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Pilibhit News: बिना अनुमति आवास विकास की जमीन पर खड़े पेड़ काटे
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पीलीभीत। उप्र आवास एवं विकास परिषद पीलीभीत की यशवंतरी देवी आवास एवं गृहस्थान योजना के लिए अधिकृत भूमि पर बाग से बिना अनुमति आम के पेड़ काटने और तार फेंसिंग करने से मना करने पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली में तहरीर दी गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आवास विकास परिषद के सहायक अभियंता सौरभ भोईया ने सदर कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उप्र आवास एवं विकास परिषद पीलीभीत की यशवंतरी देवी आवास एवं गृहस्थान योजना के लिए अधिकृत भूमि पर 4.57 एकड़ क्षेत्र में आम का बाग है।
वर्ष 1998 में उक्त भूमि को लेकर हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया गया था। जिसका 17 सितंबर 2014 को निर्णय हुआ। जिसके तहत परिषद की भूमि से कब्जा हटाकर उसे खाली करना था।
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आरोप है कि निजी स्वार्थ के चलते नबी मियां, अन्य व उनके वारिसान ने वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर पेड़ों को न तो कटान किया और न ही भूमि खाली की।
आरोप है कि 13 जून 2024 को जमीन के निरीक्षण के दौरान कुछ लोग बाग में खड़े पेड़ों को काटते दिखाई दिए। इस दौरान परिषद का चौकीदार मनोज कुमार भी मौजूद थे। मौके पर आम के छह पेड़ कटे पड़े मिले। कटान की फोटोग्राफी कराई गई। जानकारी करने पर मालिक के कहने पर पेड़ काटने की बात पता चली।
वन विभाग की अनुमति के बिना कटान कराया गया। आरोप है कि परिषद की कब्जा प्राप्त भूमि पर तार फेंसिंग कराए जाने से रोकने के साथ अभद्रता भी की गई। कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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आवास विकास परिषद के सहायक अभियंता सौरभ भोईया ने सदर कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उप्र आवास एवं विकास परिषद पीलीभीत की यशवंतरी देवी आवास एवं गृहस्थान योजना के लिए अधिकृत भूमि पर 4.57 एकड़ क्षेत्र में आम का बाग है।
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वर्ष 1998 में उक्त भूमि को लेकर हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया गया था। जिसका 17 सितंबर 2014 को निर्णय हुआ। जिसके तहत परिषद की भूमि से कब्जा हटाकर उसे खाली करना था।
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आरोप है कि निजी स्वार्थ के चलते नबी मियां, अन्य व उनके वारिसान ने वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर पेड़ों को न तो कटान किया और न ही भूमि खाली की।
आरोप है कि 13 जून 2024 को जमीन के निरीक्षण के दौरान कुछ लोग बाग में खड़े पेड़ों को काटते दिखाई दिए। इस दौरान परिषद का चौकीदार मनोज कुमार भी मौजूद थे। मौके पर आम के छह पेड़ कटे पड़े मिले। कटान की फोटोग्राफी कराई गई। जानकारी करने पर मालिक के कहने पर पेड़ काटने की बात पता चली।
वन विभाग की अनुमति के बिना कटान कराया गया। आरोप है कि परिषद की कब्जा प्राप्त भूमि पर तार फेंसिंग कराए जाने से रोकने के साथ अभद्रता भी की गई। कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।