यूपी: पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र शुरू, पहले दिन स्कूली बच्चों को मुफ्त कराई गई जंगल सफारी
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के द्वार पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने पूजा-अर्चना के बाद नए पर्यटन सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जंगल के लिए रवाना किया।
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चार माह के लंबे इंतजार के बाद रविवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने मुस्तफाबाद गेट पर पूजा-अर्चना के बाद नए पर्यटन सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जंगल के लिए रवाना किया। पहले दिन पर्यटकों और स्कूली बच्चों को निशुल्क जंगल सफारी कराई गई। इसके साथ ही जंगल में एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो गई।
शुभारंभ के बाद स्कूली बच्चों ने सफारी वाहनों से जंगल की सैर की और प्राकृतिक वातावरण के बीच वन्यजीवों को देखने का रोमांच महसूस किया। इस बार पर्यटकों को जंगल की जैव विविधता से रूबरू कराने के लिए 95 प्रशिक्षित नेचर गाइड तैनात किए गए हैं। इनमें 15 अनुभवी गाइडों की विशेष टीम सुपर-15 भी शामिल है। पर्यटक अतिरिक्त शुल्क देकर इनकी सेवाएं ले सकेंगे। ये गाइड जंगल के रहस्यों, वन्यजीवों के व्यवहार और जैव विविधता की जानकारी देंगे।
दो पालियों में होगा सफारी का संचालन
बारिश के चलते शुरुआती दिनों में जंगल सफारी का संचालन जोन-2 तक ही सीमित रखा गया है। फिलहाल मुस्तफाबाद और बराही गेट से पर्यटकों को प्रवेश मिलेगा, जबकि महोफ गेट बंद रहेगा। सफारी का संचालन सुबह सात से दस बजे और दोपहर दो से शाम पांच बजे तक दो पालियों में किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए 95 सफारी वाहन तैयार किए गए हैं।
चूका बीच की थारू हटों और सप्त सरोवर में भी पर्यटकों के ठहरने और प्रकृति का आनंद लेने के इंतजाम किए गए हैं। जंगल में पॉलीथिन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पिछले पर्यटन सत्र में पर्यटकों की बढ़ी आमद को देखते हुए इस बार सुविधाओं का विस्तार किया गया है। वन विभाग को उम्मीद है कि नए सत्र में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा।