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अपठनीय एफआईआर आने पर कोर्ट खफा
Pilibhit
Updated Thu, 15 Oct 2015 10:56 PM IST
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थाने से अपठनीय एफआईआर की प्रतियां अदालतों को भेजी जा रही हैं। एफआईआर की कॉपी 24 घंटे के अंदर कोर्ट में नहीं आ रही हैं। इससे अदालती काम में बाधा हो रही है। सीजेएम सुनील कुमार सिंह ने एसपी को पत्र भेजकर पठनीय एफआईआर समय से अदालतों को भेजने के निर्देश दिए हैं।
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दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अनुसार थाने पर मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रथम सूचना रिपोर्ट की मूल प्रतिलिपि 24 घंटे के अंदर संबंधित अदालत में आनी चाहिए। जिले में थाना पुलिस इस आदेश का अनुपालन नहीं कर रही है। मुकदमे दर्ज होने के कई-कई दिन बाद तक प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति अदालत में आती है। थाना पुलिस जो एफआईआर की प्रति भेजती है। कई बार वह पढ़ने में नहीं आती है।
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थाना पूरनपुर के अपराध संख्या 1056/15 धारा 308, 353 आईपीसी केस की एफआईआर की प्रति जो अदालत भेजी गई। वह पढ़ने में ही नहीं आई। प्रतिलिपि विभाग के प्रभारी अधिकारी विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट जयप्रकाश पांडेय के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने इसे कार्रवाई के लिए सीजेएम को भेजा।
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सीजेएम सुनील कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर एसपी को पत्र भेजा है। एफआईआर की पठनीय प्रतिलिपि 24 घंटे के अंदर अदालतों को भेजने और पूरनपुर मामले की पढ़ने योग्य एफआईआर कोर्ट भेजने के आदेश एसपी को दिए हैं।