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उर्स के दूसरे दिन हुई परचम कुशाई
पीलीभीत
Updated Sat, 13 Dec 2014 12:25 AM IST
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उर्स का समापन 16 दिसंबर को होगा।
शहर के मोहल्ला पंजाबियान स्थित लुतफुल्लाह शाह मियां की दरगाह पर 11 दिसंबर से छह दिवसीय सालाना उर्स चल रहा है। उर्स के दूसरे दिन बाद नमाज-ए-फज्र कुरानख्वानी हुई। करीब दस बजे गुस्लशरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद परचम कुशाई की रस्म हुई। परचम कुशाई के जुलूस को गद्दीनशीन जहीर मियां लुत्फी ने झंडी दिखाकर रवाना किया। जुलूस में बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। देर शाम मुशायरे का कार्यक्रम हुआ। जिसमें शायरों ने लुतफुल्लाह शाह मियां की शान में नातिया कलाम पेश किया व उनके किरदार पर रौशनी डाली। इस मौके पर सज्जादानशीन नूर मियां लुत्फी, नुरुल्लाह मियां लुत्फी, रफीक मियां लुत्फी, वकील लुत्फी, हाजी अयाज शम्सी, हाफिज तबरेज, अतहर शम्सी, नजम शम्सी, हबीब बख्श शम्सी, हाजी शाहवेज शम्सी, हाजी वारिस शम्सी, नईम वारिस शम्सी आदि मौजूद रहे।
कुलशरीफ के साथ तीन दिवसीय उर्स का समापन
अमरिया। हजरत हाफिज अहमद हसन मियां के तीन दिनी उर्स का कुलशरीफ की रस्म के साथ समापन हो गया। इस मौके पर हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंच उर्स में शिरकत की तथा कुल के मौके पर हाथ उठाकर मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ मांगी।
कस्बे के समीप घेरा शरीफ में दस दिसंबर से हाफिज अहमद हसन मियां का तीन दिवसीय सालाना उर्स शुरू हुआ था। उर्स में पहले दिन चादरपोशी का कार्यक्रम हुआ। महफिल-ए-मिलाद, महफिल-ए-समां, नातिया मुशायरा आदि कार्यक्रम भी हुए। बृहस्पतिवार को कदम शरीफ की जियारत को भी तमाम अकीदतमंद पहुंचे। शुक्रवार सुबह कुलशरीफ की रस्म अदा हुई। जिसमें बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की। जाहिद हुसैन मियां ने मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई। कव्वाल पार्टियों ने अहमद हसन मियां की शान में सूफिया कलाम पेश किए। इस मौके पर साबिर हुसैन मियां, धुंधरी खानकाह के सज्जादानशीन शाकिर हुसैन, मौलाना कमरूज्जमा, हाजी सूफी इमदाद हुसैन, मुश्ताक अहमद, निसार अहमद, जाहिद अंसारी, असलम जावेद, फरीद सिद्दीकी, हामिद खां आदि मौजूद रहे।
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शहर के मोहल्ला पंजाबियान स्थित लुतफुल्लाह शाह मियां की दरगाह पर 11 दिसंबर से छह दिवसीय सालाना उर्स चल रहा है। उर्स के दूसरे दिन बाद नमाज-ए-फज्र कुरानख्वानी हुई। करीब दस बजे गुस्लशरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद परचम कुशाई की रस्म हुई। परचम कुशाई के जुलूस को गद्दीनशीन जहीर मियां लुत्फी ने झंडी दिखाकर रवाना किया। जुलूस में बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। देर शाम मुशायरे का कार्यक्रम हुआ। जिसमें शायरों ने लुतफुल्लाह शाह मियां की शान में नातिया कलाम पेश किया व उनके किरदार पर रौशनी डाली। इस मौके पर सज्जादानशीन नूर मियां लुत्फी, नुरुल्लाह मियां लुत्फी, रफीक मियां लुत्फी, वकील लुत्फी, हाजी अयाज शम्सी, हाफिज तबरेज, अतहर शम्सी, नजम शम्सी, हबीब बख्श शम्सी, हाजी शाहवेज शम्सी, हाजी वारिस शम्सी, नईम वारिस शम्सी आदि मौजूद रहे।
कुलशरीफ के साथ तीन दिवसीय उर्स का समापन
अमरिया। हजरत हाफिज अहमद हसन मियां के तीन दिनी उर्स का कुलशरीफ की रस्म के साथ समापन हो गया। इस मौके पर हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंच उर्स में शिरकत की तथा कुल के मौके पर हाथ उठाकर मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ मांगी।
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कस्बे के समीप घेरा शरीफ में दस दिसंबर से हाफिज अहमद हसन मियां का तीन दिवसीय सालाना उर्स शुरू हुआ था। उर्स में पहले दिन चादरपोशी का कार्यक्रम हुआ। महफिल-ए-मिलाद, महफिल-ए-समां, नातिया मुशायरा आदि कार्यक्रम भी हुए। बृहस्पतिवार को कदम शरीफ की जियारत को भी तमाम अकीदतमंद पहुंचे। शुक्रवार सुबह कुलशरीफ की रस्म अदा हुई। जिसमें बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की। जाहिद हुसैन मियां ने मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई। कव्वाल पार्टियों ने अहमद हसन मियां की शान में सूफिया कलाम पेश किए। इस मौके पर साबिर हुसैन मियां, धुंधरी खानकाह के सज्जादानशीन शाकिर हुसैन, मौलाना कमरूज्जमा, हाजी सूफी इमदाद हुसैन, मुश्ताक अहमद, निसार अहमद, जाहिद अंसारी, असलम जावेद, फरीद सिद्दीकी, हामिद खां आदि मौजूद रहे।
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