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घास चर रहे घोड़े को मगरमच्छ मारकर खींच ले गया नदी में
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अमरिया (पीलीभीत)। अप्सरा नदी किनारे खेत में घास चर रहे घोड़े को मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने मौका मुआयना किया।
तहसील क्षेत्र के गांव भौनी निवासी रामऔतार ने बताया कि वह घोड़ा बुग्गी चला कर अपना परिवार पालता है। रविवार की सुबह वह गांव से कुछ दूर अप्सरा नदी किनारे घोड़ा बुग्गी लेकर धान के खेत की नराई करने गया था। उसने बुग्गी को खड़ा कर घोड़े को खाली खेत में घास चरने के लिए छोड़ दिया। घोड़ा घास चरता हुआ अप्सरा नदी किनारे पहुंच गया। नदी किनारे पहले से ही घात लगाए बैठे विशाल मगरमच्छ ने घोड़े पर हमला कर दिया। वह घोड़े को नदी में खींच ले गया। राहगीरों ने देखा तो शोर मचाया। कुछ ही देर में मौके पर दर्जनों लोग जमा हो गए। मगरमच्छ घोड़े को लेकर नदी के गहरे पानी में डूब गया। मगरमच्छ घोड़ा दोनों ही दिखाई नहीं दिए। सूचना के बाद डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना, शेलेन्द्र कुमार, नबी शेर, टीका राम ने मौके पर पहुंच कर मौका मुआयना किया। लेकिन घोड़े का शव बरामद नहीं हुआ।
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तहसील क्षेत्र के गांव भौनी निवासी रामऔतार ने बताया कि वह घोड़ा बुग्गी चला कर अपना परिवार पालता है। रविवार की सुबह वह गांव से कुछ दूर अप्सरा नदी किनारे घोड़ा बुग्गी लेकर धान के खेत की नराई करने गया था। उसने बुग्गी को खड़ा कर घोड़े को खाली खेत में घास चरने के लिए छोड़ दिया। घोड़ा घास चरता हुआ अप्सरा नदी किनारे पहुंच गया। नदी किनारे पहले से ही घात लगाए बैठे विशाल मगरमच्छ ने घोड़े पर हमला कर दिया। वह घोड़े को नदी में खींच ले गया। राहगीरों ने देखा तो शोर मचाया। कुछ ही देर में मौके पर दर्जनों लोग जमा हो गए। मगरमच्छ घोड़े को लेकर नदी के गहरे पानी में डूब गया। मगरमच्छ घोड़ा दोनों ही दिखाई नहीं दिए। सूचना के बाद डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना, शेलेन्द्र कुमार, नबी शेर, टीका राम ने मौके पर पहुंच कर मौका मुआयना किया। लेकिन घोड़े का शव बरामद नहीं हुआ।