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‘बरसात भर हो बचाव कार्याें की निगरानी’
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा।
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:20 PM IST
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निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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चीफ इंजीनियर ने लिया नगरियाखुर्दकलां और नौजल्हा में बाढ़ नियंत्रण कार्य का लिया जायजा
सिचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने शनिवार को शारदा नदी के नगरियाखुर्दकलां और नौजल्हा नंबर दो में कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों का निरीक्षण किया। साथ ही स्थानीय अभियंताओं से कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी की।
चीफ इंजीनियर शारदा ओम वर्मा शनिवार को लखीमपुर बाढ़ मंडल के अधीक्षण अभियंता जैश आलम के साथ शारदा नदी के नगरियाखुर्दकलां क्षेत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों को जायजा लिया और सहायक अभियंता श्याम सिंह बघेल से नदी के कटान के बारे में जानकारी की। कटान की स्थिति पूछने पर सहायक अभियंता ने बताया कि नदी पर संख्या 9ए और 9बी के पास पानी का दबाव बनाए हुए है। यहां पूर्व में ही इसके एप्रिन पर कार्य कराया है। इस पर चीफ इंजीनियर ने आगे के क्षेत्र को भी संवेदनशील मानते हुए रोजाना मानीटरिंग करने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद वह नौजल्हा नंबर दो में ढाई किमी लंबे मार्जनल बांध को देखने पहुंचे। मार्जनल बांध का निरीक्षण करने के साथ उन्होंने सहायक अभियंता से बजट के बाबत जानकारी की। इस पर एसडीओ ने नाममात्र का बजट मिलने की बात कही। एसडीओ ने बताया कि यहां जिओ ट्यूब व जिओ बैग संबंधी कार्य पूरा हो चुका है। मात्र निचले स्पर में छोटे जिओ ट्यूब का एप्रिन और आरवीएम का कार्य बाकी है। इस दौरान चीफ इंजीनियर ने अभियंताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि काम कराने का मतलब यह नहीं कि क्षेत्र का बचाव कर लिया गया है, जब तक बरसात रहती है तब तक यहां कराए गए कार्यों की कड़ी निगरानी की जाए। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता अशरफ खां, जय सिंह समेत बाढ़ खंड के सभी अवर अभियंता मौजूद रहे।
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सिचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने शनिवार को शारदा नदी के नगरियाखुर्दकलां और नौजल्हा नंबर दो में कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों का निरीक्षण किया। साथ ही स्थानीय अभियंताओं से कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी की।
चीफ इंजीनियर शारदा ओम वर्मा शनिवार को लखीमपुर बाढ़ मंडल के अधीक्षण अभियंता जैश आलम के साथ शारदा नदी के नगरियाखुर्दकलां क्षेत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों को जायजा लिया और सहायक अभियंता श्याम सिंह बघेल से नदी के कटान के बारे में जानकारी की। कटान की स्थिति पूछने पर सहायक अभियंता ने बताया कि नदी पर संख्या 9ए और 9बी के पास पानी का दबाव बनाए हुए है। यहां पूर्व में ही इसके एप्रिन पर कार्य कराया है। इस पर चीफ इंजीनियर ने आगे के क्षेत्र को भी संवेदनशील मानते हुए रोजाना मानीटरिंग करने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद वह नौजल्हा नंबर दो में ढाई किमी लंबे मार्जनल बांध को देखने पहुंचे। मार्जनल बांध का निरीक्षण करने के साथ उन्होंने सहायक अभियंता से बजट के बाबत जानकारी की। इस पर एसडीओ ने नाममात्र का बजट मिलने की बात कही। एसडीओ ने बताया कि यहां जिओ ट्यूब व जिओ बैग संबंधी कार्य पूरा हो चुका है। मात्र निचले स्पर में छोटे जिओ ट्यूब का एप्रिन और आरवीएम का कार्य बाकी है। इस दौरान चीफ इंजीनियर ने अभियंताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि काम कराने का मतलब यह नहीं कि क्षेत्र का बचाव कर लिया गया है, जब तक बरसात रहती है तब तक यहां कराए गए कार्यों की कड़ी निगरानी की जाए। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता अशरफ खां, जय सिंह समेत बाढ़ खंड के सभी अवर अभियंता मौजूद रहे।
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