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UP: अमरजीत कौर के साहस से हारा कैंसर, अब दूसरों को दे रहीं हिम्मत; स्मृति ईरानी ने जानी संघर्ष की कहानी

Thu, 23 Nov 2023 01:34 PM IST
मुकेश कुमार अमित त्रिलोकी, संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
अमित त्रिलोकी, संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 23 Nov 2023 01:34 PM IST
सार

पीलीभीत जिले की रहने वाली अमरजीत कौर ने 10 साल तक संघर्ष कर ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को हरा दिया। अमरजीत को 20 साल की उम्र में कैंसर हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए उपचार चुनौती बन गया था। लेकिन दंपती ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाए रखा।

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Union Minister Smriti Irani met cancer victims Amarjeet Kaur of Pilibhit
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ अमरजीत कौर का परिवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैंसर का नाम सुनते ही लोग के होश फाख्ता हो जाते हैं, लेकिन पीलीभीत में शारदा पार के गांव बमनपुर भागीरथ निवासी अमरजीत कौर ने 10 साल तक संघर्ष कर रक्त कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को हरा दिया। दिल्ली के आकाशवाणी के प्रसारण भवन में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमरजीत कौर से मुलाकात कर उनके संघर्ष भरे जीवन की जानकारी ली। 

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अमरजीत कौर को वर्ष 2013 में रक्त कैंसर हुआ था। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का महंगा इलाज कराने की परिवार की स्थिति नहीं थी। पति अमरजीत सिंह बाइक मिस्त्री हैं। उनकी कमाई से घर का खर्च ही जैसे-तैसे चल पाता है। अमरजीत का इलाज परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। बावजूद इसके दंपती ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाए रखा। जैसे-तैसे रुपयों की व्यवस्था कर दिल्ली के एम्स पहुंचे और डॉक्टर को दिखाया। 
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डॉक्टर ने कर दिया था मना 
अंतिम स्टेज होने पर डॉक्टर ने पहले तो मना कर दिया। पति की गुहार के बाद डॉक्टर ने इलाज शुरू किया। दो साल तक दवाइयां चलीं। आगे इलाज के लिए पांच लाख रुपये का खर्च था। गरीबी की हालत देखते हुए एम्स के डॉ. अजय गोगिया ने राष्ट्रीय आरोग्य निधि से इलाज कराने की सलाह दी। पति अमरजीत सिंह ने तत्काल एम्स की नीतू भाष्कर से संपर्क कर योजना के लिए आवेदन किया। वर्ष 2014 में पांच लाख का फंड जारी होने के बाद अमरजीत की बहन से उनके शरीर में बोनमेरो ट्रांसप्लांट किया गया। 
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इससे पहले कीमोथैरेपी से ब्लड में कैंसर के सेल्स को मार दिया गया। बोनमेरो ट्रांसप्लांट के बाद शरीर में नया रक्त बनने लगा। इसके बाद 2018 तक लगातार इलाज चला। अमरजीत ठीक होने लगीं। उन्हें हर छह महीने में इलाज के लिए एम्स में जाना पड़ता था। 2023 में अमरजीत पूरी तरह से ठीक हो गईं। अमरजीत का कहना है कि उनकी दवा भी बंद हो   चुकी है। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। 

20 साल की उम्र में हो गई थी बीमारी
अमरजीत कौर को जब बीमारी का पता लगा था तब उनकी उम्र 20 साल की थीं। वह अब 31 साल की हो गईं हैं। उस दौरान उनकी बेटी मात्र आठ माह की थी, अब वह 11 साल की हो गई है। अमरजीत कौर काफी संघर्षशील महिला है। बीमारी को हराने के बाद अब यह गांवों में स्वयं सहायता समूह का नेतृत्व कर रही हैं। 

कैंसर पीड़ितों की मदद करने से पीछे नहीं हटतीं अमरजीत कौर
कैंसर को हराने वाली अमरजीत कौर और उनका परिवार अब कैंसर पीड़ितों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता है। इनके संपर्क में कई कैंसर के मरीज आए। उनको नि:शुल्क इलाज का रास्ता दिखाने के साथ ही उनके साथ अब भी वह अक्सर दिल्ली जाती रहती हैं। उनके प्रयास से कई मरीजों को लाभ मिला है। 

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