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बाघ से सुरक्षा को किए जाएंगे ठोस उपाय: योगी
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Thu, 17 Aug 2017 12:43 AM IST
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मुख्यमंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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बाढ़ से बने हालात का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री, बाघ से बचाव को दिए निर्देश
पीड़ितों को बांटे सहायता राशि के प्रमाणपत्र
बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने बुधवार को बाघ के हमलों में मारे जा रहे किसानों पर चिंता जताई। सर्वे के बाद कलक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि किसान और बाघ दोनों की सुरक्षा जरूरी हैं। जंगल किनारे रहने वालों की सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। इस मौके पर उन्होंने बाघ के हमले में मारे गए चार लोगों के परिवारों को 5-5 लाख और बाढ़ काटन पीड़ित चार परिवारों को दो-दो लाख रुपये की धनराशि के प्रमाणपत्र सौंपेे। बाघ पीड़ित 18 में मात्र चार को ही मुआवजा मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और सभी को शीघ्र मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एक दिवसीय दौरे पर बाघ और बाढ़ की समीक्षा करने बुधवार को हेलीकाप्टर से पीलीभीत पहुंचे। पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड पर उतरने के बाद कार से कलक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार गए। वहां मुख्यमंत्री ने बाघ की घटनाओं पर चर्चा करते हुए उसे पकड़ने को अब तक हुए उपायों की जानकारी ली। बाघ के लगातार बढ़ते हमलों के बाद भी उसे बेहोश कर न पकड़े जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने प्रशासन से जंगल से सटे गांव में प्रधान से लेकर चौकीदार तक सभी को साथ लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने एवं ग्रामीणों, वन विभाग और प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने पिछले दिनों में बाघ के हमले में मारे गए चार लोगों क्रमश: मिहीलाल, तसलीम अहमद, शमशुल रहमान मलिक और कुंवरसेन के आश्रितों (चारों की पत्नियों) को वनविभाग की ओर से दिए गए पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे और बाढ़ पीड़ित चार परिवारों को आपदा राहत कोष से दी गई धनराशि के प्रमाणपत्र प्रदान किया। सुरक्षा उपायों पर चर्चा करते हुए उन्होंने जंगल से सटे 273 गांव में ओडीएफ व उज्जवला योजना से संतृप्त करने और बिजली व्यवस्था के लिए सोलर लाइटें आदि लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर की तैनाती करने और वन चौकियों को सक्रिय करने का भी आश्वासन दिया।
बाघ के साथ बाढ़ पर भी उन्होंने चर्चा की। साथ ही बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को हर तरह से तैयार रहने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, वनमंत्री दारा सिंह चौहान, प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, विधायक रामसरन वर्मा, संजय गंगवार, किशनलाल राजपूत, बाबूराम पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार, प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक एसके उपाध्याय, डीएम शीतल वर्मा, एसपी कलानिधि नैथानी, मुख्य वन संरक्षक अरविंद गुप्ता, वन संरक्षक वीके सिंह, डीएफओ कैलाश प्रकाश, आदर्श कुमार सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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पीड़ितों को बांटे सहायता राशि के प्रमाणपत्र
बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने बुधवार को बाघ के हमलों में मारे जा रहे किसानों पर चिंता जताई। सर्वे के बाद कलक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि किसान और बाघ दोनों की सुरक्षा जरूरी हैं। जंगल किनारे रहने वालों की सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। इस मौके पर उन्होंने बाघ के हमले में मारे गए चार लोगों के परिवारों को 5-5 लाख और बाढ़ काटन पीड़ित चार परिवारों को दो-दो लाख रुपये की धनराशि के प्रमाणपत्र सौंपेे। बाघ पीड़ित 18 में मात्र चार को ही मुआवजा मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और सभी को शीघ्र मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एक दिवसीय दौरे पर बाघ और बाढ़ की समीक्षा करने बुधवार को हेलीकाप्टर से पीलीभीत पहुंचे। पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड पर उतरने के बाद कार से कलक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार गए। वहां मुख्यमंत्री ने बाघ की घटनाओं पर चर्चा करते हुए उसे पकड़ने को अब तक हुए उपायों की जानकारी ली। बाघ के लगातार बढ़ते हमलों के बाद भी उसे बेहोश कर न पकड़े जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने प्रशासन से जंगल से सटे गांव में प्रधान से लेकर चौकीदार तक सभी को साथ लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने एवं ग्रामीणों, वन विभाग और प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने पिछले दिनों में बाघ के हमले में मारे गए चार लोगों क्रमश: मिहीलाल, तसलीम अहमद, शमशुल रहमान मलिक और कुंवरसेन के आश्रितों (चारों की पत्नियों) को वनविभाग की ओर से दिए गए पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे और बाढ़ पीड़ित चार परिवारों को आपदा राहत कोष से दी गई धनराशि के प्रमाणपत्र प्रदान किया। सुरक्षा उपायों पर चर्चा करते हुए उन्होंने जंगल से सटे 273 गांव में ओडीएफ व उज्जवला योजना से संतृप्त करने और बिजली व्यवस्था के लिए सोलर लाइटें आदि लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर की तैनाती करने और वन चौकियों को सक्रिय करने का भी आश्वासन दिया।
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बाघ के साथ बाढ़ पर भी उन्होंने चर्चा की। साथ ही बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को हर तरह से तैयार रहने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, वनमंत्री दारा सिंह चौहान, प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, विधायक रामसरन वर्मा, संजय गंगवार, किशनलाल राजपूत, बाबूराम पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार, प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक एसके उपाध्याय, डीएम शीतल वर्मा, एसपी कलानिधि नैथानी, मुख्य वन संरक्षक अरविंद गुप्ता, वन संरक्षक वीके सिंह, डीएफओ कैलाश प्रकाश, आदर्श कुमार सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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