मतदाता सूची फर्जीवाड़ा: पीलीभीत के 150 बूथों की पड़ताल शुरू, पांच एईआरओ पर कस सकता है शिकंजा
पीलीभीत में मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में जांच तेज हो गई है। अमरिया तहसील के 150 बूथों और पांच सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जिला प्रशासन ने सभी विधानसभा सीटों पर भी मतदाता सूचियों की क्रॉस चेकिंग शुरू कराई है।
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पीलीभीत की सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितता के मामले में अमरिया तहसील के 150 बूथों और पांच सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरतते हुए जिले की सभी विधानसभा सीटों पर भी मतदाता सूचियों की क्रॉस चेकिंग शुरू करा दी है।
सदर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना शुरू कर दी है। उधर, अमरिया के तहसीलदार, ललौरीखेड़ा व अमरिया के बीईओ और बीडीओ भी जांच के घेरे में हैं। जांच में सामने आया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की आईडी-पासवर्ड का इस्तेमाल कर बिना मूल आवेदनों के ही फॉर्म-8 की 13,779 प्रविष्टियां दर्ज की गईं।
31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच इनमें से 10,470 प्रविष्टियां स्वीकृत और 3,309 अस्वीकृत की गईं, लेकिन इनसे संबंधित रिकॉर्ड कार्यालय में नहीं मिले। सपा और कांग्रेस द्वारा लगातार निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस नेताओं द्वारा अन्य सीटों पर भी गड़बड़ी के दावे के बाद डीएम आलोक कुमार ने पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित बूथों पर सूची के संशोधन का काम जारी है और जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
विशेष कैंप लगा, डुगडुगी से प्रचार
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शनिवार को पीलीभीत सहित सभी जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रसून द्विवेदी के अनुसार, सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बीएलओ बूथों पर उपस्थित रहेंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य नए युवाओं और छूटे हुए पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची में जोड़ना है। बूथों पर हेल्प डेस्क के साथ पर्याप्त फॉर्म-6 उपलब्ध रहेंगे। आवेदकों को फोटो, आयु व निवास प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रतियां लानी होंगी। प्रचार के लिए शहरों में लाउडस्पीकर और गांवों में डुगडुगी का सहारा लिया जाएगा। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए डीएम व अन्य अधिकारी निरीक्षण करेंगे।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि जिन 13 हजार मतदाताओं के आवेदन स्वीकार और अस्वीकार किए गए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। पांच एईआरओ की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। 150 बूथों पर गहन अभियान चलाकर एक-एक मतदाता की जांच कराई जा रही है।