बारिश बनी आफत: पीलीभीत के न्यूरिया में रपटापुर पानी में डूबा, हजारों ग्रामीणों के सामने मुश्किल; आवागमन बंद
खकरा नदी में पानी बढ़ जाने से रविवार को रामपुर बौरख मार्ग पर बने रपटा पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बहने लगा था। हालांकि दो पहिया वाहनों और पैदल राहगीरों की आवाजाही जारी रही थी। सोमवार को हालात और बिगड़ गए।
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मैदानी इलाकों और पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। पीलीभीत के न्यरिया क्षेत्र में खकरा नदी पर गांव रामपुर बौरख मार्ग पर बने रपटापुल पर सोमवार को पानी बढ़ने के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। इस वजह से लोगों को मझोला या फिर पीलीभीत घूमकर न्यूरिया आना पड़ रहा है। इस मार्ग से करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं।
खकरा नदी में पानी बढ़ जाने से रविवार को रामपुर बौरख मार्ग पर बने रपटा पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बहने लगा था। हालांकि दो पहिया वाहनों और पैदल राहगीरों की आवाजाही जारी रही थी। सोमवार को हालात और बिगड़ गए। नदी का जलस्तर बढ़ जाने से रपटापुल पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है।
पुल पर पानी का तेज प्रवाह
पुल के ऊपर से कई फिट पानी तेज वेग से बहने लगा है। इस पुल से गांव धनकुना, धनकुनी, रामपुर बौरख, रसियापुर, मनचंदी, चहरौला, टोडरपुर, भगतनिया आदि गांवों के लोगों का आना-जाना रहता है। यही नहीं, मझोला के लोग भी इसी मार्ग से कस्बा आ जाते हैं। पानी बढ़ जाने से इन सभी गांवों के लोगों का कस्बा से संपर्क कट गया है।
पहले जाओ पीलीभीत या मझोला, फिर पहुंचेंगे न्यूरिया
रपटा पुल पर पानी बढ़ जाने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके चलते कस्बा आने के लिए लोगों को पहले या तो पीलीभीत जाना पड़ेगा या फिर मझोला जाना होगा। यही नहीं, कस्बा में स्थित अस्पताल आने के लिए भी लोगों को इन्हीं स्थानों पर पहले जाना होगा। लोगों को यह समस्या कई दिनों तक बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।