{"_id":"69c04bbe52d295083a0e5aa3","slug":"tiger-footprints-were-found-on-the-second-day-as-well-pilibhit-news-c-121-1-pbt1011-155962-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: दूसरे दिन भी मिले बाघ के पैरों के निशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: दूसरे दिन भी मिले बाघ के पैरों के निशान
विज्ञापन
हजारा थाना क्षेत्र के गांव रामनगर के समीप बाघ को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा- वन विभाग
पूरनपुर। छुट्टा बछड़े का शिकार करने वाले बाघ के पैरों के निशान तो दूसरे दिन रविवार को भी गांव भरतपुर में आबादी के समीप मिले, लेकिन वह वहां कहीं देखा नहीं गया। लगाए गए कैमरों में भी उसकी तस्वीर कैद नहीं हुई।
क्षेत्र में बाघ और दो-तीन तेंदुओं की पिछले कई दिनों से हो रही चहल-कदमी पर संपूर्णानगर रेंज कार्यालय में रविवार को क्षेत्र के प्रधानों और प्रमुख लोगों ने बैठक कर संवाद किया। हजारा थाना क्षेत्र में गांव भरतपुर मेें आबादी के समीप बाघ ने शुक्रवार को छुट्टा बछड़ा को मार डाला था। शोर-शराबा पर बाघ शिकार को पास के गन्ना के खेत में खींच ले गया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को बाघ के पैरों के निशान मिले थे। ड्रोन कैमरे से बाघ की तलाश की गई। कैमरे भी लगाए गए। बाघ न तो ड्रोन कैमरे में कैद हुआ और न ही कैमरों में उसकी तस्वीर आई। संवाद
पिंजरे में कैद नहीं हो पाया बाघ
गांव रामनगर से भरतपुर तक बाघ की पिछले कई दिनों से हो रही चहल-कदमी पर गांव रामनगर के समीप पिंजरा भी लगाया गया। हालांकि पिंजरा के समीप बाघ नहीं पहुंचा।
गांव भरतपुर और रामनगर मेें आबादी के समीप रविवार को भी बाघ के पैरों के निशान मिले। संपूर्णानगर के रेंजर ललित कुमार ने बताया कि बाघ दो दिन गांव भरतपुर तो दो दिन गांव रामनगर के समीप चहल-कदमी कर रहा है। रामनगर से भरतपुर की ओर आने के पैरों के निशान कई दिनों से मिल रहे हैं। उसके रामनगर को वापस होने के निशान नहीं मिल पा रहे है।
विज्ञापन
बाघ या तो खेतों में होते हुए या नाले से वापस रामनगर को लौट रहा है। उन्होंने बताया कि बाघ की निगरानी टीम लगातार कर रही है।
-- -- --
संवाद में ग्रामीणों से मांगा गया सुझाव
रविवार को रेंज कार्यालय में क्षेत्र के प्रधानों, प्रमुख लोगों को बुलाकर संवाद किया गया। संवाद में एक ओर दुधवा टाइगर रिजर्व, दूसरी ओर पीटीआर और फिर नेपाल जंगल होने से वन्यजीवों की आवाजाही की जानकारी दी गई। मानव-वन्यजीव संघर्ष की जानकारी दी गई। साथ ही प्रधान और अन्य लोगों से सुझाव मांगे गए। संवाद में हजारा, भरतपुर, नहरोसा आदि गांव के प्रधान और पूर्व प्रधान आदि मौजूद रहे।
-- -- -- -
बाघ को ट्रैंक्युलाइज, तेंदुआ को पिंजरा में कैद करने की मिली अनुमति
पूरनपुर। हजारा थाना क्षेत्र में कई दिन से चहल-कदमी कर रहे बाघ को ट्रैंक्युलाइज (बेहोश) कर पकड़ने और तेंदुआ को पिंजरा लगाकर कैद करने की अनुमति मिली है। संपूर्णानगर के रेंजर ललित कुमार ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए रामनगर के अलावा गांव भरतपुर के समीप भी पिंजरा लगाया गया है। बाघ को ट्रैंक्युलाइज कराने और तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। संवाद
विज्ञापन
क्षेत्र में बाघ और दो-तीन तेंदुओं की पिछले कई दिनों से हो रही चहल-कदमी पर संपूर्णानगर रेंज कार्यालय में रविवार को क्षेत्र के प्रधानों और प्रमुख लोगों ने बैठक कर संवाद किया। हजारा थाना क्षेत्र में गांव भरतपुर मेें आबादी के समीप बाघ ने शुक्रवार को छुट्टा बछड़ा को मार डाला था। शोर-शराबा पर बाघ शिकार को पास के गन्ना के खेत में खींच ले गया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को बाघ के पैरों के निशान मिले थे। ड्रोन कैमरे से बाघ की तलाश की गई। कैमरे भी लगाए गए। बाघ न तो ड्रोन कैमरे में कैद हुआ और न ही कैमरों में उसकी तस्वीर आई। संवाद
विज्ञापन
पिंजरे में कैद नहीं हो पाया बाघ
गांव रामनगर से भरतपुर तक बाघ की पिछले कई दिनों से हो रही चहल-कदमी पर गांव रामनगर के समीप पिंजरा भी लगाया गया। हालांकि पिंजरा के समीप बाघ नहीं पहुंचा।
गांव भरतपुर और रामनगर मेें आबादी के समीप रविवार को भी बाघ के पैरों के निशान मिले। संपूर्णानगर के रेंजर ललित कुमार ने बताया कि बाघ दो दिन गांव भरतपुर तो दो दिन गांव रामनगर के समीप चहल-कदमी कर रहा है। रामनगर से भरतपुर की ओर आने के पैरों के निशान कई दिनों से मिल रहे हैं। उसके रामनगर को वापस होने के निशान नहीं मिल पा रहे है।
विज्ञापन
बाघ या तो खेतों में होते हुए या नाले से वापस रामनगर को लौट रहा है। उन्होंने बताया कि बाघ की निगरानी टीम लगातार कर रही है।
संवाद में ग्रामीणों से मांगा गया सुझाव
रविवार को रेंज कार्यालय में क्षेत्र के प्रधानों, प्रमुख लोगों को बुलाकर संवाद किया गया। संवाद में एक ओर दुधवा टाइगर रिजर्व, दूसरी ओर पीटीआर और फिर नेपाल जंगल होने से वन्यजीवों की आवाजाही की जानकारी दी गई। मानव-वन्यजीव संघर्ष की जानकारी दी गई। साथ ही प्रधान और अन्य लोगों से सुझाव मांगे गए। संवाद में हजारा, भरतपुर, नहरोसा आदि गांव के प्रधान और पूर्व प्रधान आदि मौजूद रहे।
बाघ को ट्रैंक्युलाइज, तेंदुआ को पिंजरा में कैद करने की मिली अनुमति
पूरनपुर। हजारा थाना क्षेत्र में कई दिन से चहल-कदमी कर रहे बाघ को ट्रैंक्युलाइज (बेहोश) कर पकड़ने और तेंदुआ को पिंजरा लगाकर कैद करने की अनुमति मिली है। संपूर्णानगर के रेंजर ललित कुमार ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए रामनगर के अलावा गांव भरतपुर के समीप भी पिंजरा लगाया गया है। बाघ को ट्रैंक्युलाइज कराने और तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। संवाद