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बजट ठीक...मगर पीलीभीत को कुछ खास मिलता तो अच्छा होता
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पीलीभीत। प्रदेश की भाजपा सरकार की ओर से मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने चौथा और प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया। बजट पेश होते ही लोगों की निगाहें टीवी पर जा टिकीं। जैसे-जैसे बजट के प्रस्ताव सामने आते रहे। युवा, महिलाएं, किसान और व्यापारी वर्ग नफा नुकसान का आकलन करते दिखे। बजट में युवाओं के रोजगार के लिए बड़ी धनराशि दी गई। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की टॉपर छात्राओं को लैपटॉप, डिप्लोमा सेक्टर में प्रवेश परीक्षाओं में चुने जाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देकर युवाओं को खुश करने की कोशिश की गई। वहीं किसानों को मुख्यमंत्री किसान दुघर्टना कल्याण बीमा जैसी नई योजना देकर उन्हें साधने की कोशिश की गई। जिलेवासियों को उम्मीद थी कि तराई के इस जिले को योगी सरकार कुछ खास देगी, लेकिन लोगों को निराशा ही हाथ लगी।
जिले की आठ सीएचसी होंगी उच्चीकृत.. मगर डॉक्टर कब बढ़ेंगे
योगी सरकार के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए खासा बजट दिया है। ग्रामीण अंचलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 100 बेड वाले अस्पताल में परिवर्तित किया जाएगा। जिले में आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें सभी में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में यदि इन अस्पतालों को 100 बेड वाले अस्पतालों में तब्दील किया गया तो इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की कमी कैसे पूरी होगी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भी लागू की जा चुकी है। इसके अलावा कई अन्य योजनाएं भी चल रही हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते यह योजनाएं भी जैसे- तैसे ही संचालित हो रही हैं।
721 ग्राम पंचायतों में बनेंगे दो-दो सामुदायिक शौचालय
सरकार ने अपने चौथे बजट में दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने का प्रयास किया है। बजट में ग्राम पंचायतों में दो-दो सामुदायिक शौचालय दिए हैं। जिले में 721 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसमें एक शौचालय ग्राम निधि से जबकि दूसरा शौचालय स्वच्छ भारत मिशन द्वारा बनवाया जाएगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए भी का प्रावधान रखा गया है। इससे वंचित पात्रों को छत नसीब हो सकेगी। गांवों तक जाने वाले संपर्क मार्गों को सुदृढ़ करने को बड़ी धनराशि दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में राजीव गांधी सेवा केंद्र की तर्ज पर चंद्रशेखर आजाद ग्रामीण विकास सचिवालयों की स्थापना की जाएगी।
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किसानों की बेहतरी के लिए ठोस कदम
सरकार ने अपने चौथे बजट में किसानों के साथ-साथ बटाईदारों को खुश करने की कोशिश की है। इसके लिए मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण बीमा योजना शुरू की गई है। इसके तहत अब मूल किसान ही नथहीं, यदि बटाईदार के साथ कोई हादसा होता है तो उसके परिवार वालों को भी बीमे का लाभ मिलेगा। जिले के करीब चार लाख किसानों को बुवाई के लिए बीजों की उपलब्धता के साथ अनुदान पर कृषि यंत्र भी मिल सकेंगे। गांवों में शहरों की तरह पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ जेबें ढीली करनी पड़ेगी। हालांकि गन्ने की दाम न बढ़ने से गन्ना किसानों में रोष देखा गया। जिले की बंद पड़ी मझोला चीनी मिल को भी चालू कराने के लिए भी कोई प्रयास नहीं दिखे।
रोजगार सृजन को बनेगा युवा हव
मंगलवार को पेश किए गए बजट में युवाओं पर खासा फोकस किया है। बजट में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। बेरोजगारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर देने के साथ युवा हब से युवा उद्यमिता विकास अभियान का संचालन होगा। इससे जिले के करीब 10 हजार युवाओं को लाभ मिलेगा। गांवों में खेल मैदान के साथ अब ओपन जिम की सुविधा हासिल होगी। भत्ता योजना से हर महीने ढाई हजार रुपये पर युवा प्रशिक्षण के साथ ही अनुभव भी हासिल करेंगे।
महिलाओं और बेटियों के सपने होंगे साकार
