{"_id":"579f85214f1c1b5a7b2b941d","slug":"tiger-cubs-the-disclosure-of-information-to-be-buried-in-the-soil","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ के शावक मिट्टी में दबे होने की सूचना से हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ के शावक मिट्टी में दबे होने की सूचना से हड़कंप
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2016 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमरिया क्षेत्र में जंगल के बाहर बाघ के दो शावक मिट्टी में दबे होने की सूचना से हड़कंप मच गया। डीएफओ के निर्देश पर सामाजिक वानिकी की टीम मौके पर पहुंची लेकिन कहीं भी शावक या उनके पदचिन्ह नहीं मिले। ग्रामीणों से जानकारी लेने के बाद टीम लौट आई।
अमरिया क्षेत्र में शुक्ला फार्म के पास डेढ़ साल से बाघ का जोड़ा देखा जा रहा है। पिछले साल इस जोड़े के शावक भी देखे गए थे। सोमवार को क्षेत्र के कुछ लोगों ने वन विभाग को सूचना दी कि बाघ के दो शावक मिट्टी में दब गए हैं लेकिन आसपास बाघ होने की संभावना के चलते ग्रामीण उन्हें निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। बाघ के दो शावक मिट्टी में दबे होने की सूचना से वन विभाग में हड़कंप मच गया। डीएफओ के निर्देश पर डिप्टी रेंजर अरुण मोहन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से जानकारी लेकर बाघ के शावकों की तलाश की लेकिन वे कहीं नहीं मिले। इस दौरान सूचना देने वाले से भी पूछताछ की गई लेकिन फिर शावकों का पता नहीं चला। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि बाघ के शावक मिट्टी में दबे होने की सूचना पर टीम को भेजा गया था। काफी तलाश के बाद भी न तो बच्चे मिले और न ही उनके पदचिन्ह। किसी ने अफवाह उड़ा दी थी। हालांकि फिर भी टीम को ग्रामीणों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अमरिया क्षेत्र में शुक्ला फार्म के पास डेढ़ साल से बाघ का जोड़ा देखा जा रहा है। पिछले साल इस जोड़े के शावक भी देखे गए थे। सोमवार को क्षेत्र के कुछ लोगों ने वन विभाग को सूचना दी कि बाघ के दो शावक मिट्टी में दब गए हैं लेकिन आसपास बाघ होने की संभावना के चलते ग्रामीण उन्हें निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। बाघ के दो शावक मिट्टी में दबे होने की सूचना से वन विभाग में हड़कंप मच गया। डीएफओ के निर्देश पर डिप्टी रेंजर अरुण मोहन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से जानकारी लेकर बाघ के शावकों की तलाश की लेकिन वे कहीं नहीं मिले। इस दौरान सूचना देने वाले से भी पूछताछ की गई लेकिन फिर शावकों का पता नहीं चला। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि बाघ के शावक मिट्टी में दबे होने की सूचना पर टीम को भेजा गया था। काफी तलाश के बाद भी न तो बच्चे मिले और न ही उनके पदचिन्ह। किसी ने अफवाह उड़ा दी थी। हालांकि फिर भी टीम को ग्रामीणों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन