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शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के करीब बाघ की दस्तक से सहमे ग्रामीण
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शाहगढ़ क्षेत्र में बाघ के पगचिह्न देखते ग्रामीण।
- फोटो : PILIBHIT
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कलीनगर। जंगल से बाहर बाघों की मौजूदगी लगातार जारी है। सोमवार रात बाघ खेतों के रास्ते शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के निकट पहुंच गया। पास में स्थित फार्म हाउस के निकट बाघ के पगचिह्न देख ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। मंगलवार सुबह मामले की जानकारी सामाजिक वानिकी विभाग को दी गई है। हालांकि दोपहर तक विभाग का कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा था।
कलीनगर तहसील के शाहगढ़ क्षेत्र में एक माह पूर्व से बाघ की मौजूदगी देखी जा रही है। खन्नौत नदी में शरण लिए बाघ पांच किलोमीटर दायरे में पड़ने वाले गांवों की सीमा तक चहलकदमी कर रहा है। दरअसल खन्नौत नदी में बाघ को शिकार मिल जाता है। दिन में रुकने के बाद बाघ रात होते ही खेतों के रास्तों पर निकल जाता है। दस दिन पूर्व चांदूपुर गांव की सीमा में बाघ की मौजूदगी देखी गई थी। इधर, सोमवार रात बाघ शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के पास पहुंच गया। स्टेशन के समीप स्थित सुखजिंदर सिंह के फार्म हाउस तक बाघ के पगचिह्न देखे गए। मामले की सूचना सामाजिक वानिकी के क्षेत्रीय वनकर्मियों को दी गई। रेंजर अयूब हसन ने बताया कि शाहगढ़ क्षेत्र में टीम को सक्रिय कर बाघ की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
गंभीर नहीं विभाग
माला रेंज के जंगल से दूर शाहगढ़ क्षेत्र में डेरा जमाए बाघ की करीब एक माह से मौजूदगी देखी जा रही है। क्षेत्रीय लोगों की सूचना के बाद सामाजिक वानिकी विभाग की कार्रवाई निगरानी के दावों तक सीमित रह गई है। बाघ लगातार कई गांव की सीमा में आबादी क्षेत्र तक चहलकदमी कर रहा है। ऐसे में लंबे समय से बाघ की आबादी क्षेत्र में मौजूदगी के बावजूद विभाग गंभीर नहीं हो सका। ग्रामीण बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने की अपील कर रहे हैं।
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कलीनगर तहसील के शाहगढ़ क्षेत्र में एक माह पूर्व से बाघ की मौजूदगी देखी जा रही है। खन्नौत नदी में शरण लिए बाघ पांच किलोमीटर दायरे में पड़ने वाले गांवों की सीमा तक चहलकदमी कर रहा है। दरअसल खन्नौत नदी में बाघ को शिकार मिल जाता है। दिन में रुकने के बाद बाघ रात होते ही खेतों के रास्तों पर निकल जाता है। दस दिन पूर्व चांदूपुर गांव की सीमा में बाघ की मौजूदगी देखी गई थी। इधर, सोमवार रात बाघ शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के पास पहुंच गया। स्टेशन के समीप स्थित सुखजिंदर सिंह के फार्म हाउस तक बाघ के पगचिह्न देखे गए। मामले की सूचना सामाजिक वानिकी के क्षेत्रीय वनकर्मियों को दी गई। रेंजर अयूब हसन ने बताया कि शाहगढ़ क्षेत्र में टीम को सक्रिय कर बाघ की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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गंभीर नहीं विभाग
माला रेंज के जंगल से दूर शाहगढ़ क्षेत्र में डेरा जमाए बाघ की करीब एक माह से मौजूदगी देखी जा रही है। क्षेत्रीय लोगों की सूचना के बाद सामाजिक वानिकी विभाग की कार्रवाई निगरानी के दावों तक सीमित रह गई है। बाघ लगातार कई गांव की सीमा में आबादी क्षेत्र तक चहलकदमी कर रहा है। ऐसे में लंबे समय से बाघ की आबादी क्षेत्र में मौजूदगी के बावजूद विभाग गंभीर नहीं हो सका। ग्रामीण बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने की अपील कर रहे हैं।
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