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‘किसके लहू में दम है कश्मीर हमसे छीने...’

Sat, 09 Jan 2016 11:24 PM IST
plibhit
plibhit Updated Sat, 09 Jan 2016 11:24 PM IST
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" Whose blood is merit in K took away from us ... "

खादी महोत्सव में शुक्रवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रांतों से आए कवियों ने व्यंग, तंज, देश प्रेम और भाईचारा पर अपनी प्रस्तुतियां देकर तालियां बटोरी।

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जयसंतरी देवी मंदिर मैदान में हुए कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा और अध्यक्षता कर रहे पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया। इसके बाद संचालक डॉ. राहुल अवस्थी ने मंच की कमान अपने हाथों में लेकर बस्ती से आई शिवा त्रिपाठी को सरस्वती वंदना के लिए आमंत्रित किया। प्रथम प्रस्तुति मुंबई से आए हेमंत पांडेय ने हास्य व्यंग्य से दर्शकों का मनोरंजन किया। उनकी रचनाओं की एक बानगी इस प्रकार थी-
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नेताओं के पुतले जो आए दिन फूंकते हैं
वो भी टिकट के लिए कतारों में दिखते हैं।
आगरा से आए कवि सचिन दीक्षित ने शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा-
मैंने बहुत सम्मान किया बापू वाली सीखों का
लेकिन फिर भी कर्जदार हैं भगतसिंह की चीखों का।
गीतकार फारूख सरल ने देश प्रेम को यूं प्रस्तुत किया-
केसर की क्यारियों की जो गीत हमसे छीनें
किसके लहू में दम है कश्मीर हमसे छीने।
बाराबंकी से आए कवि विनय शुक्ला ने कहा-
अगर इरादे अमर शहीदों के फौलाद नहीं होते
यदि आजाद नहीं होते तो हम आजाद नहीं होते।
जयपुर के विठ्ठल पारीख के गीत के अंश कुछ इस प्रकार थे-
नफरत के रंग में रंगे हाथ दोनों
मनुजता के सब सभ्यता गल रही है।
कवि अली हसन मकरैंडिया ने अपनी छाप छोड़ी-
मंदिर से मस्जिद से निकलो, गिरजे व गुरुद्वारों से
करों देश की हिफाजत भीतर के गद्दारों से।
बस्ती की युवा कवियत्री शिवा त्रिपाठी ने सुनाया-
समय का चक्र बीता जा रहा है आने जाने में
जो रूठा हो उसे मत देर करना मनाने में।
राजस्थान से हास्य कवि राव अजातशत्रु ने सभी को जमकर हंसाया-
सो जाते हैं सरहद पर जांबाज सिपाही शेर अगर
अगर देश की बात चले तो दीवाने हो जाते हैं।
कवि मनोहर मनोज ने चुटीली रचनाओं से गुदगुदाया-
डाक्टर होकर आप कैसी बातें करते हैं
इस देश में लोग जहर से नहीं दवाई से मरते हैं।
संचालक राहुल अवस्थी ने अपनी रचना पढ़ी-
इस देश में अब दंगा नहीं होना चाहिए
हम रहे न रहे देश मेें तिरंगा होना चाहिए।
कवि सम्मेलन से पूर्व लोक गायक श्याम कुमार ने साथियों के साथ भोजपुरी कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बाधा। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, नरेंद्र मिश्रा कट्टर, मोहम्मद आरिफ, डॉ. राशिद मलिक, कलीम अतहर अमिताभ अग्निहोत्री, राजेश सहित कई लोग थे।

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