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खुलासा: क्यों US सैनिकों ने हाथों में हथकड़ी और पैरों में पहनाई थी बेड़ी, जानें वापस लौटे गुरप्रीत की जुबानी

Fri, 07 Feb 2025 06:19 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पीलीभीत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पीलीभीत Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 07 Feb 2025 06:19 PM IST
सार

गुरप्रीत सिंह ने बताया पकड़े जाने के बाद अमेरिकी सैनिकों का हरियाणा को छोड़कर अन्य लोगों के प्रति व्यवहार ठीक था। 

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Why US soldiers put handcuffs and shackles on feet know from Gurpreet who returned donkey route
गुरप्रीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका में अवैध प्रवासी घोषित किए गए 104 भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेज दिया गया। इनमें पीलीभीत के पूरनपुर का रहने वाला गुरप्रीत सिंह भी शामिल है। वह 22 लाख रुपये कर्ज लेकर डंकी रूट के जरिये अमेरिकी सीमा पर पहुंचा था, लेकिन वहां सेना ने पकड़ लिया। पुलिस से पूछताछ में गांव बंजरिया निवासी गुरप्रीत ने बृहस्पतिवार को अपनी पूरी दास्तां बताई। दिल्ली से लेकर आई पुलिस टीम ने पूछताछ के बाद परिजन को सौंप दिया। गुरप्रीत ने बताया कि 22 दिन तक अमेरिका में डिटेंशन कैंप में रखा गया। इस दौरान उसे भोजन तो दिया गया लेकिन नहाने नहीं दिया।

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मजदूरी कर पाला पेट
गुरप्रीत सिंह ने बताया कि स्टडी वीजा पर सितंबर 2022 में 15 लाख रुपये खर्च कर नगर में आईलेट सेंटर चलाने वाले संचालक के माध्यम से इंग्लैंड गया था। इंग्लैंड में स्टडी पर विदेश भेजने वाले से छह महीने की फीस जमा करना तय हुआ था, लेकिन उसने दो महीने की फीस जमा नहीं की। इस वजह से इंग्लैंड में उसे स्कूल से निकाल दिया गया। इसके बाद मजदूरी कर इंग्लैंड में रहता रहा। इस दौरान वीजा की अवधि समाप्त हो गई। इसके बाद उसने इंग्लैंड से कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के वर्क वीजा की कोशिश की। 

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22 लाख का लिया कर्ज
इंग्लैंड में भारत के रहने वाले एक व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई। उसने डंकी रूट से उसे अमेरिका तक पहुंचाने का वादा किया। इसके लिए उसके भाई ने कर्ज लेकर 22 लाख रुपये का इंतजाम कराया। डंकी रूट से अमेरिका भिजवाने वाले ने दिसंबर 2024 को उसे स्पेन का टूरिज्म वीजा दिलाया। स्पेन से मैक्सिको होते हुए उसे बीहड़, सुनसान जंगल के रास्तों से कई किलोमीटर पैदल चलाया गया। 

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बंदूक दिखाकर छीना फोन, फिर तोड़ दिया
डंकी रूट से अमेरिका भेजने वालों ने उसका मोबाइल बंदूक के बल पर छीनकर तोड़ दिया। 13 जनवरी 2025 को अमेरिका सीमा में पहुंचा दिया गया। अमेरिका सीमा में घुसते ही उसे वहां की सेना ने पकड़ लिया। 22 दिन तक अमेरिका में डिटेंशन कैंप में रखा गया। इसके बाद गलत ढंग से अमेरिका में घुसे भारत के लोगों की सूची के अनुसार सभी को हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगाकर जहाज से गोवान और वहां से अमृतसर हवाई जहाज से लाया गया। गुरप्रीत ने बताया कि इस दौरान उसे खाने को तो दिया गया, लेकिन 22 दिन नहाने नहीं दिया गया। 

बेटे से मिलने को आतुर थी मां 
गुरप्रीत ने 22 दिन पहले अपने सेना में तैनात भाई को फोन कर अमेरिका पहुंचने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसका संपर्क परिजन से नहीं हो रहा था। पुत्र से बात न होने पर उसकी मां जसविंदर कौर परेशान थीं। बुधवार को जब उसके अमेरिका में पकड़े जाने और उसे भारत वापस लाने की जानकारी हुई। तब से जसविंदर कौर दुखी थीं। 

लाखों खर्च कर खाली हाथ लौटा 
गुरप्रीत के घर लौटने की जानकारी पर उसके घर रिश्तेदारों, करीबियों की भीड़ लगी रही। 15 लाख रुपये खर्च कर इंग्लैंड और 22 लाख रुपये खर्च कर अमेरिका डंकी रूट से पहुंचा गुरप्रीत वापस खाली हाथ भारत लौटा तो मायूस दिखा। पिता गुरमीत भी मायूस और दुखी थे। गुरप्रीत से पुलिस ने करीब ढाई घंटे से अधिक पूछताछ की। इसके बाद उसके पिता को सौंप दिया।

अमेरिकी सैनिकों का व्यवहार अच्छा, डर के चलते लगाई थीं बेड़ियां 
गुरप्रीत सिंह ने बताया पकड़े जाने के बाद अमेरिकी सैनिकों का हरियाणा को छोड़कर अन्य लोगों के प्रति व्यवहार ठीक था। हरियाणा के लोगों की बोली को लेकर सैनिक उनको असभ्य बता रहे थे। बताया कि हाथों और पैरों में हथकड़ी इस वजह से लगाई गई कि सैनिकों की संख्या कम थी। पकड़े गए लोग कहीं उन पर हमला न कर दें। 

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