{"_id":"5c7bd76bbdec224c164edcc2","slug":"111551619947-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोलियो का टीका लगाने से नवजात बच्ची की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोलियो का टीका लगाने से नवजात बच्ची की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोलियो का टीका लगने के बाद नवजात की मौत का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रानीगंज (प्रतापगढ़)। नवजात बच्ची की मौत के बाद एक परिवार में कोहराम मच गया। पिता का कहना था कि पोलियो का टीका लगने के बाद बच्ची की मौत हुई है। सूचना पर गौरा सीएचसी अधीक्षक मामले की जांच करने पहुंचे। डाक्टरों का कहना है कि बच्ची को टीका जरूर लगाया गया था, लेकिन उसकी मौत पहले से कमजोर होने के कारण हुई है।
फतनपुर थाना के पूरे खरगराय गांव निवासी पूजा गौतम पत्नी मोनू गौतम की दो माह की बेटी थी। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने गांव पहुंचकर उसे पोलियो का टीका लगाया। मोनू का कहना है कि इंजेक्शन लगने के दो घंटे बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। जब तक वह अस्पताल लेकर पहुंचता तब तक उसने दम तोड़ दिया। उसने सीएचसी अधीक्षक गौरा को फोन पर घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही सीएचसी अधीक्षक ओपी सिंह मोनू के घर पहुंचे। मामले की जांच की। सीएचसी अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि टीका लगाने से मासूम बच्ची की मौत नहीं हुई है। वह जन्म से ही कमजोर थी। उसकी स्वाभाविक मौत हुई है। इसमें किसी स्वास्थ्य कर्मचारी की गलती नहीं है। परिजनों ने भी कार्रवाई से इनकार कर दिया है। टीका कई बच्चों को लगाया गया है। सब ठीक हैं। इसके बाद भी मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रानीगंज (प्रतापगढ़)। नवजात बच्ची की मौत के बाद एक परिवार में कोहराम मच गया। पिता का कहना था कि पोलियो का टीका लगने के बाद बच्ची की मौत हुई है। सूचना पर गौरा सीएचसी अधीक्षक मामले की जांच करने पहुंचे। डाक्टरों का कहना है कि बच्ची को टीका जरूर लगाया गया था, लेकिन उसकी मौत पहले से कमजोर होने के कारण हुई है।
फतनपुर थाना के पूरे खरगराय गांव निवासी पूजा गौतम पत्नी मोनू गौतम की दो माह की बेटी थी। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने गांव पहुंचकर उसे पोलियो का टीका लगाया। मोनू का कहना है कि इंजेक्शन लगने के दो घंटे बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। जब तक वह अस्पताल लेकर पहुंचता तब तक उसने दम तोड़ दिया। उसने सीएचसी अधीक्षक गौरा को फोन पर घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही सीएचसी अधीक्षक ओपी सिंह मोनू के घर पहुंचे। मामले की जांच की। सीएचसी अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि टीका लगाने से मासूम बच्ची की मौत नहीं हुई है। वह जन्म से ही कमजोर थी। उसकी स्वाभाविक मौत हुई है। इसमें किसी स्वास्थ्य कर्मचारी की गलती नहीं है। परिजनों ने भी कार्रवाई से इनकार कर दिया है। टीका कई बच्चों को लगाया गया है। सब ठीक हैं। इसके बाद भी मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन