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टूटा तीन साल का रिकॉर्ड, 36 घंटों में 45 मिमी बारिश
सार
बरसात ने पिछले तीन सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है।जिले में बृहस्पतिवार से लगातार हो रही बारिश से अचानक मौसम का मिजाज बदल गया।
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पीलीभीत में गांव लदपुरा स्थित एक खेत में बारिश से खराब हुई धान की फसल। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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विस्तार
पीलीभीत। बारिश किसानों पर कहर बनकर टूटी है। बरसात ने पिछले तीन सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। बीते 36 घंटे में 45 मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि पिछले साल इसी अक्तूबर माह में 45 मिलीमीटर बारिश हुई थी। लगातार हो रही बरसात से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। लगातार बारिश होने से खेतों में पानी भरने से फसल तैर रही हैं।
इस बार मानसून के दौरान जिले में नाममात्र की बारिश हुई थी। सिंचाई के लिए किसानों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ी थी। जिले को सूखागस्त घोषित करने की मांग की जा रही थी, लेकिन अब बारिश किसानों को तबाह कर रही है। पिछले 36 घंटों में हुई बारिश ने धान की फसल तबाह कर दी है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका का कहना है कि बारिश से धान की फसल को जबरदस्त नुकसान हुआ है। अब तक की ऊंचे स्थानों पर बारिश का कम असर है, मगर निचले इलाकों की कृषि फसलों को 20-25 फीसदी नुकसान होने की आशंका है।
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कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि जिले में 1.35 लाख हेक्टेयर में धान की फसल बोई गई है। पिछले साल 19,20,21 अक्तूबर को बारिश हुई थी। तब काफी फसल कट चुकी थी। बालियां पक र्गइं थीं। अभी अगर खेतों में पानी नहीं भरा हो तभी फसल बच सकेगी। रही बात नुकसान की तो यह सर्वे के बाद ही बताया जा सकता है।
भाकियू ने की किसानों को मुआवजा देने की मांग
बारिश से धान की फसल को हो रहे नुकसान से किसान परेशान है। भाकियू अराजनीतिक के जिला अध्यक्ष मंजीत सिंह ने मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि दो दिन से हो रही बारिश से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। अभी तीन दिन और बारिश की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
दिनभर छाए रहे बादल, तीन दिन और बारिश के आसार
शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार देर शाम तक जारी रही
अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा
पीलीभीत। जिले में बृहस्पतिवार से लगातार हो रही बारिश से अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है। एसी, कूलर व पंखे चलना बंद हो गए हैं। शनिवार को तीसरे दिन भी बादल छाए रहे और दोपहर तक झमाझम बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक अभी मंगलवार तक बारिश का संभावना बनी हुई है।
शुक्रवार की रात से शुरू हुई बारिश शनिवार शाम तक जारी रही। इसके कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो शनिवार को गिरकर अधिकतम 23 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस तरह तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका का कहना है कि मंगलवार तक हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
तीन साल में अक्तूबर माह में बरसात का आंकड़ा
सन 2020 : अक्तूबर माह में- 15-20 एमएम
सन 2021 : अक्तूबर माह में - 45 एमएम
सन 2022 : अक्तूबर माह में - तीन दिन में 45 एमएम
चिकित्सकों ने कहा-सर्दी के मरीज बढ़ेंगे
जिला अस्पताल के फीजिशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना कि बारिश से अचानक तापमान में गिरावट आई है। मौसम में बदलाव होने से सर्दी, जुकाम की समस्या बढ़ेगी। बुखार में कुछ हद तक कमी आएगी। उन्होंने बताया कि लोग शरीर को ढक कर रखें। सुबह शाम गर्म पानी पीने के साथ कपड़े पहनने में लापरवाही नहीं दिखाएं।
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इस बार मानसून के दौरान जिले में नाममात्र की बारिश हुई थी। सिंचाई के लिए किसानों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ी थी। जिले को सूखागस्त घोषित करने की मांग की जा रही थी, लेकिन अब बारिश किसानों को तबाह कर रही है। पिछले 36 घंटों में हुई बारिश ने धान की फसल तबाह कर दी है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका का कहना है कि बारिश से धान की फसल को जबरदस्त नुकसान हुआ है। अब तक की ऊंचे स्थानों पर बारिश का कम असर है, मगर निचले इलाकों की कृषि फसलों को 20-25 फीसदी नुकसान होने की आशंका है।
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कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि जिले में 1.35 लाख हेक्टेयर में धान की फसल बोई गई है। पिछले साल 19,20,21 अक्तूबर को बारिश हुई थी। तब काफी फसल कट चुकी थी। बालियां पक र्गइं थीं। अभी अगर खेतों में पानी नहीं भरा हो तभी फसल बच सकेगी। रही बात नुकसान की तो यह सर्वे के बाद ही बताया जा सकता है।
भाकियू ने की किसानों को मुआवजा देने की मांग
बारिश से धान की फसल को हो रहे नुकसान से किसान परेशान है। भाकियू अराजनीतिक के जिला अध्यक्ष मंजीत सिंह ने मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि दो दिन से हो रही बारिश से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। अभी तीन दिन और बारिश की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
दिनभर छाए रहे बादल, तीन दिन और बारिश के आसार
शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार देर शाम तक जारी रही
अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा
पीलीभीत। जिले में बृहस्पतिवार से लगातार हो रही बारिश से अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है। एसी, कूलर व पंखे चलना बंद हो गए हैं। शनिवार को तीसरे दिन भी बादल छाए रहे और दोपहर तक झमाझम बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक अभी मंगलवार तक बारिश का संभावना बनी हुई है।
शुक्रवार की रात से शुरू हुई बारिश शनिवार शाम तक जारी रही। इसके कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो शनिवार को गिरकर अधिकतम 23 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस तरह तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका का कहना है कि मंगलवार तक हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
तीन साल में अक्तूबर माह में बरसात का आंकड़ा
सन 2020 : अक्तूबर माह में- 15-20 एमएम
सन 2021 : अक्तूबर माह में - 45 एमएम
सन 2022 : अक्तूबर माह में - तीन दिन में 45 एमएम
चिकित्सकों ने कहा-सर्दी के मरीज बढ़ेंगे
जिला अस्पताल के फीजिशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना कि बारिश से अचानक तापमान में गिरावट आई है। मौसम में बदलाव होने से सर्दी, जुकाम की समस्या बढ़ेगी। बुखार में कुछ हद तक कमी आएगी। उन्होंने बताया कि लोग शरीर को ढक कर रखें। सुबह शाम गर्म पानी पीने के साथ कपड़े पहनने में लापरवाही नहीं दिखाएं।