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माधोटांडा रोड पर निकली बाघिन, थमी वाहनों की रफ्तार
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पीलीभीत में माधोटांडा रोड पर माला जंगल के समीप रोड पर आया बाघ, तो थम गए वाहनों के पाहिए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पीलीभीत। पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर शुक्रवार सुबह जंगल से निकलकर बाघिन ने चहलकदमी शुरू कर दी। उसे देखकर वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। रोड पर 15 मिनट तक आवागमन रुका रहा।
माला रेंज के समीप रिछोला क्षेत्र में एक बाघिन पिछले करीब 15 दिन घूम रही है। यह बाघिन बार-बार आबादी क्षेत्र में आ रही थी। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने कानपुर के पशु चिकित्सक डॉ. आरके सिंह को बुलाकर बाघिन की स्थिति की पड़ताल भी कराई थी। पशु चिकित्सक ने बाघिन के वासस्थल के आसपास पानी की व्यवस्था न होना बाहर घूमने की वजह बताया था। इसके बाद जंगल क्षेत्र में गड्ढे खोदकर पानी भरा गया। इसके बाद बाघिन ने जंगल से निकलना बंद कर दिया।
इधर दो दिन पूर्व बाघिन जंगल सीमा के आसपास दिखी तो सामाजिक वानिकी के वनकर्मियों ने उसकी निगरानी शुरू कर दी, ताकि वह फिर आबादी क्षेत्र में न पहुंच जाए। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर रिछोला के समीप बाघिन अचानक रोड पर आ पहुंची। राहगीरों में हड़कंप मच गया। वनकर्मियों ने मार्ग के दोनों ओर से आ रहे वाहनों को रोक दिया। 15 मिनट तक बाघिन चहलकदमी करने के बाद जंगल के अंदर चली गई। उसके बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो सका। फिलहाल वनकर्मी एरिया में बाघिन की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
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माला रेंज के समीप रिछोला क्षेत्र में एक बाघिन पिछले करीब 15 दिन घूम रही है। यह बाघिन बार-बार आबादी क्षेत्र में आ रही थी। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने कानपुर के पशु चिकित्सक डॉ. आरके सिंह को बुलाकर बाघिन की स्थिति की पड़ताल भी कराई थी। पशु चिकित्सक ने बाघिन के वासस्थल के आसपास पानी की व्यवस्था न होना बाहर घूमने की वजह बताया था। इसके बाद जंगल क्षेत्र में गड्ढे खोदकर पानी भरा गया। इसके बाद बाघिन ने जंगल से निकलना बंद कर दिया।
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इधर दो दिन पूर्व बाघिन जंगल सीमा के आसपास दिखी तो सामाजिक वानिकी के वनकर्मियों ने उसकी निगरानी शुरू कर दी, ताकि वह फिर आबादी क्षेत्र में न पहुंच जाए। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर रिछोला के समीप बाघिन अचानक रोड पर आ पहुंची। राहगीरों में हड़कंप मच गया। वनकर्मियों ने मार्ग के दोनों ओर से आ रहे वाहनों को रोक दिया। 15 मिनट तक बाघिन चहलकदमी करने के बाद जंगल के अंदर चली गई। उसके बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो सका। फिलहाल वनकर्मी एरिया में बाघिन की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
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