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कपालभाति प्राणायाम करने से मजबूत होते हैं फेफड़े
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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में इस बार फेफड़ों को अधिक नुकसान पहुंच रहा है। शहर के व्यापारी और योगाचार्य अनिल मैनी ने बताया कि ऐसे में कोरोना से निपटने के लिए योग बेहतर कारगर साबित हुआ है। कपालभाति प्राणायाम योग करने से श्वांस प्रणाली मजबूत होती है। साथ ही ऑक्सीजन लेवल भी ठीक रहता है।
ऐसे करें आसन
- पदमासन या सुखासन में बैठें
- कमर गर्दन सीधी ।
- दोनों हाथ घुटनों पर ।
- सांस बाहर निकाले, सांस गहरा भरें, मूलबंध लगाएं।
- नासिका द्वारा सांस को शक्ति के साथ बाहर फेंके, थोड़ा सांस अंदर आएगा, उसे आने दे।
- जब सारी सांस बाहर निकल जाये, त्रिबंध लगाए ,
- जब सांस लेने की जरूरत , त्रिबंध खोलें ,
- पुन: यही क्रिया दोहराते रहे, 15 मिनट से 30 मिनट तक करें।
यह है लाभ
मस्तिष्क तेज होता है। फेफड़ों में शुद्ध ऑक्सीजन से शुद्ध रक्त की पूर्ति, रक्तचाप सामान्य। सभी चक्र प्रभाव में आते है। फेफड़े मजबूत होते हैं।
संकट के सिपाही
पॉजिटिव होने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
शहर की अर्बन पीएचसी पर कार्यरत फार्मासिस्ट अमरेश की कोरोना काल शुरू होने के बाद सबसे पहले उनकी ड्यूटी रैपिड रिस्पांस टीम में लगाई गई थी। इस दौरान वह कोरोना की चपेट में आ गए, लेकिन उन्होंने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। लगातार ड्यूटी करते रहे। संक्रमण की दूसरी लहर में उनकी वैक्सीनेशन और संक्रमितों की निगरानी में लगा दी गई। टीकाकरण में ऑफलाइन पंजीकरण बंद होने के बाद वह वहां आने वाले लोगों का टीकाकरण करने के साथ जिन लोगों को पंजीकरण करने में दिक्कत आ रही है, उनका पंजीकरण कराकर टीकाकरण करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही उनकी पत्नी सविता गौतम जोकि जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है। दोनों दंपती कोरोना काल में बच्चों को छोड़कर मरीजों की सेवा करने में जुट हुए हैं।
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ऐसे करें आसन
- पदमासन या सुखासन में बैठें
- कमर गर्दन सीधी ।
- दोनों हाथ घुटनों पर ।
- सांस बाहर निकाले, सांस गहरा भरें, मूलबंध लगाएं।
- नासिका द्वारा सांस को शक्ति के साथ बाहर फेंके, थोड़ा सांस अंदर आएगा, उसे आने दे।
- जब सारी सांस बाहर निकल जाये, त्रिबंध लगाए ,
- जब सांस लेने की जरूरत , त्रिबंध खोलें ,
- पुन: यही क्रिया दोहराते रहे, 15 मिनट से 30 मिनट तक करें।
यह है लाभ
मस्तिष्क तेज होता है। फेफड़ों में शुद्ध ऑक्सीजन से शुद्ध रक्त की पूर्ति, रक्तचाप सामान्य। सभी चक्र प्रभाव में आते है। फेफड़े मजबूत होते हैं।
संकट के सिपाही
पॉजिटिव होने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
शहर की अर्बन पीएचसी पर कार्यरत फार्मासिस्ट अमरेश की कोरोना काल शुरू होने के बाद सबसे पहले उनकी ड्यूटी रैपिड रिस्पांस टीम में लगाई गई थी। इस दौरान वह कोरोना की चपेट में आ गए, लेकिन उन्होंने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। लगातार ड्यूटी करते रहे। संक्रमण की दूसरी लहर में उनकी वैक्सीनेशन और संक्रमितों की निगरानी में लगा दी गई। टीकाकरण में ऑफलाइन पंजीकरण बंद होने के बाद वह वहां आने वाले लोगों का टीकाकरण करने के साथ जिन लोगों को पंजीकरण करने में दिक्कत आ रही है, उनका पंजीकरण कराकर टीकाकरण करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही उनकी पत्नी सविता गौतम जोकि जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है। दोनों दंपती कोरोना काल में बच्चों को छोड़कर मरीजों की सेवा करने में जुट हुए हैं।
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