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अधूरी परियोजनाएं...बजट का अभाव, अटका विकास
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पूरनपुर में आईटीआई का निर्माणाधीन भवन। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। जिले में छोटी बड़ी 53 परियोजनाओं का काम चल रहा है। इनकी लागत 718.73 करोड़ रुपये है। 355.3 करोड़ का बजट भी जारी हो चुका है। छह परियोजनाओं का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। ज्यादातर परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। कहीं बजट रोड़ा बना हुआ है, तो कहीं निर्माण एजेंसी ने कार्य में लेटलतीफी की। नतीजतन कई परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकीं।
अधूरी परियोजनाओं मेें पीएचसी कुकरीखेड़ा, माधोटांडा का आश्रम पद्धति का विद्यालय, पूरनपुर का डिग्री कॉलेज, आईटीआई पूरनपुर, ट्रांजिट हॉस्टल, रेलवे के पुल का काम अधूरा पड़ा है। आए दिन इन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक होती है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। जिले के विकास को चार चांद लगाने के लिए जब ये परियोजनाएं बनाई गईं थी तो बड़ी उम्मीद लगी थी। लेकिन तय समय पर पूरा न होने सब अधूरी पड़ी हुई हैं।
ट्रॉजिट हॉस्टल : इसी माह पूरा होना है काम, 70 फीसदी पूरा नहीं हुआ
पुलिस लाइन के ट्रांजिट हॉस्टल का काम 2020 से शुरू हुआ था। इसी माह तक कार्य पूरा होने की समय सीमा है। लेकिन अभी तक 70 फीसदी से कम काम पूरा हो सका। बजट के अभाव में कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा था। पिछले महीने 27 करोड़ रुपये मिले हैं। तब जाकर काम में कुछ तेजी आई है। इसके बनने पर से जिले में तैनात करीब ढाई सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों आवास की सुविधा मिलेगी।
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मैलानी और टनकपुर रेलखंड के पुल भी पूरे नहीं
मैलानी रेल खंड और टनकपुर रेल खंड पर दो पुलों की परियोजना 2019 में स्वीकृत हुई थी। दोनों की लागत करीब 51 करोड़ है। इस साल मार्च में कार्य पूरा होना था। पहले वन विभाग की एनओसी पर विवाद रहा। उसके बाद काम धीमा हुआ। इस साल के अंत तक कार्य पूरा होना मुश्किल है।
आईटीआई पूरनपुर : नौ साल बाद भी अधूरा
पूरनपुर सिमरिया गांव में 2013 में 1.38 करोड़ से आईटीआई का कार्य शुरू हुआ। अगले दो साल में काम पूरा होना था। लागत बढ़ी तो ठेकेदार ने कार्य ठप कर दिया। नौ साल बाद भी भवन का काम पूरा नहीं हो सका। जून में बजट रिजवाइज करके 5.63 करोड़ कर दिया गया। पिछले साल से पूरनपुर के नाम से एडमिशन लिए गए, जिसकी कक्षाएं पीलीभीत आईटीआई में संचालित होती हैं।
पीएचसी कुकरीखेड़ा: समय सीमा समाप्त, अब भी चालू नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुकरीखेड़ा का निर्माण 1.38 करोड़ से किया जा रहा है। परियोजना फरवरी 2019 में स्वीकृत हुई थी और मार्च 2021 में इसका काम पूरा होना था। भवन तैयार हो गया है, लेकिन फिनिशिंग कार्य पूरा न होने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका। पीएचसी शुरू न होने से आसपास के छह गांवों के लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।
शिक्षा की परियोजनाएं भी धीमी रफ्तार
माधोटांडा में राजकीय आश्रम पद्धति के विद्यालय बनाने स्वीकृति मार्च 2015 में मिली थी और से पूरा होने की तिथि निकल चुकी है। पहले 12.7 करोड़ का बजट था जो बाद में रिवाइज करके 16.5 करोड़ का किया गया। भवन लगभग तैयार हो गया है, लेकिन फिनिशिंग व अन्य कार्य बाकी है। विद्यालय शुरू होता तो बड़ी संख्या में बच्चों को इसका फायदा मिलता।
