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छोटे से जिले में दो मंत्री, एक तीर से कई शिकार
समीउद्दीन नीलू/पीलीभीत।
Updated Sat, 31 Oct 2015 11:02 PM IST
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चार विधान सभा वाले छोटे से जिले में दो मंत्री बना कर सपा ने एक तीर से
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कई निशाने साधने की कोशिश की है। जिले में मुस्लिम व लोध किसान के दम पर
मिशन 2017 फतह करने का कार्ड खेला है तो भगवत सरन गंगवार के पर कतरने के
बाद हाजी रियाज को स्वतंत्र प्रभार दे मंडल में एक स्वतंत्र प्रभार मंत्री
के खाली हुए स्थान की भरपाई कर दी है।
इतना ही नहीं नई तहसील के नाम पर हाजी और हेमराज के बीच बढ़ रही दूरी को भी कम करने की कोशिश की गई है।
पिछले विधान सभा चुनाव में जिले की चार सीटों में से सदर, बरखेड़ा व पूरनपुर (सुरक्षित) सीट पर सपा उम्मीदवार के तौर पर क्रमश: हाजी रियाज अहमद, हेमराज वर्मा व पीतमराम विधायक चुने गए थे।
बीसलपुर विधान सभा सीट से लोध विरादरी के राम सरन वर्मा भाजपा टिकट पर विधायक चुने गए थे। इस तरह इस जिले में दो विधायक लोध जाति के एक मुस्लिम व एक दलित चुने गए। जिले में मुस्लिम व लोध किसान मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर बताई जाती है।
शुरू में तो सपा के इन तीनों विधायकों में बेहतर तालमेल रहा लेकिन पिछले चार-पांच माह में नई तहसील के गठन को लेकर राज्यमंत्री हाजी व हेमराज वर्मा एक तरह से आमने-सामने आ गए थे। हाजी रियाज अमरिया को तहसील बनवाना चाहते थे जबकि हेमराज इस प्रस्तावित तहसील में बरखेड़ा व सदर तहसील के कुछ गांवों को उसमे शामिल न करने का विरोध कर रहे थे।
दोनों का विरोध मुख्यमंत्री दरबार तक भी पहुंचा था। हाजी रियाज का कद बेशक पार्टी में बड़ा था लेकिन हेमराज युवा होने के नाते सीएम के पसंदीदा विधायकों में शुमार किए जाते थे। मुख्यमंत्री ने हेमराज को राज्यमंत्री बना इसे साबित भी कर दिया। इससे दोनों नेताओं के बीच पनप रही खाई जहां एक तरह से पट जाएगी वहीं मुस्लिम व लोध राजनीति का कार्ड खेल सपा 2017 का मिशन इस जिले में आसानी से फतह कर लेगी।
रुहेल खंड मंडल में भगवत सरन अखिलेश मंत्रीमंडल के स्वतंत्र प्रभार मंत्री थे। दो दिन पहले ही सीएम ने उनके पर कतरे हैं। इसके बाद से मंडल में स्वतंत्र प्रभार मंत्री की जगह खाली हो गई थी। मंडल में रियाज अहमद के सबसे वरिष्ठ होने के नाते उन्हें प्रमोट कर इस कमी को दूर करने के साथ-साथ पूरे मंडल के मुस्लिमों को भी रिझाने की कोशिश की है।
शपथ ग्रहण के वक्त घर बैठे थे हेमराज
अखिलेश मंत्रीमंडल में जिले से हाजी रियाज अहमद पहले से ही शामिल थे। इसलिए पीलीभीत से दूसरे किसी के मंत्री बनने की संभावना कम थी। हेमराज को शनिवार सुबह फोन पर मालूम चला कि वह मंत्री बनने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि सुबह वह नित्य की तरह मोबाइल घर पर छोड़ मार्निंग वाक पर निकले। हेमराज ने बताया कि सात बजे जब वह वापस लौटे तब उन्होंने राजभवन, सीएम आवास व पार्टी मुख्यालय से मोबाइल पर आई काल देखी। टीवी पर पट्टी भी चल रही थी। आनन-फानन में वह तैयार हुए 7.30 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
