फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   tiger reaches near Pipariya Santosh village in pilibhit

Pilibhit News: माधोटांडा क्षेत्र में दहशत बरकरार, अब पिपरिया संतोष के निकट पहुंचा बाघ

Sun, 17 Dec 2023 03:52 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 17 Dec 2023 03:52 PM IST
सार

पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में बाघों की मौजूदगी किसानों के लिए दहशत का पर्याय बनी हुई है। एक बार फिर पिपरिया संतोष के निकट बाघ देखा गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। 

विज्ञापन
tiger reaches near Pipariya Santosh village in pilibhit
सड़क किनारे झाड़ियों में बाघ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र के सपाह गांव के बाद एक बार फिर डगा और पिपरिया संतोष गांव के निकट बाघ की मौजूदगी से इलाके में दहशत फैल गई। शनिवार रात डगा गांव में आबादी के निकट चहलकदमी करने के बाद बाघ पिपरिया संतोष गांव की सीमा में पहुंच गया। रविवार को सड़क किनारे झाड़ियों में बाघ देखा गया। ग्रामीणों का कहना है की अनुमति मिलने के बाद भी वन विभाग बाघ को पकड़ने के प्रयास नहीं कर रहा है। इससे लोगों में रोष है।

विज्ञापन


पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में बाघों की मौजूदगी किसानों के लिए सिर दर्द बनी हुई है। तीन दिन तक सपहा गांव में बाघ की मौजूदगी देखी गई। शनिवार रात डगा गांव की सीमा में दूसरे बाघ ने दस्तक दे दी। आबादी के निकट चहलकदमी करते देख ग्रामीणों ने शोर शराबा किया। रात भर लोग जागते रहे। इसके बाद बाघ पिपरिया संतोष गांव की सीमा में चला गया। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Bareilly: दिनदहाड़े चौराहे पर हाईस्कूल के छात्र की हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने छोटे भाई के सामने मारी गोली
विज्ञापन
विज्ञापन

 

रविवार को माधोटांडा खटीमा मार्ग के किनारे की झाड़ियां में बाघ की मौजूदगी देखी गई। करीब आधा घंटा तक बाघ झाड़ियों में बैठा रहा। मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। लोगों ने बाघ की वीडियो भी बनाई। भीड़ बढ़ने के बाद बाघ पास के ही गन्ने के खेत में घुस गया। 

ग्रामीणों का कहना है कि पिपरिया संतोष गांव के निकट घूमने वाले बाघ को पकड़ने की अनुमति की बात कही गई थी, लेकिन फिर भी वन विभाग उसे नहीं पकड़ रहा है। ऐसे में क्षेत्र में कभी भी घटना हो सकती है। रेंजर पियूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि टीम को निगरानी के लिए लगाया गया है। पगचिन्ह का मिलान कराया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed