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चकबंदी सीओ के पेशकार का रिश्वत लेते का वीडियो वायरल, निलंबित

Sat, 07 May 2022 12:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2022 12:56 AM IST
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Video of Consolidation CO professional taking bribe goes viral, suspended
सीओ का पेशकार। - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। बीसलपुर में चकबंदी सीओ के पेशकार ओमप्रकाश ने एक परिवादी से रिश्वत ली जिसका वीडियो वायरल हो गया। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पेशकार को निलंबित कर दिया गया है।
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चकबंदी के नाम पर पेशकार ओमप्रकाश किसानों से वसूली कर रहा था। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें ओमप्रकाश एक परिवादी से रिश्वत लेता हुआ दिख रहा है। वीडियो अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी एसके आनंद ने कनिष्ठ सहायक ओम प्रकाश को निलंबित कर दिया। फिलहाल उसे सदर में सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
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इधर, बता दें कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर काफी समय से शिकायतें हो रही हैं पर अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई ही नहीं हो रही थी। तमाम शिकायतें जांच के नाम पर लटका दी जाती थीं। इस मामले में भी परिवादी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सीधे तौर पर परिवादी ने भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हालांकि वीडियो जिस तरह बनाया गया है उससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि किसी मामले में आर्थिक लेनदेन हो रहा है। रुपये लेने व भ्रष्टाचार जैसी स्थिति का वीडियो वायरल होने पर अधिकारियों को संज्ञान लेना पड़ा और पेशकार पर कार्रवाई हो सकी।
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पीलीभीत। दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए एक प्रशिक्षु फार्मासिस्ट ने दिव्यांग से रुपये मांगे। यह रुपये चिकित्साधिकारी डा. रमाकांत सागर के नाम पर मांगे गए। मामले का संज्ञान अधिकारियों ने तब लिया जब सोशल मीडिया में रुपये मांगने का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद कोतवाली में फार्मासिस्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत डॉक्टर ने ही रिपोर्ट दर्ज कराई है।

जिला महिला अस्पताल में तैनात ट्रेनी फार्मासिस्ट रवि कुमार ने दिव्यांग संजीव कुमार से सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर दो हजार रुपये मांगे थे। इसका एक वीडियो गुरुवार को वायरल हुआ था। मामला संज्ञान में आने के बाद डॉ. रमाकांत ने शुक्रवार को कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर फार्मासिस्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब पुलिस विवेचना कर रही है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया ने बताया कि रवि कुमार की तैनाती उनके अस्पताल में थी लेकिन वह जिला अस्पताल कैसे और क्यों पहुंच गया ? यह जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद रवि शुक्रवार को उपस्थित नहीं हुआ। अब उसके पते पर नोटिस भेजा जाएगा।
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