन देने के लिए खाता खुलवाया। इसके बदले में कर्ज लेने वालों से पांच फीसदी रकम व बीमा धनराशि जमा कराई।
40 दिन के भीतर ही करीब चार सौ लोगों ने बैंक में खाता खुलवाया और सभी ने बीमा धनराशि व खाता खुलवाने वाली रकम भी जमा कर दी। ऐसे लोगों के खाते में 13 सितंबर को रुपये भेजने की बात कंपनी द्वारा बताई गई थी। जिस दिन लोगों के खाते में रुपये जाने थे। एक दिन पहले ही कंपनी के कर्मचारी सामान समेटने लगे। हालांकि इस बात की भनक रुपये जमा करने वाले लोगों को हो गई। लोगों के पहुंचने से पहले काफी सामान कार्यालय से जा चुका था।
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यह देेख लोग हंगामा करते हुए विपिन सिंह को बंधक बना लिए। रात में ही पुलिस पहुंच गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में पहुंचे एएसपी पूर्वी सुरेंद्र द्विवेदी लोगों के विरोध के बावजूद विपिन सिंह व मकान मालिक के बेटे आशीष जायसवाल को कोतवाली उठा लाए। लोगों ने कोतवाली का घेराव कर लिया। हालांकि रात में लोगों को पुलिस ने घर भेज दिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने सतीश चंद्र निवासी हरनाहरपुर थाना रानीगंज की तहरीर पर मनी स्पॉट म्यूचुअल निधि लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया।
कोतवाली पहुंचे 113 लोगों ने पुलिस को तहरीर दी। भंगवा चुंगी चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि विपिन सिंह ने पूछताछ में कंपनी का संचालन करने वाले लोगों का नाम व मोबाइल नंबर बताया है। उन लोगों का मोबाइल बंद जा रहा है। जिन लोगों के बारे में जानकारी मिली है। वे लोग कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर के रहने वाले हैं। हालांकि अभी विपिन सिंह के बारे में हकीकत का पता लगाया जा रहा है। दूसरे लोगों के मोबाइल से उन तक पहुंचने का प्रयास चल रहा है।
ऋण देने वाले लोगों को किया पुलिस के हवाले
नगर कोतवाली के पूरे मोहन में शुक्रवार को चिटफंड कंपनी के जरिए समूहों को कर्ज देने वाले वसूली करने पहुंचे। उनसे ग्रामीण पूछताछ करने लगे। बाद में कंपनी के दो कर्मचारियों को पुलिस के हवाले कर दिया। कोतवाली पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। कर्मचारियों ने अपने मैनेजर व कंपनी के निदेशक को बुलाया है।
आंखों में आंसू लिए कोतवाली पहुंचते रहे लोग
खून पसीने की कमाई गंवाने वाले शुक्रवार को कोतवाली में डटे रहे। कंपनी द्वारा ठगे जाने की जानकारी मिलते ही लोगों के होश उड़ जाते। मेहनत की कमाई गंवाने के कारण लोगों की आंखों से आंसू बहता रहा। हर किसी का सपना टूट चुका था।
जागा प्रशासन, अब कराएगा कंपनियों की जांच
चिटफंड कंपनी द्वारा लोगों के लाखों रुपये लेकर फरार होने की घटना के बाद प्रशासन की कुंभकर्णी नींद खुली। शहर व ग्रामीण अंचलों में तमाम चिटफंड कंपनी खुली हुई है और लोगों ने वहां रुपये भी जमा कर रखा है। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि अब ऐसी कंपनियों की जांच राजस्व विभाग की टीम लगाकर कराई जाएगी।
सीओ सिटी अतुल शर्मा ने बताया कि जिन लोगों ने अपना मकान व्यवसायिक व लोगों के रहने के लिए किराए पर दे रखा है। सभी लोगों को इसकी सूचना संबंधित कोतवाली व चौकी पर देनी होगी। यदि कोई नहीं देता है तो मकान स्वामी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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नगर कोतवाली के करनपुर में सालिकराम जायसवाल के मकान में अगस्त माह में मनी स्पॉट म्यूचुअल निधि लिमिटेड नाम से कंपनी खोली गई। जिसमें हरदोई का रहने वाला विपिन सिंह एमडी के पद पर काम करता था। मनी स्पॉट के कर्मचारी ग्रामीण अंचलों में अपना जाल बिछाया और 40 दिन के भीतर करीब चार सौ लोगों को अपने साथ जोड़ा। कंपनी ने लोगों को 50 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन देने के लिए खाता खुलवाया। इसके बदले में कर्ज लेने वालों से पांच फीसदी रकम व बीमा धनराशि जमा कराई।