जिले मेें महिलाओं और बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए बजट में कई योजनाएं हैं। जिले की निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना जारी रखने की योजना को बल मिलेगा। तलाकशुदा महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। वहीं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए भी बड़े बजट की व्यवस्था होगी। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं।
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जिले की आठ सीएचसी होंगी उच्चीकृत.. मगर डॉक्टर कब बढ़ेंगे
योगी सरकार के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए खासा बजट दिया है। ग्रामीण अंचलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 100 बेड वाले अस्पताल में परिवर्तित किया जाएगा। जिले में आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें सभी में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में यदि इन अस्पतालों को 100 बेड वाले अस्पतालों में तब्दील किया गया तो इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की कमी कैसे पूरी होगी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भी लागू की जा चुकी है। इसके अलावा कई अन्य योजनाएं भी चल रही हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते यह योजनाएं भी जैसे- तैसे ही संचालित हो रही हैं।
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721 ग्राम पंचायतों में बनेंगे दो-दो सामुदायिक शौचालय
सरकार ने अपने चौथे बजट में दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने का प्रयास किया है। बजट में ग्राम पंचायतों में दो-दो सामुदायिक शौचालय दिए हैं। जिले में 721 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसमें एक शौचालय ग्राम निधि से जबकि दूसरा शौचालय स्वच्छ भारत मिशन द्वारा बनवाया जाएगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए भी का प्रावधान रखा गया है। इससे वंचित पात्रों को छत नसीब हो सकेगी। गांवों तक जाने वाले संपर्क मार्गों को सुदृढ़ करने को बड़ी धनराशि दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में राजीव गांधी सेवा केंद्र की तर्ज पर चंद्रशेखर आजाद ग्रामीण विकास सचिवालयों की स्थापना की जाएगी।
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किसानों की बेहतरी के लिए ठोस कदम
सरकार ने अपने चौथे बजट में किसानों के साथ-साथ बटाईदारों को खुश करने की कोशिश की है। इसके लिए मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण बीमा योजना शुरू की गई है। इसके तहत अब मूल किसान ही नथहीं, यदि बटाईदार के साथ कोई हादसा होता है तो उसके परिवार वालों को भी बीमे का लाभ मिलेगा। जिले के करीब चार लाख किसानों को बुवाई के लिए बीजों की उपलब्धता के साथ अनुदान पर कृषि यंत्र भी मिल सकेंगे। गांवों में शहरों की तरह पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ जेबें ढीली करनी पड़ेगी। हालांकि गन्ने की दाम न बढ़ने से गन्ना किसानों में रोष देखा गया। जिले की बंद पड़ी मझोला चीनी मिल को भी चालू कराने के लिए भी कोई प्रयास नहीं दिखे।
रोजगार सृजन को बनेगा युवा हव
मंगलवार को पेश किए गए बजट में युवाओं पर खासा फोकस किया है। बजट में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। बेरोजगारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर देने के साथ युवा हब से युवा उद्यमिता विकास अभियान का संचालन होगा। इससे जिले के करीब 10 हजार युवाओं को लाभ मिलेगा। गांवों में खेल मैदान के साथ अब ओपन जिम की सुविधा हासिल होगी। भत्ता योजना से हर महीने ढाई हजार रुपये पर युवा प्रशिक्षण के साथ ही अनुभव भी हासिल करेंगे।
महिलाओं और बेटियों के सपने होंगे साकार
जिले मेें महिलाओं और बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए बजट में कई योजनाएं हैं। जिले की निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना जारी रखने की योजना को बल मिलेगा। तलाकशुदा महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। वहीं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए भी बड़े बजट की व्यवस्था होगी। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं।