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चूका बीच का सुंदर नजारा और बाघ का दीदार सैलानियों के लिए बने खास
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पीटीआर के चूका में डैम बोट का आनंद लेते पर्यटक।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सैलानियों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व का द्वार छह दिन पहले ही खोल दिया गया है। यहां की सुंदरता सैलानियों को अपनी ओर खींचने लगी है। यही वजह है कि छह दिन में पर्यटन का आनंद लेने वाले सैलानियों की संख्या 463 पहुंच गई। सैलानियों के लिए चूका बीच का सुंदर नजारा और जंगल में बाघ के दीदार खास बने हुए हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के द्वार पिछले सत्र में कोविड 19 के चलते करीब डेढ़ माह पहले ही सैलानियों के लिए बंद कर दिए गए थे। वायरस की रोकथाम के बाद स्थिति सामान्य होने पर पर्यटन को एक बार फिर खोलने की कवायद शुरू की गई। तिथि को लेकर तमाम अटकलें चलती रहीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद पर्यटन के द्वार 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खोल दिए गए। पर्यटन सत्र के दौरान जंगल की प्राकृतिक छठा और चूका बीच का अद्भुत नजारा सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है। यही वजह रही कि सत्र का शुभारंभ होने के बाद से ही जनपद के अलावा दूर दराज से सैलानियों की आमद यहां शुरू हो गई। चूका बीच की सुंदर हटों में ठहरने के साथ सैलानी जंगल सफारी से जंगल और चूका बीच की सैर करने पहुंच रहे हैं। 15 नवंबर से रविवार तक करीब 463 सैलानी चूका बीच और जंगल की खूबसूरती को करीब से निहार चुके हैं।
सत्र के दौरान चूका बीच की हटों के साथ जंगल सफारी के लिए लगे टाटा जीनान वाहन की जिम्मेदारी वन निगम के अधीन है। जबकि जंगल के लिए लगे जिप्सी वाहन की जिम्मेदारी पीटीआर को सौंपी गई है। पर्यटन सत्र के द्वार खुलने के बाद से लेकर रविवार तक चार सौ सैलानियों ने सफारी वाहन से चूका बीच और जंगल की सैर की। जबकि वन निगम के टाटा जीनान वाहन से 33 सैलानियों ने पर्यटन स्थलों ने आनंद लिया।
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70 हजार पीटीआर और 87 हजार वन निगम के खाते में हुए जमा
पर्यटन सत्र का शुभारंभ होने के बाद सैलानी में काफी उत्सुकता देखी जा रही है। प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने वाले सैलानियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे वन निगम और पीटीआर की राजस्व आमदनी भी बढ़ रही है। सत्र के दौरान रविवार तक सैलानियों की आमद से पीटीआर को 70 हजार की राजस्व आमदनी हुई वहीं वन निगम ने 87 हजार रुपये की राजस्व आय हुई है।
चूका बीच में 33 सैलानी ने ठहर कर उठाया लुत्फ
पर्यटन सत्र के द्वार खुलने के बाद से ही मिनी गोवा के रूप में प्रसिद्घ चूका बीच को देखने वालों में उत्सुकता देखी गई। ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से लोगों ने पहले से ही चूका बीच में बनी खूबसूरत हटों की बुकिंग कर ली थी। पर्यटन के छह दिन बीतने के बाद अब तक करीब 33 सैलानियों ने चूका बीच की हटों में ठहरकर प्राकृतिक नजारे का लुत्फ उठाया है।
केरल, महाराष्ट्र, बागपत, वाराणसी समेत इलाकों से पहुंच रहे सैलानी
मिनी गोवा के रूप में अपनी पहचान बना रहा पीलीभीत टाइगर रिजर्व और उसमें बना चूका बीच की सुंदरता को निहारने के लिए सैलानी भी आगे आते दिखाई दे रहे है। यही वजह है कि सत्र शुरू होते ही महाराष्ट्र, केरल, बागपत, वाराणसी समेत दूर दराज से सैलानी यहां पहुंचने लगे है। जंगल की सैर करने के साथ चूका बीच का नजारा उन्हें काफी पसंद आ रहा है।
बरखेड़ा शुगर फैक्टरी के कर्मचारियों को हुए बाघ के दीदार
पर्यटन सत्र के दौरान आने वाले सैलानियों को चूका बीच और जंगल की सैर करने के दौरान बाघ के दीदार की आस अधिक रहती है। इसके लिए सैलानी कई दिनों तक यहां रुकते भी हैं। पूर्व में आए प्रदेश के वन मंत्री को दो दिन रुकने के बाद भी बाघ के दीदार नहीं हो सके थे। इधर, रविवार को बरखेड़ा शुगर फैक्टरी के कर्मचारी बस से चूका बीच के भ्रमण करने पहुंचे थे। उनके साथ पीटीआर के गाइड राजेंद्र कुमार और लक्ष्मण भी बस में मौजूद थे। चूका बीच से वापस लौटते समय बाघ उसके बस के सामने आ गया। करीब पांच मिनट तक कर्मचारियों ने बाघ के दीदार किए। सभी काफी खुश हो गए।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के द्वार पिछले सत्र में कोविड 19 के चलते करीब डेढ़ माह पहले ही सैलानियों के लिए बंद कर दिए गए थे। वायरस की रोकथाम के बाद स्थिति सामान्य होने पर पर्यटन को एक बार फिर खोलने की कवायद शुरू की गई। तिथि को लेकर तमाम अटकलें चलती रहीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद पर्यटन के द्वार 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खोल दिए गए। पर्यटन सत्र के दौरान जंगल की प्राकृतिक छठा और चूका बीच का अद्भुत नजारा सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है। यही वजह रही कि सत्र का शुभारंभ होने के बाद से ही जनपद के अलावा दूर दराज से सैलानियों की आमद यहां शुरू हो गई। चूका बीच की सुंदर हटों में ठहरने के साथ सैलानी जंगल सफारी से जंगल और चूका बीच की सैर करने पहुंच रहे हैं। 15 नवंबर से रविवार तक करीब 463 सैलानी चूका बीच और जंगल की खूबसूरती को करीब से निहार चुके हैं।
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सत्र के दौरान चूका बीच की हटों के साथ जंगल सफारी के लिए लगे टाटा जीनान वाहन की जिम्मेदारी वन निगम के अधीन है। जबकि जंगल के लिए लगे जिप्सी वाहन की जिम्मेदारी पीटीआर को सौंपी गई है। पर्यटन सत्र के द्वार खुलने के बाद से लेकर रविवार तक चार सौ सैलानियों ने सफारी वाहन से चूका बीच और जंगल की सैर की। जबकि वन निगम के टाटा जीनान वाहन से 33 सैलानियों ने पर्यटन स्थलों ने आनंद लिया।
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70 हजार पीटीआर और 87 हजार वन निगम के खाते में हुए जमा
पर्यटन सत्र का शुभारंभ होने के बाद सैलानी में काफी उत्सुकता देखी जा रही है। प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने वाले सैलानियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे वन निगम और पीटीआर की राजस्व आमदनी भी बढ़ रही है। सत्र के दौरान रविवार तक सैलानियों की आमद से पीटीआर को 70 हजार की राजस्व आमदनी हुई वहीं वन निगम ने 87 हजार रुपये की राजस्व आय हुई है।
चूका बीच में 33 सैलानी ने ठहर कर उठाया लुत्फ
पर्यटन सत्र के द्वार खुलने के बाद से ही मिनी गोवा के रूप में प्रसिद्घ चूका बीच को देखने वालों में उत्सुकता देखी गई। ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से लोगों ने पहले से ही चूका बीच में बनी खूबसूरत हटों की बुकिंग कर ली थी। पर्यटन के छह दिन बीतने के बाद अब तक करीब 33 सैलानियों ने चूका बीच की हटों में ठहरकर प्राकृतिक नजारे का लुत्फ उठाया है।
केरल, महाराष्ट्र, बागपत, वाराणसी समेत इलाकों से पहुंच रहे सैलानी
मिनी गोवा के रूप में अपनी पहचान बना रहा पीलीभीत टाइगर रिजर्व और उसमें बना चूका बीच की सुंदरता को निहारने के लिए सैलानी भी आगे आते दिखाई दे रहे है। यही वजह है कि सत्र शुरू होते ही महाराष्ट्र, केरल, बागपत, वाराणसी समेत दूर दराज से सैलानी यहां पहुंचने लगे है। जंगल की सैर करने के साथ चूका बीच का नजारा उन्हें काफी पसंद आ रहा है।
बरखेड़ा शुगर फैक्टरी के कर्मचारियों को हुए बाघ के दीदार
पर्यटन सत्र के दौरान आने वाले सैलानियों को चूका बीच और जंगल की सैर करने के दौरान बाघ के दीदार की आस अधिक रहती है। इसके लिए सैलानी कई दिनों तक यहां रुकते भी हैं। पूर्व में आए प्रदेश के वन मंत्री को दो दिन रुकने के बाद भी बाघ के दीदार नहीं हो सके थे। इधर, रविवार को बरखेड़ा शुगर फैक्टरी के कर्मचारी बस से चूका बीच के भ्रमण करने पहुंचे थे। उनके साथ पीटीआर के गाइड राजेंद्र कुमार और लक्ष्मण भी बस में मौजूद थे। चूका बीच से वापस लौटते समय बाघ उसके बस के सामने आ गया। करीब पांच मिनट तक कर्मचारियों ने बाघ के दीदार किए। सभी काफी खुश हो गए।