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यूनिफॉर्म वितरण में मिला घपला तो बीईओ पर गिरेगी गाज
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पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों में निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण में खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा की जा रही गड़बड़ी पर शासन ने खासी नाराजगी जताई है। अपर मुख्य सचिव ने यूनिफॉर्म वितरण में खंड शिक्षा अधिकारी की संलिप्तता पाए जाने पर न केवल रिकवरी होगी बल्कि विभागीय कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
सरकार द्वारा परिषदीय, माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय विद्यालयों के अलावा सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठ तक में पढ़ने वाले बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म मुहैया कराई जाती थी, लेकिन इस बार बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबद्ध सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म नहीं मिल सकेगी। यूनिफॉर्म की धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भेजी जाती है और समिति के माध्यम से ही कपड़े की खरीदकर उसे सिलवाकर बच्चों को यूनिफॉर्म दिए जाने के आदेश है। शासन के संज्ञान में आया कि कुछ खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय प्रबंध समिति पर उनकी पसंद की दुकानों या फर्मों से खरीदने का दबाव बना रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद शासन की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण में हो खेल पर अंकुश लगाने को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि यूनिफार्म वितरण की गहनता से जांच करने के आदेश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों की मिलीभगत की शिकायत मिलने पर उनसे रिकवरी और विभागीय कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसएमसी को 15 जुलाई तक सभी बच्चों को हर हाल में यूनिफॉर्म वितरण कराने के निर्देश दिए हैं।
परिषदीय स्कूलों में निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण की धनराशि एसएमसी के खातों में भेजी जा चुकी है। एसएमसी को शासन के निर्देशानुसार यूनिफॉर्म वितरण कराने को कहा गया है। लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
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सरकार द्वारा परिषदीय, माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय विद्यालयों के अलावा सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठ तक में पढ़ने वाले बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म मुहैया कराई जाती थी, लेकिन इस बार बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबद्ध सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म नहीं मिल सकेगी। यूनिफॉर्म की धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भेजी जाती है और समिति के माध्यम से ही कपड़े की खरीदकर उसे सिलवाकर बच्चों को यूनिफॉर्म दिए जाने के आदेश है। शासन के संज्ञान में आया कि कुछ खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय प्रबंध समिति पर उनकी पसंद की दुकानों या फर्मों से खरीदने का दबाव बना रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद शासन की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण में हो खेल पर अंकुश लगाने को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि यूनिफार्म वितरण की गहनता से जांच करने के आदेश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों की मिलीभगत की शिकायत मिलने पर उनसे रिकवरी और विभागीय कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसएमसी को 15 जुलाई तक सभी बच्चों को हर हाल में यूनिफॉर्म वितरण कराने के निर्देश दिए हैं।
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परिषदीय स्कूलों में निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण की धनराशि एसएमसी के खातों में भेजी जा चुकी है। एसएमसी को शासन के निर्देशानुसार यूनिफॉर्म वितरण कराने को कहा गया है। लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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देवेंद्र स्वरूप, बीएसए