विकास परियोजनाओं को लेकर लगातार समीक्षा बैठक करते हैं। उनकी प्रगति रिपोर्ट लेते हैं। कुछ परियोजनाएं थोड़ा पीछे चल रही हैं। संबंधित एजेंसी को समय पर कार्य पूरा कराने की सख्त चेतावनी दी है। जो परियोजनाएं पूरी हो गई हैं, उन्हें शीघ्र शुरू कराया जाएगा। -पुलकित खरे, डीएम
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अधूरी परियोजनाओं मेें पीएचसी कुकरीखेड़ा, माधोटांडा का आश्रम पद्धति का विद्यालय, पूरनपुर का डिग्री कॉलेज, आईटीआई पूरनपुर, ट्रांजिट हॉस्टल, रेलवे के पुल का काम अधूरा पड़ा है। आए दिन इन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक होती है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। जिले के विकास को चार चांद लगाने के लिए जब ये परियोजनाएं बनाई गईं थी तो बड़ी उम्मीद लगी थी। लेकिन तय समय पर पूरा न होने सब अधूरी पड़ी हुई हैं।
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ट्रॉजिट हॉस्टल : इसी माह पूरा होना है काम, 70 फीसदी पूरा नहीं हुआ
पुलिस लाइन के ट्रांजिट हॉस्टल का काम 2020 से शुरू हुआ था। इसी माह तक कार्य पूरा होने की समय सीमा है। लेकिन अभी तक 70 फीसदी से कम काम पूरा हो सका। बजट के अभाव में कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा था। पिछले महीने 27 करोड़ रुपये मिले हैं। तब जाकर काम में कुछ तेजी आई है। इसके बनने पर से जिले में तैनात करीब ढाई सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों आवास की सुविधा मिलेगी।
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मैलानी और टनकपुर रेलखंड के पुल भी पूरे नहीं
मैलानी रेल खंड और टनकपुर रेल खंड पर दो पुलों की परियोजना 2019 में स्वीकृत हुई थी। दोनों की लागत करीब 51 करोड़ है। इस साल मार्च में कार्य पूरा होना था। पहले वन विभाग की एनओसी पर विवाद रहा। उसके बाद काम धीमा हुआ। इस साल के अंत तक कार्य पूरा होना मुश्किल है।
आईटीआई पूरनपुर : नौ साल बाद भी अधूरा
पूरनपुर सिमरिया गांव में 2013 में 1.38 करोड़ से आईटीआई का कार्य शुरू हुआ। अगले दो साल में काम पूरा होना था। लागत बढ़ी तो ठेकेदार ने कार्य ठप कर दिया। नौ साल बाद भी भवन का काम पूरा नहीं हो सका। जून में बजट रिजवाइज करके 5.63 करोड़ कर दिया गया। पिछले साल से पूरनपुर के नाम से एडमिशन लिए गए, जिसकी कक्षाएं पीलीभीत आईटीआई में संचालित होती हैं।
पीएचसी कुकरीखेड़ा: समय सीमा समाप्त, अब भी चालू नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुकरीखेड़ा का निर्माण 1.38 करोड़ से किया जा रहा है। परियोजना फरवरी 2019 में स्वीकृत हुई थी और मार्च 2021 में इसका काम पूरा होना था। भवन तैयार हो गया है, लेकिन फिनिशिंग कार्य पूरा न होने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका। पीएचसी शुरू न होने से आसपास के छह गांवों के लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।
शिक्षा की परियोजनाएं भी धीमी रफ्तार
माधोटांडा में राजकीय आश्रम पद्धति के विद्यालय बनाने स्वीकृति मार्च 2015 में मिली थी और से पूरा होने की तिथि निकल चुकी है। पहले 12.7 करोड़ का बजट था जो बाद में रिवाइज करके 16.5 करोड़ का किया गया। भवन लगभग तैयार हो गया है, लेकिन फिनिशिंग व अन्य कार्य बाकी है। विद्यालय शुरू होता तो बड़ी संख्या में बच्चों को इसका फायदा मिलता।
विकास परियोजनाओं को लेकर लगातार समीक्षा बैठक करते हैं। उनकी प्रगति रिपोर्ट लेते हैं। कुछ परियोजनाएं थोड़ा पीछे चल रही हैं। संबंधित एजेंसी को समय पर कार्य पूरा कराने की सख्त चेतावनी दी है। जो परियोजनाएं पूरी हो गई हैं, उन्हें शीघ्र शुरू कराया जाएगा। -पुलकित खरे, डीएम

टनकपुर हाईवे पर जजी परिसर के पास बन रही बिल्डिंग। संवाद- फोटो : PILIBHIT