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पीलीभीत-शाहजहांपुर रेलवे ट्रैक तैयार, ट्रेनें चलने का इंतजार
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पीलीभीत। आमान परिवर्तन के बाद पीलीभीत-शाहजहांपुर रेलवे ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। निरीक्षण के बाद सीआरएस ट्रैक को आके बता चुके हैं। पिछले दिनों बरेली और टनकपुर के लिए 12 ट्रेनें चलाने घोषणा भी कर दी गई थी। मगर अभी तक पीलीभीत-शाहजहांपुर रेलवे रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनें चलाने की तैयारी पूरी है। केवल रेलवे मंत्रालय से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
पीलीभीत-शाहजहांपुर रूट पर 2018 में मेगा ब्लॉक लेकर आमान परिवर्तन का काम शुरू हुआ था। शुरूआती दौर में रेलवे के अफसर एक साल में काम पूरा करने की बात कह रहे थे। मगर काम धीमी गति से होने के कारण करीब ढाई साल में आमान परिवर्तन पूरा हो सका। इसके बाद शाहजहांपुर स्टेशन पर एनआई (नॉन इंटरलॉकिंग) को लेकर छह माह तक काम रुका रहा। बाद में उत्तर रेलवे से ब्लॉक लेने के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में एनआई का काम पूरा किया गया। सीआरएस ने चार सितंबर को निरीक्षण कर एनआई को फाइनल टच दे दिया था। इसके लिए जल्द ही ट्रेनों के संचालन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। सितंबर में बरेली और टनकपुर के लिए 12 ट्रेनों की घोषणा की गई थी, लेकिन इस सूची में पीलीभीत-शाहजहांपुर रेलवे लाइन पर चलने वाली ट्रेनों को शामिल नहीं किया गया। इससे इस रेल खंड के यात्रियों में मायूसी छा गई।
पीलीभीत-शाहजहांपुर रेल खंड पर विद्युतीकरण का काम तेजी के साथ किया जा रहा है। विद्युतीकरण करने वाली कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने काम 80 प्रतिशत तक हो चुका है। अक्तूबर के पहले सप्ताह में काम को पूरा कर लिया जाएगा। इससे रेल महकमा में विद्युतीकरण का पूरा होने के बाद ही ट्रेनों के संचालन को लेकर चर्चाएं चल रहीं है।
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शाहजहांपुर-पीलीभीत के बीच ट्रेनों के संचालन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। रेल मंत्रालय से अनुमति मिलने का इंतजार है। जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। - सीपी चौहान, पीआरओ गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय
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पीलीभीत-शाहजहांपुर रूट पर 2018 में मेगा ब्लॉक लेकर आमान परिवर्तन का काम शुरू हुआ था। शुरूआती दौर में रेलवे के अफसर एक साल में काम पूरा करने की बात कह रहे थे। मगर काम धीमी गति से होने के कारण करीब ढाई साल में आमान परिवर्तन पूरा हो सका। इसके बाद शाहजहांपुर स्टेशन पर एनआई (नॉन इंटरलॉकिंग) को लेकर छह माह तक काम रुका रहा। बाद में उत्तर रेलवे से ब्लॉक लेने के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में एनआई का काम पूरा किया गया। सीआरएस ने चार सितंबर को निरीक्षण कर एनआई को फाइनल टच दे दिया था। इसके लिए जल्द ही ट्रेनों के संचालन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। सितंबर में बरेली और टनकपुर के लिए 12 ट्रेनों की घोषणा की गई थी, लेकिन इस सूची में पीलीभीत-शाहजहांपुर रेलवे लाइन पर चलने वाली ट्रेनों को शामिल नहीं किया गया। इससे इस रेल खंड के यात्रियों में मायूसी छा गई।
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पीलीभीत-शाहजहांपुर रेल खंड पर विद्युतीकरण का काम तेजी के साथ किया जा रहा है। विद्युतीकरण करने वाली कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने काम 80 प्रतिशत तक हो चुका है। अक्तूबर के पहले सप्ताह में काम को पूरा कर लिया जाएगा। इससे रेल महकमा में विद्युतीकरण का पूरा होने के बाद ही ट्रेनों के संचालन को लेकर चर्चाएं चल रहीं है।
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शाहजहांपुर-पीलीभीत के बीच ट्रेनों के संचालन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। रेल मंत्रालय से अनुमति मिलने का इंतजार है। जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। - सीपी चौहान, पीआरओ गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय