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कोरोना के 10 मरीजों ने सैंपल देते समय बता दिया गलत पता

Sat, 18 Jul 2020 12:51 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2020 12:51 AM IST
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10 Corona patients gave wrong address while giving sample
कोरोना से लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग के सामने तमाम मुश्किलें आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग को सैंपल देते समय 10 लोगों ने अपने नाम, पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज करा दिया। अब विभाग के अफसरों को कोरोना पीड़ित 10 मरीजों को ढूंढने में भी पसीना आ गया।
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रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग ने इनकी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चल सका। कई दिनों तक भटकने के बाद पुलिस की मदद से टीम इनके घर तक पहुंच पाई।
महामारी कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए प्रदेश सरकार ने ज्यादा से ज्यादा सैंपल लेकर जांच कराने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य विभाग अब तक 10,974 लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज चुका है। इनमें से 9,706 लोगों की रिपोर्ट आ गई है। जिनमें 159 लोग संक्रमित मिले हैं।
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कई लोगों ने प्रयागराज और लखनऊ पहुंचकर अपनी जांच कराई। संक्रमित मरीजों में 10 लोग ऐसे थे जिन्होंने सैंपल देते समय स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपना नाम और पता गलत बता दिया। कुछ ने मोबाइल नंबर तक गलत बताया। कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने खोजबीन शुरू की। शिवगढ़ ब्लाक के एक युवक को सात दिन बाद ढूंढा जा सका।
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हालांकि, हालत बिगड़ने पर वह अस्पताल में भर्ती हो गया था, मगर सही पहचान नहीं बता रहा था। वहीं प्रयागराज के एक दंपती ऐसे थे जो कोरोना का जांच कराने के लिए पीजीआई पहुंच गए थे। जब उनका सैंपल लिया जा रहा था तो उन्होंने अपना पता धूमनगंज प्रयागराज के बजाए प्रतापगढ़ बता दिया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग दंपती की खोज में लगा।
काफी प्रयास और सोशल मीडिया पर जब मैसेज वायरल हुआ तो पता चला कि दंपती प्रयागराज के हैं। उनको प्रयागराज में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। वहीं, दहिलामऊ का एक वृद्ध प्रयागराज में अपनी जांच कराकर घर लौट आया था। उसने भी पता गलत बता दिया था। संक्रमित मिलने पर स्वास्थ्य कर्मचारी खोजते रह गए, मगर उसका पता नहीं चल सका। इससे उसका इलाज भी नहीं हो पाया और बुजुर्ग ने दम भी तोड़ दिया।
मीरा भवन का एक कोरोना संक्रमित बनारस में भर्ती है। उसने अपना पता महज प्रतापगढ़ बताया था। चार दिनों के बाद उसके बारे में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी हो सकी। दहिलामऊ का एक युवक दिल्ली में रहता है। वहां संक्रमित हो गया है। उसने भी अपना नाम और पता गलत बताया था। सीएमओ ऑफिस में उसके संक्रमित होने की रिपोर्ट आई तो खोजबीन शुरू की गई।

गलत नाम और पता बताना गलत है। इससे संक्रमित मरीजों की जान का खतरा बना रहता है। लोगों को चाहिए कि समय रहते जांच कराएं, इलाज कराएं, जिससे उनकी जान बचाई जा सके।
डॉक्टर सुधाकर पांडेय, एडी, प्रयागराज।
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