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Pilibhit News: स्कूलों में पहुंचेगी बाघ एक्सप्रेस, बच्चों को सिखाएगी वन्यजीवों से बचाव के तरीके
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1692 विद्यालयों में चलेगा जागरूकता अभियान, हर ब्लॉक से 40 शिक्षक बनेंगे मास्टर ट्रेनर
पीलीभीत। मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी अंकुश लगाने और मानव-बाघ सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) ने अब विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की है। जंगल से सटे संवेदनशील गांवों के बाद अब बाघ एक्सप्रेस वाहन परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को वन्यजीवों के व्यवहार और उनसे बचाव के तरीके बताएगी।
पीटीआर की सीमा से सटे 72 गांवों में नवंबर 2024 से मानव-बाघ सह-अस्तित्व जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बाघ एक्सप्रेस के जरिए ग्रामीणों को जागरूक किया गया। पीटीआर के अनुसार, अभियान के बाद करीब एक साल में मानव-बाघ संघर्ष में किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
अब इसी अभियान को विद्यालयों तक विस्तार दिया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के 1500 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 192 विद्यालयों समेत कुल 1692 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक ब्लॉक से 40-40 शिक्षक-शिक्षिकाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये शिक्षक विद्यालयों में बच्चों को वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने, उनके व्यवहार को समझने और संघर्ष की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी देंगे। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि विद्यालयों के माध्यम से नई पीढ़ी को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ सह-अस्तित्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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पीलीभीत। मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी अंकुश लगाने और मानव-बाघ सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) ने अब विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की है। जंगल से सटे संवेदनशील गांवों के बाद अब बाघ एक्सप्रेस वाहन परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को वन्यजीवों के व्यवहार और उनसे बचाव के तरीके बताएगी।
पीटीआर की सीमा से सटे 72 गांवों में नवंबर 2024 से मानव-बाघ सह-अस्तित्व जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बाघ एक्सप्रेस के जरिए ग्रामीणों को जागरूक किया गया। पीटीआर के अनुसार, अभियान के बाद करीब एक साल में मानव-बाघ संघर्ष में किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
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अब इसी अभियान को विद्यालयों तक विस्तार दिया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के 1500 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 192 विद्यालयों समेत कुल 1692 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक ब्लॉक से 40-40 शिक्षक-शिक्षिकाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये शिक्षक विद्यालयों में बच्चों को वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने, उनके व्यवहार को समझने और संघर्ष की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी देंगे। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि विद्यालयों के माध्यम से नई पीढ़ी को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ सह-अस्तित्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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