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अमरिया में बाघ ने गाय को बनाया निवाला, ग्रामीणों में दहशत

Thu, 12 Sep 2019 02:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 02:35 AM IST
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पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र में बाघों की दहशत लोगों के लिए मुसीबत बनी गई है। मंगलवार रात खेतों में चहलकदमी कर रहा बाघ कैमोर गांव की सीमा में पहुंच गया और घास चर रही एक गाय को निवाला बना लिया। बुधवार सुबह जानकारी लगते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना के बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना किया।
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कैमोर निवासी महावीर सिंह के आधा दर्जन मवेशी रोजाना की तरह मंगलवार को भी गांव की सीमा में खेतों की ओर चरने निकले थे। देर शाम एक गाय नहीं लौटी, तो ग्रामीणों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन रात हो जाने की वजह से उसका कोई सुराग नहीं लग सका। बुधवार सुबह गांव के बाहर गन्ने के खेत में किसानों ने गाय का शव पड़ा देखा तो दहशत फैल गई। गर्दन में हमले के निशान होने के चलते बाघ द्वारा निवाला बना लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव आकर मामले की जानकारी वन विभाग को दी। क्षेत्रीय टीम के चेतन कुमार, शैलेंद्र कुमार ने मौका मुआयना किया। गन्ने के भीतर के होने के चलते शव को वहीं पड़ा रहने दिया गया। वन दरोगा देव ऋषि ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बाघ की सक्रियता को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। 000
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कई दिनों से घरों में उत्पात मचा रही नीलगाय
बाघ के अलावा खेतों में चहलकदमी कर रही एक नीलगाय भी पैरीफार्म की सीमा में जमकर उत्पात मचा रही है। आधा दर्जन घरों में घुसकर लोगों चोटिल कर चुकी है। बताया जा रहा है कि इस नीलगाय को पूर्व में रेस्क्यू कर जंगल क्षेत्र में छोड़ा जा चुका है, लेकिन वह पुन: आबादी क्षेत्र में पहुंच गई है। किसान परमवीर सिंह पैरी ने नीलगाय को पकड़ने की मांग की है।
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बाघों की चहलकदमी के चलते फसलों की देखरेख के लिए खेतों की ओर जाने में भी खतरा बना रहता है। खेतों में लगातार बाघों के पगचिह्न मिल रहे हैं। हम लोग दहशत के साए में खेती कर रहे हैं।

- काले सिंह, किसान
पिछले कई सालों से क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी देखी जा रही है। वन विभाग ने आज तक बाघों की रोकथाम के कोई प्रयास नहीं किए। नतीजतन बाघों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। निगरानी के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है।
- विश्राम सिंह, ग्राम प्रधान
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