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40 दिन के भीतर ही करीब चार सौ लोगों ने बैंक में खाता खुलवाया और सभी ने बीमा धनराशि व खाता खुलवाने वाली रकम भी जमा कर दी। ऐसे लोगों के खाते में 13 सितंबर को रुपये भेजने की बात कंपनी द्वारा बताई गई थी। जिस दिन लोगों के खाते में रुपये जाने थे। एक दिन पहले ही कंपनी के कर्मचारी सामान समेटने लगे। हालांकि इस बात की भनक रुपये जमा करने वाले लोगों को हो गई। लोगों के पहुंचने से पहले काफी सामान कार्यालय से जा चुका था।
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यह देेख लोग हंगामा करते हुए विपिन सिंह को बंधक बना लिए। रात में ही पुलिस पहुंच गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में पहुंचे एएसपी पूर्वी सुरेंद्र द्विवेदी लोगों के विरोध के बावजूद विपिन सिंह व मकान मालिक के बेटे आशीष जायसवाल को कोतवाली उठा लाए। लोगों ने कोतवाली का घेराव कर लिया। हालांकि रात में लोगों को पुलिस ने घर भेज दिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने सतीश चंद्र निवासी हरनाहरपुर थाना रानीगंज की तहरीर पर मनी स्पॉट म्यूचुअल निधि लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया।
कोतवाली पहुंचे 113 लोगों ने पुलिस को तहरीर दी। भंगवा चुंगी चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि विपिन सिंह ने पूछताछ में कंपनी का संचालन करने वाले लोगों का नाम व मोबाइल नंबर बताया है। उन लोगों का मोबाइल बंद जा रहा है। जिन लोगों के बारे में जानकारी मिली है। वे लोग कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर के रहने वाले हैं। हालांकि अभी विपिन सिंह के बारे में हकीकत का पता लगाया जा रहा है। दूसरे लोगों के मोबाइल से उन तक पहुंचने का प्रयास चल रहा है।
ऋण देने वाले लोगों को किया पुलिस के हवाले
नगर कोतवाली के पूरे मोहन में शुक्रवार को चिटफंड कंपनी के जरिए समूहों को कर्ज देने वाले वसूली करने पहुंचे। उनसे ग्रामीण पूछताछ करने लगे। बाद में कंपनी के दो कर्मचारियों को पुलिस के हवाले कर दिया। कोतवाली पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। कर्मचारियों ने अपने मैनेजर व कंपनी के निदेशक को बुलाया है।
आंखों में आंसू लिए कोतवाली पहुंचते रहे लोग
खून पसीने की कमाई गंवाने वाले शुक्रवार को कोतवाली में डटे रहे। कंपनी द्वारा ठगे जाने की जानकारी मिलते ही लोगों के होश उड़ जाते। मेहनत की कमाई गंवाने के कारण लोगों की आंखों से आंसू बहता रहा। हर किसी का सपना टूट चुका था।
जागा प्रशासन, अब कराएगा कंपनियों की जांच
चिटफंड कंपनी द्वारा लोगों के लाखों रुपये लेकर फरार होने की घटना के बाद प्रशासन की कुंभकर्णी नींद खुली। शहर व ग्रामीण अंचलों में तमाम चिटफंड कंपनी खुली हुई है और लोगों ने वहां रुपये भी जमा कर रखा है। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि अब ऐसी कंपनियों की जांच राजस्व विभाग की टीम लगाकर कराई जाएगी।
सीओ सिटी अतुल शर्मा ने बताया कि जिन लोगों ने अपना मकान व्यवसायिक व लोगों के रहने के लिए किराए पर दे रखा है। सभी लोगों को इसकी सूचना संबंधित कोतवाली व चौकी पर देनी होगी। यदि कोई नहीं देता है तो मकान स्वामी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।