फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Will build prisons and banks

जेलों और बैरकों का होगा निर्माण

Fri, 22 Jan 2016 10:34 PM IST
पीलीभीत
पीलीभीत Updated Fri, 22 Jan 2016 10:34 PM IST
विज्ञापन
Will build prisons and banks
कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा कि जेलों मेें बंदियों की संख्या का दबाव कम करने के लिए नई जेलों और बैरकों का निर्माण कराया जाएगा। 70 साल से अधिक उम्र के कैदियों को रिहा कराने की पहल शुरू की जाएगी। मुलाकात की प्रक्रिया ऑन लाइन की जाएगी। हफ्ते में दो दिन के स्थान पर तीन दिन मुलाकात कराई जाएगी।
विज्ञापन

श्री रामूवालिया गुरुनानक इंटर कॉलेज में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जेलों के अंदर की व्यवस्थाएं ठीक की जा रही हैं। कैदियों की उनके परिवार वालों से फोन पर बात कराने की पहल शुरू की गई है। शुद्ध पेजयल के लिए 39 जेलों में आरओ लगवाए जा रहे हैं। सप्ताह में दो दिन होने वाली मुलाकात तीन दिन कराने का प्रयास किया जा रहा है। जेलों में मुलाकात के नाम पर होने वाली वसूली पर रोक लगाने के लिए ऑन लाइन मुलाकात की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि करीब सभी जेलों में क्षमता से अधिक बंदी हैं। हालांकि इसमें सजा पाने वाले कैदियों की संख्या कम है। क्षमता से अधिक कैदी होने पर जेलों में बैरकों का निर्माण कराया जाएगा। नई जेलों में बंदियों का ट्रांसफर किया जाएगा। प्रदेश में डेढ़ हजार से लेकर दो हजार कैदी सत्तर साल से अधिक आयु के हैं। इनको रिहा कराने की पहल शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी पार्टी के विधायकों को पत्र लिखा जाएगा। महिला बंदियों के साथ हमदर्दी रखी जाए, इसके भी प्रयास होंगे। किसानों को फसल का पूरा दाम दिलाने का प्रयास सरकार कर रही है। इसके बाद कारागार मंत्री ने गुरुद्वारा श्री सिंह सभा पहुंचे और लंगर हाल की नींव रखी। गुरुद्वारा में गुरु गोविंद सिंह प्रकाशोत्सव समारोह में भी उन्होंने भाग लिया।  
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed