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टाइगर रिजर्व के वायरलेस आपरेटरों ने सौंपा ज्ञपन

Wed, 28 Oct 2015 11:39 PM IST
पीलीभीत।
पीलीभीत। Updated Wed, 28 Oct 2015 11:39 PM IST
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Wireless Operators assigned Jtrpan
टाइगर रिजर्व पर दैनिक वेतन भोगी के रूप में रखे गए वायरलेस आपरेटरों को हटाने की तैयारी है। इसके विरोध में वायरलेस आपरेटरों ने प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। इसमें दो नवंबर से भूखहड़ताल की चेतावनी दी गई है।
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 टाइगर रिजर्व बनने के बाद इसकी सुरक्षा को दैनिक वेतन भोगी के रूप में वाचर, गेटमैन व वायरलेस आपरेटर नियुक्त किए गए थे। लेकिन मार्च से इनके वेतन के लिए बजट न मिलने से दिक्कत आ रही है।
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इस पर अगस्त माह में 104 वाचरों को हटा दिया गया था। अब पहल नवंबर से 23 वायरलेस आपरेटरों व कुछ गेटमैन को भी हटाने की तैयारी है। महोफ रेंज में तैनात वायरलेस आपरेटरों को इसकी सूचना भी दे दी गई है।
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इसकी जानकारी होने पर बुधवार को बड़ी संख्या में वायरलेस आपरेटर, गेट मैन एवं वाचर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां डीएफओ के न मिलने पर उन्होंने एसडीओ डीपी को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा है कि मार्च माह से भुगतान न मिलने से परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। वहीं अब काम से हटाकर बेरोजगार किया जा रहा है। इससे रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो जाएगी।

दैनिक वेतनभोगी कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें पहली नवंबर से हटा दिया गया तो वह लोग भूख हड़ताल करने को विवश होंगे।

ज्ञापन सौंपने वालों में जीशान अली, अशोक कुमार, सौरभ, नसीम मियां, भजनलाल, भरत सिंह, विकास, फिराकत शाह, वीरेंद्र, लियाकत शाह, सुरेंद्र पाल, शमीम मियां, रूपलाल आदि शामिल थे।
टाइगर रिजर्व को 3.65 के सापेक्ष मिले 1.90 करोड़
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के विकास और सुरक्षा के लिए विभाग ने एनटीसीए को 3.65 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इस पर कटौती कर विभाग को मात्र 1.90 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। बजट में लेबर बजट में कटौती होने से सुरक्षा में दिक्कत आ सकती है साथ अन्य कार्य भी प्रभावित होंगे।

नौ जून 2014 को टाइगर रिजर्व की स्वीकृति मिलने के बाद पीलीभीत के जंगलों की सुरक्षा और मजबूत होने एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जगी थी।

इसके बाद विभाग ने वर्ष 2015-16 में कराए जाने वाले मरम्मत कार्य, दैनिक वेतन भोगियों के भुगतान आदि के लिए 3.65 करोड़ रुपये का बजट बनाकर शासन के माध्यम से एनटीसीए को भेजा था। आठ माह पूर्व भेजे गए इस प्रस्ताव को एनटीसीए ने स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन इसमें कटौती कर दी है।

सबसे ज्यादा लगभग एक करोड़ की कटौती लेबर बजट में की गई है। विभाग द्वारा भेजे गए 3.65 करोड़ के बजट के सापेक्ष एनटीसीए ने 2.57 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें से प्रथम किश्त के रूप में अभी मात्र 1.90 करोड़ रुपया ही जारी किया है जो एक दो दिन प्राप्त हो जाएगा।


इसका पत्र विभाग को प्राप्त हो गया है। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि एनटीसीए से 1.90 करोड़ रुपये जारी होने का पत्र मिला है। इससे सुरक्षा के साथ मरम्मत व विकास कार्य कराए जाएंगे।
यह होने हैं काम
रोड मरम्मत, एंटी पोचिंग टावर निर्माण, हटों की मरम्मत, चारागाह विकास, फायर लाइन बनाना, सोलर लाइटों की व्यवस्था।
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