1.30 बजे वह लखनऊ पहुंचे। इस लिए वह सुबह शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो सके। बाद में लंच बाद उन्हें करीब तीन बजे मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। हेमराज की कहना है कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिलेगी उसे पूरे ईमानदारी के साथ निभाएंगे।
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इतना ही नहीं नई तहसील के नाम पर हाजी और हेमराज के बीच बढ़ रही दूरी को भी कम करने की कोशिश की गई है।
पिछले विधान सभा चुनाव में जिले की चार सीटों में से सदर, बरखेड़ा व पूरनपुर (सुरक्षित) सीट पर सपा उम्मीदवार के तौर पर क्रमश: हाजी रियाज अहमद, हेमराज वर्मा व पीतमराम विधायक चुने गए थे।
बीसलपुर विधान सभा सीट से लोध विरादरी के राम सरन वर्मा भाजपा टिकट पर विधायक चुने गए थे। इस तरह इस जिले में दो विधायक लोध जाति के एक मुस्लिम व एक दलित चुने गए। जिले में मुस्लिम व लोध किसान मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर बताई जाती है।
शुरू में तो सपा के इन तीनों विधायकों में बेहतर तालमेल रहा लेकिन पिछले चार-पांच माह में नई तहसील के गठन को लेकर राज्यमंत्री हाजी व हेमराज वर्मा एक तरह से आमने-सामने आ गए थे। हाजी रियाज अमरिया को तहसील बनवाना चाहते थे जबकि हेमराज इस प्रस्तावित तहसील में बरखेड़ा व सदर तहसील के कुछ गांवों को उसमे शामिल न करने का विरोध कर रहे थे।
दोनों का विरोध मुख्यमंत्री दरबार तक भी पहुंचा था। हाजी रियाज का कद बेशक पार्टी में बड़ा था लेकिन हेमराज युवा होने के नाते सीएम के पसंदीदा विधायकों में शुमार किए जाते थे। मुख्यमंत्री ने हेमराज को राज्यमंत्री बना इसे साबित भी कर दिया। इससे दोनों नेताओं के बीच पनप रही खाई जहां एक तरह से पट जाएगी वहीं मुस्लिम व लोध राजनीति का कार्ड खेल सपा 2017 का मिशन इस जिले में आसानी से फतह कर लेगी।
रुहेल खंड मंडल में भगवत सरन अखिलेश मंत्रीमंडल के स्वतंत्र प्रभार मंत्री थे। दो दिन पहले ही सीएम ने उनके पर कतरे हैं। इसके बाद से मंडल में स्वतंत्र प्रभार मंत्री की जगह खाली हो गई थी। मंडल में रियाज अहमद के सबसे वरिष्ठ होने के नाते उन्हें प्रमोट कर इस कमी को दूर करने के साथ-साथ पूरे मंडल के मुस्लिमों को भी रिझाने की कोशिश की है।
शपथ ग्रहण के वक्त घर बैठे थे हेमराज
अखिलेश मंत्रीमंडल में जिले से हाजी रियाज अहमद पहले से ही शामिल थे। इसलिए पीलीभीत से दूसरे किसी के मंत्री बनने की संभावना कम थी। हेमराज को शनिवार सुबह फोन पर मालूम चला कि वह मंत्री बनने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि सुबह वह नित्य की तरह मोबाइल घर पर छोड़ मार्निंग वाक पर निकले। हेमराज ने बताया कि सात बजे जब वह वापस लौटे तब उन्होंने राजभवन, सीएम आवास व पार्टी मुख्यालय से मोबाइल पर आई काल देखी। टीवी पर पट्टी भी चल रही थी। आनन-फानन में वह तैयार हुए 7.30 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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1.30 बजे वह लखनऊ पहुंचे। इस लिए वह सुबह शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो सके। बाद में लंच बाद उन्हें करीब तीन बजे मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। हेमराज की कहना है कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिलेगी उसे पूरे ईमानदारी के साथ निभाएंगे।
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